Control Valve in Hindi – कण्ट्रोल वाल्व कार्य एवं प्रकार

नमस्कार दोस्तों आज के इस पोस्ट Control Valve in Hindi में कण्ट्रोल वाल्व को विस्तार से जानेगे।  कंट्रोल वाल्व क्या होता है ? कण्ट्रोल वाल्व  कितने प्रकार के होते हैं ? इसके प्रमुख काम क्या होते हैं ? अगर आप इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि इस पोस्ट को आखिर तक पढ़े।

 

Valve क्या होता है ?- What is Control Valve in Hindi

Control Valve का मतलब होता है ऐसा उपकरण जो किसी प्रकार के भी तरल पदार्थ को आसानी से नियंत्रित कर सके,चाहे वह पानी हो या कोई भी तरल पदार्थ । कण्ट्रोल वाल्व इसके नाम में ही इसका अर्थ छुपा हुआ है। यह तरल पदार्थ को कण्ट्रोल करता है। इसमें पानी, स्टीम, कही प्रकार के केमिकल के फ्लो, प्रेशर, तापमान, को कण्ट्रोल करता है।

केमिकल एवं पेट्रो केमिकल इंडस्ट्रीज में Control Valve बहुत महत्व की भूमिका अदा करते है। खास कर जहा प्रोसेस में ऑटोमेशन ज्यादा होता है, वहां कण्ट्रोल वाल्व से ही पूरा प्रोडक्शन मैनटैन होता है।

Control Valve in Hindi

 

Valve शब्द लैटिन भाषा से लिया गया है जिसका मतलब होता है फिटिंग उपकरण यानि कहने का मतलब है कि अगर कोई भी चीज चाहे वह गैस या लिक्विड तो उसके प्रवाहित को रोकना या नियंत्रित करना उसे हम लोग valve कहते हैं I

कण्ट्रोल वाल्व प्रोसेस पैरामीटर को कण्ट्रोल करता है।

 

Control Valve कितने प्रकार का होता है – Types of Control Valve In Hindi

वैसे तो Control  valve  बहुत सारे प्रकार के होते हैं। कण्ट्रोल वाल्व की रचना के आधार पर, पावर के आधार पर, ऑपरेशन के आधार पर जिसका विवरण निचे दिया गया है।  लेकिन जिसका इस्तेमाल अधिकांश होता है, उसी का विवरण में आपको नीचे क्रमानुसार संक्षिप्त दिया गया है।

 

ऑपरेशन के आधार पर  पावर के आधार पर  रचना और एप्लीकेशन के आधार पर 
मैन्युअली कण्ट्रोल वाल्व न्यूमैटिक कण्ट्रोल वाल्व गेट वाल्व प्लग वाल्व
ऑटो कण्ट्रोल वाल्व इलेक्ट्रिक  कण्ट्रोल वाल्व ग्लोब वाल्व पिंच वाल्व
  ह्य्द्रौलिक कण्ट्रोल वाल्व बॉल वाल्व नीडल वाल्व
    चेक वाल्व प्रेसर रिलीफ वाल्व
    बटरफ्लाई वाल्व एक्सियल वाल्व 

इसके आलावा भी इसके सब प्रकार बहुत है, जो अलग – अलग एप्लीकेशन में उपयोग किया जाता है।

 

Control Valve ऑपरेशन के आधार पे ऑटो और मैन्युअल दो प्रकार के होते है।

 

Manual Control Valve

मैन्युअल कण्ट्रोल वाल्व का ऑपरेशन करने के लिए ऑपरेटर की जरुरत होती है। ये वाल्व लाइन में लगे होते है। इसे ऑपरेट करने के लिए हैंडल या व्हील की रचना होती है।

इस वाल्व को फिजिकली ओपन या क्लोज किया जाता है। या फिर हमारी जरूरियात के अनुशार हम पर्सिअली ओपन या क्लोज कर सकते है। किसी भी प्लांट फील्ड ओपेरटर इसे हैंडल करते है।

 

Automatic Control Valve

automatic Control Valve ऑटो में ऑपरेट होते है। इस वाल्व को कण्ट्रोल करने के लिए कंट्रोलर लगाया जाता है। इस कंट्रोलर को एयर प्रेसर या न्यूमैटिक से ऑपरेट किया जाता है।

इसमें I to P कनवर्टर का इस्तेमाल किया जाता है। कंट्रोलर प्रोसेस पैरामीटर को कण्ट्रोल करता है। हमें पहले प्रोसेस पैरामीटर की वैल्यू सेट करनी पड़ती है। हमारी सेट की गयी वैल्यू के आधार पर कंट्रोलर वाल्व को ओपन क्लोज करता है। और प्रोसेस पैरामीटर को मेन्टेन करता है।

इस प्रकार के वाल्व को कण्ट्रोल रूम ( DCS Room ) से भी किया जाता है। DCS का ऑपरेटर प्लांट की पूरी प्रोसेस पर निगरानी रखता है। सभी पैरामीटर की स्थिति को जांचता है। जरुरत पड़ने पर कण्ट्रोल पैनल से वाल्व को ओपन क्लोज का कमांड दिया जाता है।

 

रचना और एप्लीकेशन के  आधार पर कण्ट्रोल वाल्व के प्रकार निम्लिखित है ।

  • Gate Valve (गेट वाल्व)
  • Globe Valve (ग्लोब वाल्व)
  • Butterfly Valve (बटरफ्लाई वाल्व)
  • Ball Valve (बॉल वाल्व)
  • Plug Valve (प्लग वाल्व)
  • Pinch Valve (पिंच वाल्व)
  • Needle Valve (नीडल वाल्व)
  • Check Valve (चेक वाल्व)
  • Pressure Relief valve प्रेशर रिलीफ(सेफ्टी

 

Control Valve in Hindi
 

 

Gate valve –

Gate valve का इस्तेमाल सबसे अधिक किया जाता है। इस प्रकार Control Valve का अधिकांश उपयोग ऑफिस में किया जाता है। अगर आप किसी प्रकार की भी सरकारी या प्राइवेट ऑफिस में जाएंगे तो आपको इस प्रकार के valve दिखाई पड़ेंगे।

इसका प्रमुख काम है किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ को रोकना नहीं बल्कि उसे पूरी तरह से बंद कर देता है।  इसे हम लोग स्लुइस वाल्व भी कहते हैं।

गेट वाल्व का उपयोग फुल्ली ओपन या फुल्ली क्लोज करने के लिए किया जाता है। इस प्रकार के Control Valve को थ्रोटल करने से आउटपुट ठीक से नहीं मिलता है। जब इसे थ्रोटल करते है, तो इसमें वाइब्रेशन और कविएशन बढ़ जाता है। इसके कारण लीकेज होने के चांस भी बढ़ जाते है।

गेट वाल्व का उपयोग स्टीम, एयर, पानी, लुबे आयल, ह्य्द्रोकार्बन जैसी तरल पदार्थ को नियंत्रण करने हेतु किया जाता है।

 

Globe valve –

Globe Valve का इस्तेमाल वहां किया जाता है, जहां पर  प्रेशर का लेवल काफी अधिक होता है। ताकि उसके लेवल को कम या नियंत्रित किया जा सके।

Globe Control Valve इसकी सबसे बड़ी खासियत होती है कि इसके द्वारा आप किसी भी प्रकार के हाई प्रेशर को कम समय में पूरी तरह से बंद कर सकते हैं । इसकी कीमत भी काफी अधिक होती है ।

ग्लोब वाल्व को स्टॉप चेक वाल्व के तोर पर भी उपयोग कर सकते है। इसका शटऑफ केपेबिलिटी अच्छा है।

ग्लोब वाल्व का उपयोग फ्यूल आयल सिस्टम में किया जाता है। फीड वाटर और केमिकल फीड की प्रक्रिया में किया जाता है। बायलर में मुख्य स्टीम वाल्व और स्टीम के ड्रेन वाल्व में किया जाता है। पावर प्लांट में टरबाइन के लुब आयल सिस्टम में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

 

Butterfly valve –

इस प्रकार के वाल्व में ओपन क्लोज के दौरान डिस्क बटरफ्लाई की पंखो की तरह मूवमेंट करती है। इसीलिए इसे बटरफ्लाई वाल्व कहते है। इस में उपयोग होने वाली डिस्क बहुत हलकी होती है। ये स्पेशल होती है और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन के लिए बहुत खास होती है।

इस प्रकार का Control valve  वाल्व क्वार्टर-टर्न रोटरी मोशन वाल्व होता है। Butterfly Control Valve किसी प्रकार के भी flow को कम ज्यादा और नियंत्रित करने के लिए उपयोग में लाए जाते हैं ।

इस प्रकार के valve की सबसे बड़ी खासियत है कि, इसकी बॉडी काफी पतली होती है। इसलिए आप इसे किसी प्रकार के भी पाइप के अंदर आसानी से फिट कर सकते हैं। क्योंकि इसका इस्तेमाल विशेष तौर पर पानी के पाइपों को कंट्रोल बंद या नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

Butterfly Valve

Control Valve in Hindi

बटरफ्लाई Control Valve कीमत में सस्ता होता है। ओस इसमें मैंटेनैंस की कोस्ट भी बहुत कम रहती है।

बटरफ्लाई वाल्व जहा जगह कम हो ऐसी जगह पे लगाया जाता है। इसका उपयोग कूलिंग वाटर, वैक्यूम सर्विस, एयर, गेसिस, फायर प्रोटेक्शन, कंप्रेस्ड एयर और गैस में होता है।

 

Ball Valve –

Ball Valve के द्वारा आप किसी भी तरल पदार्थ को आसानी से नियंत्रित और निर्देशित कर सकते हैं । इस प्रकार के valve ¼ valve के नाम से भी जानते हैं । इसके शानदार फ्लर्टिंग बॉल होते हैं, जिनके माध्यम से ही तरल पदार्थ को नियंत्रित या निर्देशित किया जाता है। और इसकी बनावट सिरेमिक और प्लास्टिक के द्वारा होती है।  इसलिए काफी टिकाऊ भी होते हैं ।

बॉल वाल्व की सबसे बड़ी खासियत है कि किसी भी प्रकार के प्रेशर को झेल सकता है। लेकिन यह कुल मिलाकर इस बात पर निर्भर करता है कि इसकी बनावट और इसका डिजाइन किस प्रकार का है।  इसके रचना के अनुसार या प्रेशर को carry कर सकता है।

Ball Valve

Control Valve in Hindi

बॉल वाल्व भी इसकी रचना के आधार पर तीन प्रकार के होते है। जिसमे एक इनलेट और ट्व आउटलेट, एक इनलेट एक आउटलेट और एक डाइवेटेड लाइन होती है। और तीसरा स्ट्रैट पास याने मटेरियल को सीधा पसार करने वाला होता है।

अलग – अलग प्रकार के तरल पदार्थ में इसका इसका इस्तेमाल किया जाता है।  एयर, गैस, वेपर और ह्य्द्रोकार्बन सिस्टम में इसका इस्तेमाल किया जाता है। हाई प्रेसर और हाई तापमान में इसका आउटपुट अच्छा रहता है।

 

Plug valve

Plug valve का उपयोग ऑन-ऑफ वाल्व की तरह होता है परन्तु इसके डिस्क में दूसरे वाल्व से काफी अंतर होता है। इन वाल्व का डिस्क प्लग शेप में होता है, इसीलिए इनको प्लग वाल्व कहा जाता है। इसे स्लिम वाल्व भी कहा जाता है।

इस प्रकार के Control Valve किसी प्रकार के भी हाई प्रेशर या हाई टेंपरेचर वाले तरल पदार्थ को आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं।

इसका इस्तेमाल विशेष तौर पर vacuum pump जैसे यंत्रों में किया जाता है। गैस और लिक्विड को हैंडल कर सकता है। केमिकल इंडस्ट्रीज में स्लरी को कण्ट्रोल करने में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

 

Pinch valve

Pinch Valve को कही कही क्लैंप वाल्व भी कहा जाता है। यह linear motion valve होता है।

इस प्रकार के  वाल्व में अंदर एक रबर ट्यूब होती है, इसी ट्यूब की मदद से पिंच वाल्व में प्रवाह को कन्ट्रोल किया जाता है। इस वाल्व में हम सॉलिड मेटीरियल को भी कन्ट्रोल के लिए उपयोग ले सकते है।

इस प्रकार इस प्रकार के Control Valve के द्वारा सॉलिड या गैस जैसे तरल पदार्थ को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

Corrosive और Abrasive  की जगह पे इसका आउटपुट बहुत अच्छा रहता है। इस प्रकार के वाल्व में बहुत अच्छी सीलिंग रचना है, जो पदार्थ का लीकेज होने का चांस नहीं रहता है। इसका क्लोजिंग और ओपनिंग टाइम भी बहुत कम रहता है। इसमें एनर्जी कोन्सुम्प्शन भी बहुत कम होता है।

 

Needle Valve-

Needle Valve एक ऐसा valve होता है जिसमें सुई के आकार का नीडल होता है। जिसके द्वारा ही तरल पदार्थ को नियंत्रित और निर्देशित किया जाता है इसीलिए इसका नाम needle valve रखा गया है।  इसका इस्तेमाल विशेष तौर पर ऐसा जगह पर किया जाता है जहां पर प्रेशर की मात्रा बिल्कुल निश्चित होती है।

नीडल Control Valve  को तेल, पानी, भाप, हवा, गैस को भी कण्ट्रोल करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।  मीटरिंग एप्लीकेशन में इसका ज्यादा इस्तेमाल होता है। विशेष तोर पर प्रेसर गेज, फ्लो मीटर, अमोनिया में इसका उपयोग किया जाता है।

 

Check Valve

Check Valve विशेष प्रकार का valve होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह किसी भी तरल पदार्थ को एक ही डायरेक्शन में लेकर जाता है। और अगर कोई भी दूसरी दिशा से अगर कोई तरल पदार्थ आ रहा है तो उसके रास्ते को बंद कर देता है। और उसे पुनः उसी रास्ते की ओर मुड़ जाता है जिस दिशा में तरल पदार्थ को यह निर्देशित करता है।

इसके अलावा यह प्रेशर को भी नियंत्रित करने का काम करता है और उसे एक ही दिशा की तरफ प्रवाहित करवाता है। इसीलिए इसे प्रिवेंट बेक फ्लो वाल्व भी कहते है।

चेक कण्ट्रोल वाल्व अक्सर कुछ प्रकार के पंपों के साथ उपयोग किए जाते हैं। पिस्टन-चालित और डायाफ्राम पंप जैसे मीटरिंग पंप और क्रोमैटोग्राफी के लिए पंप आमतौर पर इनलेट और आउटलेट बॉल चेक वाल्व का उपयोग करते हैं। ये वाल्व अक्सर इनलेट और आउटलेट लाइनों पर पंप हेड से जुड़े छोटे सिलेंडरों की तरह दिखते है।

Check Control Valve का इस्तेमाल चेक वाल्व आमतौर पर खिलौने, गद्दे और नावों जैसे इनफ़्लैटेबल में उपयोग किए जाते हैं। यह वस्तु को निरंतर या बिना बिना प्रेशर के फुलाने  की अनुमति प्रदान करता है I

 

Safety valve –

Safety valve का मतलब होता है कि किसी भी मशीन यंत्र को रक्षा प्रदान करना ताकि कोई भी व्यक्ति जब  मशीनों पर काम करें तो उसे दुर्घटना से बचा जा सके। इसीलिए हम इसे safety valve कहते हैं ।

इस प्रकार के वाल्व को PRV ( प्रेसर रिलीफ वाल्व ) भी कहा जाता है। जिसका मुख्य काम कण्ट्रोल सिस्टम फ़ैल होने पर मानहानि और जनहानि को रोकना है। ये वाल्व प्रेसर के सेटिंग के आधार पर ऑटो में काम करता है।

Safety Valve

Control Valve in HindiControl Valve in Hindi

इसका कार्य करने का तरीका काफी आसान है। जब किसी भी शक्तिशाली मशीन के पावर सिस्टम में अधिक प्रेशर हो जाता है, तो इसके द्वारा एक प्रकार का अलार्म आने लगता है। और वह उस प्रेशर को कुछ समय के अंदर ही उस मशीन से बाहर निकाल देता है। जिससे मशीन के अंदर पावर का जो क्षमता है उस पर मैनेज करने में आसानी होती है जिससे कोई भी दुर्घटना जैसी स्थिति को टाला जा सकता है।

Safety Valve Use

सेफ्टी वाल्व का उपयोग बायलर में किया जाता है। यहाँ हाई प्रेसर और हाई तापमान की स्टीम को कण्ट्रोल किया जाता है। यहाँ कण्ट्रोल सिस्टम फ़ैल होती है तो बड़ा अकस्मात होने की सम्भावना होती है। ऐसे में सेफ्टी वाल्व स्टीम प्रेसर को रीलीज़ कर देता है।

सेफ्टी वाल्व का उपयोग ट्रांसफार्मर प्रोटेक्शन के लिए भी किया जाता है। एब्नार्मल परिश्थिति में पहले यह अलार्म देता है और बादमे ट्रिपिंग का कमांड देता है। इसे बुचोल्ज रिले कहते है, जो प्रेसर से ऑपरेट होती है।

Safety valve का इस्तेमाल विशेष तौर पर प्रेशर कुकर में क्या जाता है। जहां पर जब कुकर के अंदर प्रेशर अधिक हो जाता है तो आप लोगों ने देखा होगा कि प्रेशर कुकर से आवाज आने लगती है। और उसके बाद जो भी प्रेशर कुकर के अंदर प्रेशर होता है उसे बाहर निकाल देता है।

 

Control Valve का उपयोग कहां कहां किया जाता है-

वाल्व का उपयोग हरेक जगह किया जाता है। बिना Control Valve के किसी तरल पदार्थ का वहन और नियंत्रण संभव नहीं है। इसीलिए डोमेस्टिक हो या इंडस्ट्रियल, कॉर्पोरेट ऑफिस हो या प्लेन हर जगह वाल्व का उपयोग किया जाता है।

  • कोई पानी का प्लांट हो जिसमे पानी के फ्लो को नियंत्रित करने करने के लिए हम लोग valve का इस्तेमाल करते हैं
  • किसी इंडस्ट्रीज में स्टीम लाइन में स्टीम को नियंत्रित करने में हम लोगों को भोले का प्रयोग करना होगा तभी जाकर आप उस इंडस्ट्री मे stream के गति को नियंत्रित कर पाएंगे
  • इसके अलावा आप लोगों का तो खेतीबाड़ी करते हैं तो उसमें हम लोग सिंचाई से जुड़े हुए यंत्र का इस्तेमाल करते हैं उसके भी flow को रोकने के लिए हम इसका प्रयोग करते हैं
  • इसके अलावा अनेकों प्रकार घरेलू चीजों से जुड़े हुए कामों को करने के लिए भी हमें इसका इस्तेमाल करना होता है। जैसे गैस के स्टोव में उपयोग किया जाने वाला वाल्व भी एक कण्ट्रोल वाल्व ही है, जो गैस के फ्लो को कण्ट्रोल करता है।
  • प्रोसेस इंडस्ट्रीज में प्रोसेस के पैरामीटर कण्ट्रोल करने के लिए Control Valve का उपयोग किया जाता है । इस पैरामीटर में तरल पदार्थ का तापमान, प्रेसर, फ्लो, को कण्ट्रोल किया जाता है।
  • उपकरण एवं मानव को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बॉयलर जैसे उपकरण में Safety Control Valve के तोर पर इस्तेमाल होता है।

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Conclusions- उम्मीद करता हूं कि Control Valve in Hindi में वाल्व का विवरण आपके लिए Helpful  होगा। यहाँ हमने वाल्व के काम उसके प्रकार, भाग एवं उपयोग  का वर्णन किया है ।  कण्ट्रोल वाल्व से जुड़ा आपके मन में कोई सवाल है, तो मेरे कमेंट बॉक्स में आकर पूछे मैं आपके सवालों का जवाब अवश्य दूंगा ।

 

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