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Shiv Puran in Hindi PDF | शिव पुराण

नमस्कार दोस्तों, यदि आप इंटरनेट पर शिव पुराण PDF फ्री में Download करना चाहते है तो एकदम सही जगह पर आये है। आज की इस पोस्ट में हम आपको Shiv Puran in Hindi PDF निःशुल्क रूप से उपलब्ध करवाने जा रहे, जिसे आप पोस्ट में दिए गए Download बटन पर क्लिक करके आसानी से फ्री में Download कर सकते है।

हिन्दू संस्कृति एक सभ्य संस्कृति है, जिसमे कई पुराण संकलित है। इन्ही पुराणों में से एक शिव पुराण है। शिव पुराण में परात्मपर परब्रह्म परमेश्वर के ‘शिव’ (कल्याणकारी) स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा एवं उपासना का सुविस्तृत वर्णन किया गया है।यदि आप शिव पुराण के बारे में विस्तृत रूप से जानना चाहते है तो इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत तक धायनपूर्वक जरूर पढ़े।

Shiv Puran in Hindi PDF Details

PDF Title Shiv Puran in Hindi PDF
Language Hindi
Category Religion
Total Pages 812
PDF Size 49 MB
Download Link Available
PDF Source WordPress.com
Note - यदि आप Shiv Puran in Hindi PDF Free Download करना चाहते है तो नीचे दिए गए Download बटन पर क्लिक करे। 

Shiv Puran in Hindi

शिव पुराण के अंतर्गत भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया गया है। इस पुराण में शिव लिंग की उत्पति, इसकी पूजा विधि आदि के बारे में बताया गया है। यदि आप शिव पुराण पढ़ते है तो आपके साथ-साथ आपके पुरे परिवार को मुक्ति मिलती है और आपके सभी पाप नष्ट हो जाते है।

शिव पुराण में मानव जीवन में चल रही विभिन्न समस्याओ के निवारण के बारे में बताया गया है। शिव पुराण को पढ़ने से व्यक्ति को किस प्रकार का लाभ प्राप्त होता है, इसके बारे में जानकारी दी गयी है। साथ ही आप शिव जी को किस प्रकार प्रसन्न करके अपनी मनोकामना पूर्ण कर सकते है, इसके बारे में भी बताया गया है।

इसके अतिरिक्त शिव पुराण में भगवान शंकर के जीवन चरित्र के साथ-साथ विवाह और उनके पुत्रो के उत्पति के बारे में विशेष रूप से वर्णन मिलता है। भोलेनाथ हमेशा लोकोपकारी और हितकारी है।

शिव पुराण का दूसरा अध्याय | shiv puran pdf

बहुत पहले की बात है-किरातों के नगर में देवराज नाम का एक ब्राह्मण रहता था। किरातों नामक एक नगर में देवराज नाम का एक ब्राह्मण निवास करता था। देवराज ज्ञान में दुर्बल और गरीब था। वह वैदिक धर्म से विमुख था। वह स्नान-संध्या नहीं करता था तथा उसमें वैश्य वृत्ति बढ़ती ही जा रही थी। वह भक्तों को ठगता था। उसने अनेक मनुष्यों को मारकर उन सबका धन हड़प लिया था।

उस पापी ने थोड़ा-सा भी धन धर्म के काम में नहीं लगाया था। वह वेश्यागामी तथा आचार भ्रष्ट था।एक दिन वह घूमता हुआ दैवयोग से प्रतिष्ठानपुर (झूसी-प्रयाग) जा पहुंचा।वहां उसने एक शिवालय देखा, जहां बहुत से साधु-महात्मा एकत्र हुए थे।देवराज वहीं ठहर गया। वहां रात में उसे ज्वर आ गया और उसे बड़ी पीड़ा होने लगी।वहीं पर एक ब्राह्मण देवता शिव पुराण की कथा सुना रहे थे।

ज्वर में पड़ा देवराज भी ब्राह्मण के मुख से शिवकथा को निरंतर सुनता रहता था। एक महीने बाद देवराज ज्वर से पीड़ित अवस्था में चल बसा। यमराज के दूत उसे बांधकर यमपुरी ले गए।तभी वहां शिवलोक से भगवान शिव के पार्षदगण आ गए। वे कर्पूर के समान उज्ज्वल थे।उनके हाथ में त्रिशूल, संपूर्ण शरीर पर भस्म और गले में रुद्राक्ष की माला उनके शरीर की शोभा बढ़ा रही थी।

उन्होंने यमराज के दूतों को मार-पीटकर देवराज को यमदूतों के चंगुल से छुड़ा लियाऔर वे उसे अपने अद्भुत विमान में बिठाकर जब कैलाश पर्वत पर ले जाने लगे तोयमपुरी में कोलाहल मच गया, जिसे सुनकर यमराज अपने भवन से बाहर आए।साक्षात रुद्रों के समान प्रतीत होने वाले इन दूतों का धर्मराज ने विधिपूर्वक पूजन कर ज्ञान दृष्टि से सारा मामला जान लिया।

उन्होंने भय के कारण भगवान शिव के दूतों से कोई बात नहीं पूछी।तत्पश्चात शिवदूत देवराज को लेकर कैलाश चले गए।और वहां पहुंचकर उन्होंने ब्राह्मण को करुणावतार भगवान शिव के हाथों में सौंप दिया।शौनक जी ने कहा-महाभाग सूत जी ! आप सर्वज्ञ हैं।

आपके कृपाप्रसाद से मैं कृतार्थ हुआ। इस इतिहास को सुनकर मेरा मन आनंदित हो गया है।अतः भगवान शिव में प्रेम बढ़ाने वाली दूसरी कथा भी कहिए।

यदि आप इस कहानी को पूरा पढ़ना चाहते है तो पोस्ट में उपलब्ध Download Link पर क्लिक करके आसानी से फ्री में Download कर सकते है।

FAQs : shiv puran in hindi pdf free download

शिव पुराण कब पढ़ना चाहिए?

शिव पुराण का पाठ आप कभी भी शुभ मुहूर्त में आयोजन कर सकते हैं। लेकिन सावन के महीने में शिव पुराण को पढना और सुनना बहुत ही पुण्यदायी होता है। शिव पुराण में चंचला और उसके पति बिंदुग की कथा मिलती जिन्होंने शिव पुराण के श्रवण से शिवलोक में स्थान पाया।

शिव पुराण में कुल कितने अध्याय हैं?

शिव पुराण में कुल छ अध्याय है। जो कि विद्येश्वर,रुद्र, शत्रुद्र, कोटिरुद्र, उमा और कैलाश संहिता हैं।

Conclusion :-

इस पोस्ट में Shiv Puran in Hindi PDF उपलब्ध करवाई गयी है। साथ ही शिव पुराण दूसरा अध्याय के बारे में जानकारी दी गयी है। उम्मीद करते है कि shiv puran in hindi pdf download करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हुई होगी।

आशा करते है कि यह पोस्ट आपके लिए मददगार साबित हुई होगी। यदि आपको shiv puran katha in hindi pdf Download करने में किसी भी प्रकार की समस्या आ रही हो तो कमेंट करके जरूर बताये। साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे।

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