Skip to content

What is 5s In Hindi – 5s सिस्टम क्या है ?


कोई संस्था, कोई ऑफिस, कोई कचेरी या किसी के घर की स्थिति हमें आकर्षित करे तो निश्चित मन रोमांचित हो जाता  है। उस जगह को मेन्टेन करने का काम सामान्य तरीके से नहीं होगा, ये हम समज सकते है। What is 5S In Hindi के इस आर्टिकल में हम 5S System के बारेमे जानेंगे। जो किसी भी संस्था या कर्मचारी को एक मोर्नल लेवल से ऊपर ले जाने का काम करता है।

किसी भी काम के लिए एक प्रॉपर सिस्टम का होना बहुत जरुरी है। इस मामले में 5s वर्क कल्चर सबसे ऊपर है।

5S System इम्प्लीमेंट करने से पहले की पिक्चर और बाद की पिक्चर। हम दोनों में अंतर देख सकते है।

What is 5s In Hindi

5S की शरुआत जापान से हुई है इसीलिए, इसे जापनीज मेथड कहते है। 5S की इस सिस्टम में पांच जापनीज शब्द है। हरएक शब्द का एक स्पेशल मीनिंग है। ये पांच शब्दों की शरुआत अंग्रेजी अक्षर S होती है। इसीलिए इसे 5S कहते है।

दुनियाके बहुत सारे देशो ने 5S का सिस्टम अपनाया है। खास कर इंडस्ट्रीज में ये बहुत कारगर है। हमारे देश में अच्छी कंपनी ओ में 5S का इम्प्लीमेंटेशन है।

कही बार हम कहते है, की सिस्टम से काम करेंगे तो अच्छा होगा। 5S एक वर्किंग सिस्टम ही है। जो वर्क प्लेस को बेहतर बनाता है। वर्किंग प्रणाली में सुधार लाता है। और आर्गेनाइजेशन को नई उंचाईया प्रदान करता है।

5S System के पांच जापानी  शब्द

1 – Seiri

2 – Seiton

3 – Seiso

4 – Seiketsu

5 – Shitsuke

5S Meaning in Hindi

1 – Short – छांटना

2 – Set in Order – सुव्यवस्थित तरीके से रखना

3 – Shine – चमकाना, साफ रखना

4 – Standardize – मानकीकरण करना

5 – Sustainable – अनुशासन

 

5S System Japnies Word English Meaning Hindi Meaning
1S Seiri Short छांटना, अलग – अलग करना 
2S Seiton Set in Order सुव्यवस्थित तरीके से रखना
3S Seiso Shine साफ सुथरा रखना 
4S Seiketsu Standardize मनकीकरण करना 
5S Shitsuke Sustainable अनुशासन 

 

5S System को समझने के लिए इतना काफी नहीं है। हमने सिर्फ 5 जापनीज शब्द के अर्थ को जाना है। 5S की इस मेथड को गहराई से समझने के लिए What is 5s in Hindi के आर्टिकल में आगे बढ़ते है।

5S System का इस्तेमाल ज्यादातर फैक्टरी में होता है। पर हम ऑफिस या घरपे भी इसे इम्प्लीमेंट कर सकते है।  और अपने काम को अनुशाषित कर सकते है।

पांच एस (5S)  शब्द को हम एक के बाद एक विस्तार से समझेंगे। जिसमे सबसे पहला है ….

1st- S – Seiri – Short – छांटना

हम किसी भी क्षेत्र में काम करते है। किसी भी डिपार्टमेंट में काम करते है। हमें बहुत सारी वस्तु ओ का उपयोग करना पड़ता है।

सबसे पहले हमें इन वस्तु ओ की लिस्ट तैयार करनी है। इसकी सूचि तैयार करनी है।

अब दूसरा कदम होगा इस लिस्ट को छांटना। छांटना मतलब अलग करना।

पहली लिस्ट –  बनायीं गयी लिस्ट में कोनसी वस्तु है जिसका हमें रोज काम पड़ता है।  जो हमारे लिए हमारे लिए बहुत जरुरी है।

दूसरी लिस्ट – ऐसी वस्तु ओ को अलग करे जिसका काम हमें कभी-कबार होता है।

तीसरी लिस्ट – और तीसरी लिस्ट ऐसी तैयार करे जो वस्तु हमारे पास है। पर इसका उपयोग नहीं होने वाला।

अब सबसे पहले तीसरी लिस्ट को उठाना है। जो वस्तु हमारे लिए काम की नहीं है उसे दूर करो। यदि वो scrap के योग्य है तो उसे scrap   में जाने दो।  यहाँ पे ये वस्तु हमें कभी काम आएगी ये मत सोचो। जो सालो से पड़ी है वो scrap के लायक ही है। फालतू चीजे हमारे सामने होने से कचरा बढ़ता है। और जरूरियात की चीजे ढूंढने में समय ज्यादा लगता है।

अब पहली लिस्ट को जरूरियात के हिसाब से सजाये। जो चीजे हमारे लिए फालतू नहीं है। जिसका हमें हमारे रोजिंदा काम में उपयोग करना है। उस वस्तु ओ को इस तरह से रखे की हमें तुरंत मिल जाये। यहाँ हमें कोई भी चीज ढूंढने  में टाइम न बिगड़े इस बात का ध्यान रखना है।

लास्ट में तीसरी लिस्ट ले, इसमें चीजे हमारे काम की तो है।  पर हररोज काम की नहीं है। इसे थोड़े दूर रखे। पर इस तरह से रखे की जब जरुरत पड़े तो हमें तुरंत मिल जाये। इसे अपनी पास की जगह साफ सुथरी रहेगी।

पहले S (Short) को मेन्टेन करने का फायदा

1 – जो वस्तु हमें चाहिए तुरंत मिल जाती है। टाइम की बर्बादी नहीं होती।

2 – हमारा वर्क प्लेस सुंदर दीखता है। कोई भी इसे देख के अनुकरण कर सकता है।

3 – समय बचने के कारण हमारी कार्यक्षमता बढ़ती है।

2nd – S – Seiton – Set in Order – सुव्यवस्थित

कोई भी वस्तु को सुव्यवस्थित तरीके से रखे। इसके लिए कहा जाता है, सभी वस्तु की एक निर्धारित जगह हो और सभी चीजे अपनी जगह पे हो।

घर हो या फैक्ट्री वस्तु को रखने की जगह फिक्स होनी चाहिए।  उस जगह को उस चीज का टैग लगा होना चाहिए।

यदि हरेक वस्तु अपनी जगह पे होगी तो बहुत साऱी परेशानिया दूर होगी।

उदाहरण के तोर पे …..

हमारे घरो में टूथ पेस्ट और टूथ ब्रश का रोज इस्तेमाल होता है। उसे रखने की जगह भी फिक्स होती है। यदि किसीने एक दिन टूथ पेस्ट का स्थान बदल दिया तो सब परेशान हो जायेंगे।

खास कर इंडस्ट्रीज की बात करे तो औजार ढूंढने में ज्यादा समय बर्बाद होता है। इसका कारण औजारों को सही जगह पे ना रखना। उसकी कोई जगह त्यय नहीं होना। उस जगह पे किसी भी तरह का टैगिंग न होना। कोई उपयोग में लेता है तो उसका किसीभी तरह का रिकॉर्ड न होना।

  • इसका पालन करने के लिए सभी वस्तु का लिस्ट लगा होना चाहिए।
  • उस वस्तु पे टैगिंग या ने नामकरण होना चाहिए।
  • वस्तु को पहचानने के लिए कलर कोड का भी इस्तेमाल कर सकते है।
  • औजार का यूज़ होने के बाद उसे जगह पे रखने का आग्रह रखना चाहिए।
  • डिपार्टमेंट के सभी लोगो को ये स्वेच्छा से पालन करना चाहिए।
दूसरे S (Set in Order) का फायदा

1 – लिस्ट के कारण वस्तु उपलब्ध है की नहीं तुरंत पता चल जाता है।

2 – टैगिंग के कारण वस्तु को ढूंढने में टाइम बरबाद नहीं होता।

3 – ब्रेक डाउन के समय में भी आसानी से औजार मिल जाते है।

4 – नए कामदार भी बिना समय गवाए काम कर सकता है।

5S System के पांच मेसे हमें दो S को विस्तृत से समजा।  जिसमे एक शार्ट और सेट इन आर्डर। अब आगे What is 5s In Hindi में  शाइन, स्टैंडर्डाइज और सस्टनैबले को समझेंगे।

 

3rd – S – Seiso – Shine – चमकाना 

गांधीजी का एक वाक्य था। स्वच्छता त्या प्रभुता। या ने जहा स्वच्छता होगी वहां भगवान को भी रहने की इस्छा होगी।

स्वछता में जापान की बरोबरी करना बहुत मुश्किल है। वहां का शिक्षण ही स्वछता से शुरू होता है।

हमारे यहाँ स्वच्छता सबको पसंद है। पर खुद की जिम्मेदारी दे दूर रहते है।

जापानीज 5S System का तीसरा S  स्वछता का प्रतिक है।

हमारा कार्य क्षेत्र, ऑफिस, कारखाना या घर स्वच्छ होना चाहिए। हम जिस वस्तु या उपकरण का इस्तेमाल करते है वो स्वच्छ होना चाहिए। जिस मशीनरी का हम उपयोग करते है उसकी साफ-सफाई होना जरुरी है।

कारखाने में हमें कुछ भी एबनॉर्मल दिखे उसे ठीक करना है। जैसे की कोई पाइप लाइन में लीकेज है। कोई इलेक्ट्रिक तार में जॉइंट है, स्पार्क हो रहा है। एंगल, चेंनल, लाइनों में जम लगा हुआ है।

ऐसा कोई भी काम जो ठीक नहीं लगता है, उसे ठीक करने की जरुरत है।  तो सम्बंधित डिपार्टमेंट से बात करके उसे ठीक करवाये।

Seiso का मुख्य उदेश्य यही है की हमारे आसपास की जगह हमेशा स्वच्छ होनी चाहिए।

काफी MNC और अच्छी फैक्टरी में सफाई का एक Schedule होता है। हप्ते में त्यय किया गया समय पे 10 या 15 मिनिट तक सिर्फ सफाई का काम ही किया जाता है।

हमारे यहाँ तो स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है। देश को स्वच्छ करने की मुहीम चल रही है। एक अच्छे नागरिक के तोर पे हमें इसमें सहकार देना चाहिए।

सफाई काम को कैसे मेन्टेन करे
  • सफाई काम का एक schedule बनाये।
  • निर्धारित किया गया समय पे सफाई करे।
  • सफाई कौन करेगा ये भी त्यय करे।
  • सफाई करते वक्त उपकरण, औजार की जाँच करे। जरुरत पड़ने पर बदल दे।
  तीसरे S (Shine) से लाभ

1 – साफ सुथरा सबको अच्छा लगता है। उसका प्रभाव ही अलग पड़ता है।

2 – औजार का उपयोग करते समय साफ करने की जरुरत नहीं पड़ती।

3 – उपकरण की सफाई समयांतर पे होती रहे तो आयुष्य बढ़ जाता है।

4 – उपकरण ख़राब होने के चांस भी कम हो जाते है।

 

4th – S – Seiketsu – Standardize – माननीकरण

हमने तीन S का काम देखा। अब हम तीन S को सही तरीके से मेन्टेन करने के लिए एक चेक लिस्ट तैयार करना चाहिए। जिसे Standardize कहते है ।

जैसे की पहला S का मतलब है छाटना, तो ये कौन करेगा। कैसे करेगा। कितने समय में करेगा। कितने समय के अंतराल में करेगा। उसका इंस्पेक्शन कौन करेगा। ये सभी पॉइंट तीनो S के चेक लिस्ट में होने चाहिए।

ये Standardize इस तरह से होना चाहिए की, किसी की भी Absent में काम  रुकना नहीं चाहिए। हरेक काम त्यय किया गया समय पे हो। काम होने के बाद सबको इसका मैसेज मिले। यदि काम नहीं हुआ तब भी इसके कारण के साथ रिपोर्टिंग होनी चाहिए।

Standardize की प्रोसेस की भी जाँच होनी चाहिए। असरकारक तरीके से पालन होना चाहिए।

Standardize कैसे करे
  • ऊपर दिए गए तीनो S का चेक लिस्ट बनाये।
  • हरेक डिपार्टमेंट में जिम्मेदार व्यक्ति रखे।
  • हरेक काम करने की समय सिमा त्यय करे।
  • काम कैसे करना है इसकी SOP जगह पे लगाए।
  • SOP के मुताबिक ही काम करे।
चौथे S (Standardize) के  लाभ

1 – पहले तीनो S को मेन्टेन करने में आसानी होती है।

2 – नए व्यक्ति को भी आसानीसे समजा सकते है।

3 – पहले 3S मेन्टेन करने से पहले की और बाद की स्थिति का पिक्चर लगा सकते है। जिसे कर्मचारी को प्रोत्साहन मिलता है।

5th – S – Shitsuke – Sustainable – अनुशासन

अनुशासन का मतलब है हमें निति नियमो के साथ चलना है। अनुशासन एक पॉजिटिव सोच का लक्षण है। हमें वो करना चाहिए जो उत्तम हो। हमें वो करना चाहिए जो बेहतर हो। हमें वो करना चाहिए जो नैतिकता के दायरे में हो।

कोई विधार्थी क्लास में शिक्षक की बजह से आवाज नहीं करता है, तो उसे अनुशासन नहीं कहेंगे। उसे हम डर या भय कह सकते है।

वैसे कारखाने में सभी प्रकार के नियम होते  है। समय पे आना है। समय पे जाना है। walkway में चलना है। सुरक्षा का पालन करना है। कार्यस्थल पे कैसे काम करना है।

ये सभी नियम कर्मचारी और  फैक्ट्री की  बेहतरी के लिए बनाये जाते है।

5S की कार्यप्रणाली अनुशासित रेहनी चाहिए। इसीलिए नहीं की हमारा बॉस देखता है, पर इसीलिए की ये हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

Positive Attitude और अनुशासन कैसे बनाये रखे इसके लिए ट्रेनिंग होती है। काफी आर्गेनाइजेशन, और कंपनी अपने कर्मचारी के लिए ये Arrange  करती है।

5S में कैसे रहे अनुशाषित
  • टीम वर्क के साथ काम किया जाये तो रिजल्ट अच्छा होता है। सबको साथ लेके टीम वर्क से काम करे।
  • जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए टीम के लीडर बनाये। काम को distribute करे।
  • 5s प्रणाली की सभी कर्मचारी को जानकारी होनी चाहिए। जरुरत पडने पर सबको तालीम देना चाहिए।
  • काम सफलता पूर्वक हो इसीलिए, ये एक habit बननी चाहिए।
  • नियमबद्ध तरीके से पूरी 5s सिस्टम की जाँच होनी चाहिए।
  • यदि कोई क्षेत्र कमजोर लगे तो उसे बेहतर बनाने की कोशिश होनी चाहिए।
  • 5s सिस्टम को बनाये रखने के लिए लगातार इम्प्रूवमेंट करे।
पाचवे S ( Shitsuke) के लाभ

1 – अनुशासन जीवन के किसी भी क्षेत्र में चाहिए। संयम पूर्वक नियमो का पालन हमें नयी उचाईयो पे ले जा सकता है।

2 – यहाँ पे अनुशासन का मतलब 5s का सफल अमल होता है। जीसे  कर्मचारी और कंपनी दोनों उन्नति की तरफ आगे बढ़ते है।

3 – 5S प्रणाली में हमने सभी पांच S के कार्य को समजा। आशा है की कुछ नया जानने की ये आपकी प्यास को तृप्त करेगा । What  is 5s in Hindi में 5s System के advantage देखेंगे ।

इलेक्ट्रिकल बेसिक – इलेक्ट्रिकल की पूरी जानकारी

इंटरव्यू में पूछे जाने वाले कॉमन सवाल – जवाब

मैंटेनैंस के प्रकार – विस्तार से समजे

थर्मल पावर स्टेशन की पूरी जानकारी

5S System Benefit – 5S Method Advantage 

5S के Implementation से कंपनी और कर्मचारी का सर्वांगी विकास दीखता है। हम इसे विस्तार से समझते है ।

1 –  गुणवत्ता में सुधार – हर वस्तु के लिए स्थान त्यय होता है। सभी आइटम अपने स्थान में फिट होती है। आवश्यक वस्तु आसानी से मिल जाती है। इसीलिए समय बचता है और गलतिया भी कम होती है। उसका परिणाम काम की गुणवत्ता में सुधार दीखता है।

2 – उत्पादकता – निश्चित उत्पादकता में वृद्धि होती है। अनचाही वस्तु ओका निकाल, जो काम का है वो बेहतर रहे वो प्रयाश। सभी काम त्यय की गयी सिस्टम से होता है। इसीलिए, कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। और उसका असर उत्पादकता पे होता है।

3 – सुरक्षा –

Safety  किसी भी औद्योगिक एकम का बहुत बड़ा पहलु है। कोई भी कारखाने में कोई अकस्मात नहीं चाहेगा।

5S सिस्टम से कम्पनी की सुरक्षा बेहतर बनती है। अव्यवस्था को दूर किया जाता है। किसी भी प्रकार की Abnormal स्थिति को पहले ही निपटा दिया जाता है। 5s अमल लगभग अकस्मात की परिस्थिति बनने ही नहीं देता है।

4 – कर्मचारी का मनोबल – 5s से कंपनी के सभी कर्मचारी जुड़े रहते है। ये कोई Particular department का काम नहीं है। सभी के सुझाव लिए जाते है। अच्छे सुझाव का अमल भी किया जाता है। इसे कर्मचारी का दृश्टिकोण भी बदलता है और मनोबल भी बढ़ता है।

5 – कंपनी की छबि – यदि कोई कारखाने में काम की गुणवत्ता अच्छी है। सुरक्षा बेहतर है। उत्पादकता अच्छी है। कर्मचारी का दृश्टिकोण और मनोबल अच्छा है। तो निश्चित रुप से कंपनी की छबि अच्छी ही होगी।

परिणाम स्वरुप व्यवसाय का विकास होगा। कोई भी कर्मचारी उसमे काम करने के लिए तैयार होगा। कस्टमर की भी लाइन होगी।

दुकान हो या ऑफिस, घर हो या कारखाना 5s का अमल कार्यस्थल को त्रुटि मुक्त बनाता है।

What is 5s in Hindi के आर्टिकल में 5s की पूरि जानकारी  उपलब्ध है। आशा है ये आपके लिए Helpful होगी। इसके आलावा भी कुछा प्रश्न है तो आप कमेंट बॉक्स में लिख सकते हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published.