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Surdas Ke Pad Question Answers Class 10 Hindi A Kshitij Book Chapter 1

 

 

NCERT Solutions for Class 10 Hindi A Kshitij Bhag 2 Book Chapter 1 सूरदास के पद Question Answers

 

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सीबीएसई कक्षा 10 हिंदी कोर्स ए क्षितिज भाग 2 के पाठ 1 सूरदास के पद प्रश्न उत्तर खोज रहे हैं? आगे कोई तलाश नहीं करें! महत्वपूर्ण प्रश्नों का हमारा व्यापक संकलन आपको अपने विषय ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा। कक्षा 10 के हिंदी प्रश्न उत्तर का अभ्यास करने से बोर्ड परीक्षा में आपके प्रदर्शन में काफी सुधार हो सकता है। हमारे समाधान इस बारे में एक स्पष्ट विचार प्रदान करते हैं कि उत्तरों को प्रभावी ढंग से कैसे लिखा जाए। हमारे सूरदास के पद प्रश्न उत्तरों को अभी एक्सप्लोर करें उच्च अंक प्राप्त करने के अवसरों में सुधार करें।

 

The questions listed below are based on the latest CBSE exam pattern, wherein we have given NCERT solutions to the chapter’s extract based questions, multiple choice questions, short answer questions, and long answer questions.

 

Also, practicing with different kinds of questions can help students learn new ways to solve problems that they may not have seen before. This can ultimately lead to a deeper understanding of the subject matter and better performance on exams. 
 

 

 

Class 10 Hindi Surdas Ke Pad Lesson 1 – Extract Based Questions (पठित काव्यांश)

पठित काव्यांश प्रश्न बहुविकल्पीय किस्म के होते हैं, और छात्रों को पैसेज को ध्यान से पढ़कर प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प का चयन करना चाहिए। (Extract-based questions are of the multiple-choice variety, and students must select the correct option for each question by carefully reading the passage.)

 

1 –

ऊधौ , तुम हौ अति बड़भागी

अपरस रहत सनेह तगा तैं , नाहिन मन अनुरागी

पुरइनि पात रहत जल भीतर , ता रस देह दागी

ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि , बूँद ताकौं लागी

प्रीतिनदी मैं पाउँ बोरयौ , दृष्टि रूप परागी

सूरदासअबला हम भोरी , गुर चाँटी ज्यौं पागी ||

 

प्रश्न 1 –  प्रस्तुत पद में सूरदास जी ने क्या वर्णन किया है?

() गोपियों एवं कृष्ण के बीच हुए वार्तालाप का

() कृष्ण एवं उद्धव के बीच हुए वार्तालाप का

(गोपियों एवं उद्धव के बीच हुए वार्तालाप का

() सूरदास एवं उद्धव के बीच हुए वार्तालाप का

उत्तर (गोपियों एवं उद्धव के बीच हुए वार्तालाप का

 

प्रश्न 2  –  गोपियाँ उद्धव को भाग्यशाली क्यों समझती हैं?

() क्योंकि अभी तक श्री कृष्ण के साथ रहते हुए भी वे उनके प्रेम के बंधन से अछूते रहे 

() क्योंकि श्री कृष्ण के साथ रहते हुए भी उद्धव ने कृष्ण के प्रेमरूपी दरिया या नदी में कभी पाँव नहीं रखा

() क्योंकि श्री कृष्ण के साथ रहते हुए भी उद्धव कृष्ण के रूपसौंदर्य पर मुग्ध नहीं हुए

() उपरोक्त सभी

उत्तर () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 3 –  काव्यांश में गोपियाँ ने उद्धव की तुलना किससे की हैं?

() गुलाब के पत्तों तेल के मटके के साथ

() कमल के पत्तों मिट्टी के मटके के साथ

() कमल के पत्तों तेल के मटके के साथ

() गुलाब के पत्तों मिट्टी के मटके के साथ

उत्तर () कमल के पत्तों तेल के मटके के साथ

 

प्रश्न 4 – गोपियाँ उद्धव की तुलना कमल के पत्तों तेल के मटके के साथ क्यों करती हैं?

() क्योंकि जिस प्रकार कमल की पत्तियाँ और तेल से भरी हुई मटकी जल में रहते हुए भी जल के प्रभाव से अछूती रहती हैं उसी प्रकार उद्धव पर भी श्री कृष्ण के साथ रहने पर भी उनके प्रेम का कोई प्रभाव नहीं पड़ा

() क्योंकि कमल की पत्तियाँ और तेल से भरी हुई मटकी जल में रहते हुए जल के प्रभाव से प्रभावित होती हैं और उद्धव भी श्री कृष्ण के साथ रहते हुए उनके प्रेम में पड़ गया

() क्योंकि जिस प्रकार कमल की पत्तियाँ और तेल से भरी हुई मटकी जल में रहते हुए जल के प्रभाव से प्रभावित होती हैं उसी प्रकार उद्धव पर भी श्री कृष्ण के साथ रहने पर भी उनके प्रेम का कोई प्रभाव नहीं पड़ा

() क्योंकि जिस प्रकार कमल की पत्तियाँ और तेल से भरी हुई मटकी जल में रहते हुए भी जल के प्रभाव से अछूती रहती हैं और उद्धव भी श्री कृष्ण के साथ रहते हुए उनके प्रेम में पड़ गया

उत्तर () क्योंकि जिस प्रकार कमल की पत्तियाँ और तेल से भरी हुई मटकी जल में रहते हुए भी जल के प्रभाव से अछूती रहती हैं उसी प्रकार उद्धव पर भी श्री कृष्ण के साथ रहने पर भी उनके प्रेम का कोई प्रभाव नहीं पड़ा

 

प्रश्न 5 – काव्यांश मेंपुरइनि पातका क्या अर्थ है?

() पुरइनि का फूल

() पुरइनि का पेड़

() कमल का पत्ता

() कमल का फूल

उत्तर – () कमल का पत्ता

 

प्रश्न 6 –  गोपियाँ खुद को अभागिन अबला नारी क्यों समझती हैं?

() क्योंकि श्री कृष्ण उनसे प्रेम नहीं करते

() क्योंकि वे श्रीकृष्ण के प्रेम में उलझ गई हैं , उनके मोहपाश में लिपट गई हैं

(क्योंकि श्रीकृष्ण उन्हें छोड़ कर चले गए

() क्योंकि श्रीकृष्ण ने उनके लिए कोई सन्देश नहीं भिजवाया

उत्तर () क्योंकि वे श्रीकृष्ण के प्रेम में उलझ गई हैं , उनके मोहपाश में लिपट गई हैं

 

 

2 –

मन की मन ही माँझ रही

कहिए जाइ कौन पै ऊधौ , नाहीं परत कही

अवधि अधार आस आवन की , तन मन बिथा सही

अब इन जोग सँदेसनि सुनिसुनि , बिरहिनि बिरह दही

चाहति हुतीं गुहारि जितहिं तैं , उत तैं धार बही

सूरदासअब धीर धरहिं क्यौं , मरजादा लही

 

प्रश्न 1 –  ‘मन की मन ही माँझ रहीपंक्ति का क्या आशय है?

() गोपियों के मन की इच्छाएँ मन में ही रह गईं, क्योंकि वे श्री कृष्ण से यह कह नहीं पाईं कि वे उनसे प्रेम करती हैं

() गोपियाँ मन ही मन ने श्रीकृष्ण से प्रेम करती हैं

(गोपियाँ उद्धव के मन की बात समझ गई कि श्रीकृष्ण भी उनसे प्रेम करते हैं

() गोपियाँ उद्धव से अपनी पीड़ा बताते हुए कह रही हैं कि श्री कृष्ण उनके मन की पीड़ा नहीं समझ पाए

उत्तर – () गोपियों के मन की इच्छाएँ मन में ही रह गईं, क्योंकि वे श्री कृष्ण से यह कह नहीं पाईं कि वे उनसे प्रेम करती हैं

 

प्रश्न 2 – गोपियाँ उद्धव से क्या शिकायत करती हैं?

() कि श्रीकृष्ण ने उनके लिए कोई सन्देश क्यों नहीं भिजवाया, उन्हें यह समझ नहीं रहा है

() कि जब श्रीकृष्ण को पता है कि गोपियाँ उनकी प्रतीक्षा कर रही हैं, वे क्यों नहीं आए

() कि गोपियाँ अपनी व्यथा / पीड़ा किसे जाकर कहें? उन्हें यह समझ नहीं रहा है

() कि उद्धव अपनी व्यथा / पीड़ा गोपियों से क्यों नहीं कहते, उन्हें यह समझ नहीं रहा है

उत्तर () कि गोपियाँ अपनी व्यथा / पीड़ा किसे जाकर कहें? उन्हें यह समझ नहीं रहा है

 

प्रश्न 3 – अब तक गोपियों के जीने का क्या आधार था?

() कि श्री कृष्ण के लौटने पर वे अपने प्रेम को कृष्ण के समक्ष व्यक्त करेंगी

() श्री कृष्ण के आने की आशा

() श्री कृष्ण जल्द ही वापिस जाएंगे और वे सिर्फ़ इसी आशा से अपने तनमन की पीड़ा को सह रही थीं

() उपरोक्त सभी

उत्तर – () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 4 – गोपियों की विरह की व्यथा और क्यों बढ़ गई?

() जब गोपियों को श्री कृष्ण का जोग अर्थात् योगसंदेश मिला

() जिसमें उन्हें पता चला कि वे अब लौटकर नहीं आएंगे

() क्योंकि श्रीकृष्ण देरी से आने वाले थे

() क्योंकि श्री कृष्ण ने गोपियों के लिए कोई सन्देश नहीं भिजवाया था

उत्तर() जब गोपियों को श्री कृष्ण का जोग अर्थात् योगसंदेश मिला

 

प्रश्न 5 – काव्यांश मेंबिरहिनिका क्या अर्थ है

() संजोग में जीने वाली

() योग में जीने वाली

() वियोग में जीने वाली

() प्रेम में जीने वाली

उत्तर() वियोग में जीने वाली

 

प्रश्न 6 –  ‘चाहति हुतीं गुहारि जितहिं तैं , उत तैं धार बहीपंक्ति का क्या आशय है?

() गोपियाँ जहाँ भी जाना चाहती थी वहीँ श्री कृष्ण की याद पीछा करती हुई जाती थी

() गोपियाँ जहाँ से भी श्री कृष्ण के विरह की ज्वाला से अपनी रक्षा करने के लिए सहारा चाह रही थीं, उधर से ही योग की धारा बहती चली रही है

() गोपियाँ चाहते हुए भी श्री कृष्ण से दूर नहीं जा पा रही थी

() गोपियाँ श्री कृष्ण को जल्दी से जल्दी मिलना चाहती थी ताकि वे अपने दिल की बात उन्हें बता सकें

उत्तर – () गोपियाँ जहाँ से भी श्री कृष्ण के विरह की ज्वाला से अपनी रक्षा करने के लिए सहारा चाह रही थीं, उधर से ही योग की धारा बहती चली रही है

 

3 –

हमारैं हरि हारिल की लकरी

मन क्रम बचन नंदनंदन उर , यह दृढ़ करि पकरी

जागत सोवत स्वप्न दिवसनिसि , कान्हकान्ह जक री

सुनत जोग लागत है ऐसौ , ज्यौं करुई ककरी

सु तौ ब्याधि हमकौं लै आए , देखी सुनी करी

यह तौसूरतिनहिं लै सौंपौ , जिनके मन चकरी ।।

 

प्रश्न 1 – गोपियाँ के लिए श्री कृष्ण किसके समान हैं?

() हारिल पक्षी के 

() पक्षी की लकड़ी के

(हारिल पक्षी की लकड़ी के

() हरित पक्षी की लकड़ी के

उत्तर (हारिल पक्षी की लकड़ी के

 

प्रश्न 2  – गोपियों ने किस तरह से नंद पुत्र श्री कृष्ण को अपने ह्रदय के प्रेमरूपी पंजों से बड़ी ही ढृढ़ता से पकड़ा हुआ है?

() मन से

() कर्म से

() वचन से

() उपरोक्त सभी

उत्तर () उपरोक्त सभी

 

प्रश्न 3 –  जोग का नाम सुनते ही कैसा प्रतीत होता है?

() जैसे मुँह में कड़वी ककड़ी चली गई हो

() जैसे मुँह में खट्टी ककड़ी चली गई हो

() जैसे मुँह में कड़व करेला चला गया हो

() जैसे मुँह में कोई अप्रिय चीज़ चली गई हो

उत्तर – () जैसे मुँह में कड़वी ककड़ी चली गई हो

 

प्रश्न 4 –  काव्यांश मेंमन चकरीका क्या अर्थ है?  

() जिनका मन स्थिर रहता हो

() जिनका मन चकोर पक्षी की तरह हो

(जिनका मन स्थिर नहीं रहता

() जिनका मन चक्कर काटता रहता हो

उत्तर (जिनका मन स्थिर नहीं रहता

 

प्रश्न 5 – ‘सु तौ ब्याधि हमकौं लै आए, देखी सुनी करीपंक्ति का क्या आशय है?

() इस संसार में प्रेम रूपी बंधन को तो हमने देखा है सूना है और ही किया है

() योग रूपी जिस बीमारी को तुम हमारे लिए लाए हो , उसे हमने तो पहले कभी देखा है , उसके बारे में सुना है और ही इसका कभी व्यवहार करके देखा है

() श्री कृष्ण के प्रेम रूपी बंधन को तो गोपियों ने कभी देखा, सुना और ही इस बंधन से दूर जाने का सोचा

() उपरोक्त सभी

उत्तर () योग रूपी जिस बीमारी को तुम हमारे लिए लाए हो , उसे हमने तो पहले कभी देखा है , उसके बारे में सुना है और ही इसका कभी व्यवहार करके देखा है

 

प्रश्न 6 –  गोपियों के अनुसार उनके ऊपर योग संदेश का कोई असर क्यों नहीं पड़ने वाला?

() क्योंकि उनका मन चकरी के समान चंचल है

() क्योंकि उनका श्री कृष्ण के प्रति प्रेम अटूट है

() क्योंकि उनका मन अस्थिर है

() क्योंकि वे जानती हैं श्री कृष्ण मज़ाक कर रहे हैं

उत्तर () क्योंकि उनका श्री कृष्ण के प्रति प्रेम अटूट है

 

4 –

हरि हैं राजनीति पढ़ि आए

समुझी बात कहत मधुकर के , समाचार सब पाए

इक अति चतुर हुते पहिलैं ही , अब गुरु ग्रंथ पढ़ाए

बढ़ी बुद्धि जानी जो उनकी , जोगसँदेस पठाए

ऊधौ भले लोग आगे के , पर हित डोलत धाए

अब अपनै मन फेर पाइहैं , चलत जु हुते चुराए

ते क्यौं अनीति करैं आपुन , जे और अनीति छुड़ाए

राज धरम तौ यहैसूर ’ , जो प्रजा जाहिं सताए ।।

 

प्रश्न 1 –  ‘मधुकरकिसके लिए प्रयुक्त किया गया है?

() भवरें के लिए

() उद्धव के लिए

() श्री कृष्ण के लिए

() मधुमखियों के लिए

उत्तर () उद्धव के लिए

 

प्रश्न 2  –  श्री कृष्ण कैसे अधिक बुद्धिमान हो गए हैं?

() विद्या हासिल करने के कारण 

() उद्धव के साथ रहने के कारण

() राजनीति शास्त्र पढ़ने के कारण

() गोकुल से जाने के कारण 

उत्तर () राजनीति शास्त्र पढ़ने के कारण

 

प्रश्न 3 – ‘ऊधौ भले लोग आगे के , पर हित डोलत धाएपंक्ति का क्या आशय है?

() हे उद्धव ! पहले के लोग भले थे, जो दूसरों की भलाई करते थे। यहाँ गोपियाँ श्री कृष्ण की ओर संकेत कर रही हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अब श्री कृष्ण नहीं आएँगे

() हे उद्धव ! पहले के लोग बहुत भले थे, जो दूसरों की भलाई करने के लिए दौड़े चले आते थे। यहाँ गोपियाँ श्री कृष्ण की ओर संकेत कर रही हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अब श्री कृष्ण बदल गए हैं

(हे उद्धव ! पहले के लोग बहुत भले थे, जो दूसरों की भलाई करने के लिए दौड़े चले आते थे। यहाँ गोपियाँ श्री कृष्ण की ओर संकेत कर रही हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अब श्री कृष्ण बदल गए हैं

() हे उद्धव ! पहले के लोग दूसरों की भलाई के लिए दौड़े चले आते थे। यहाँ गोपियाँ श्री कृष्ण को कठोर कह रही हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अब श्री कृष्ण उनसे प्रेम नहीं करते

उत्तर – () हे उद्धव ! पहले के लोग बहुत भले थे, जो दूसरों की भलाई करने के लिए दौड़े चले आते थे। यहाँ गोपियाँ श्री कृष्ण की ओर संकेत कर रही हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अब श्री कृष्ण बदल गए हैं

 

प्रश्न 4 –  गोपियाँ के अनुसार मथुरा जाते समय श्री कृष्ण अपने साथ क्या ले गए थे?

() गोपियों का मन

() गोपियों का प्रेम

() गोपियों का क्रोध

() गोपियों की सांत्वना

उत्तर () गोपियों का मन

 

प्रश्न 5 –  गोपियों के अनुसार क्या भेजकर गोपियों पर अन्याय कर रहे हैं?

() प्रेम का संदेश भेजकर

() अपने आने का संदेश भेजकर

() अपनी कुशलता का संदेश भेजकर

() योग का संदेश भेजकर

उत्तर – () योग का संदेश भेजकर

 

प्रश्न 6 –  काव्यांश के अनुसार राजधर्म क्या कहता है?

() श्री कृष्ण को वापिस गोकुल जाना चाहिए

() श्री कृष्ण को योग का संदेश वापस लेकर स्वयं दर्शन के लिए आना चाहिए

() प्रजा के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए अथवा ही सताना चाहिए

() प्रजा की सभी बातों को मानना चाहिए

उत्तर () प्रजा के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए अथवा ही सताना चाहिए