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Narayan Kavach PDF in Hindi | नारायण कवच

आज की इस पोस्ट में हम आपको Narayan Kavach PDF in Hindi को फ्री में उपलब्ध करवाने वाले है। Narayan Kavach in Hindi PDF को पोस्ट में दिए गए डाउनलोड बटन की सहायता से डाउनलोड कर सकते है।

नारायण कवच सम्पूर्ण रूप से भगवान हरी को समर्पित एक संक्षिप्त स्त्रोत है। इस कवच में कुल 42 श्लोक शामिल है। ऐसा माना जाता है की जो भी भक्त सच्चे मन से इस कवच का जाप करता है, वह अवश्य ही लाभान्वित होता है। इस कवच का दैनिक जीवन में पाठ करने से आपके जीवन में आने वाले व्यवधान दूर हो जाते है।

नारायण कवच को हिन्दू धर्म के अनुसार एक रक्षा कवच माना गया है। इस मन्त्र का जाप भक्त अपने स्वयं की रक्षा करने के लिए इस कवच को धारण करने के रूप में इस मन्त्र का जाप करते है। यदि आप इस मन्त्र का रोजाना जाप करते है, तो आप भय, चिंता, दुःख, रोग, कष्टों आदि प्रकार की व्याधा से सदैव मुक्त रहते है।

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नारायण कवच सम्पूर्ण रूप से भगवान हरी को समर्पित एक संक्षिप्त स्त्रोत है। इस कवच में कुल 42 श्लोक शामिल है। ऐसा माना जा

Narayan Kavach PDF in Hindi Details

Pdf Title Narayan Kavach PDF in Hindi
Language Hindi
Category धार्मिक और आध्यात्मिक
Total Pages 32
Pdf Size 375 KB
Download Link Available
NOTE - यदि आप Narayan Kavach PDF in Hindi को फ्री में डाउनलोड करना चाहते है, तो निचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करके आसानी से डाउनलोड कर सकते है। 

नारायण कवच की रचना

सर्वप्रथम नारायण कवच का पाठ कौशिक नामक ऋषि के द्वारा किया गया। उन्होंने तन मन से शुद्ध रूप सेनारायण कवच का अनुसरण किया। अंत में उन्होंने अपने शरीर को रेगिस्तान में त्याग दिया था। कुछ वर्षो बाद चित्ररथ, एक गंधर्व हवाई यात्रा कर रहा था। उस दौरन उसका हवाई यान कौशिक जी के अस्थियों के ऊपर से गुजर गया। जिसके कारण उनका हवाई यान दुर्घटना ग्रस्त होकर नीचे गिर गया।

चित्ररथ के जोड़ो में ऐठन थी, इसलिए चित्ररथ वहा से हिल नहीं पाया था। ऐसे में उनकी इस पीड़ा के समाधान के लिए वखिल्य ऋषि वहा पर आये और चित्ररथ से कहा की यह सब कौशिक जी की अस्थियों से निकली दिव्य शक्ति के रूप में नारायण कवच का प्रभाव है। यदि आप कौशिक जी की अस्थियो को नदी में विसर्जित कर देते है, तो आप इस पीड़ा से मुक्त हो जायेंगे।

दूसरी ओर यदि नारायण कवच के प्रभाव की बात करें, तो राक्षसो ने अपने गुरु के संरक्षण में भारी मात्रा में महान शक्तिया प्राप्त की। ऐसे में सभी अर्ध-देवता राक्षसो की तुलना में कमजोर हो गए। दूसरी ओर इंद्र देवता ने बृहस्पति ऋषि का अपमान कर गुरु संरक्षण की उपाधि खो दी और अपनी सर्वशक्तिया भूल गए।

ऐसे में सभी देवता गुरु विश्वरूप के शरण में पहुंचे। गुरु विश्वरूप ने इंद्र को नारायण कवच के रुप में दीक्षा दी, जिससे इंद्र की खोयी हुई सर्वशक्तियाँ फिर से प्राप्त हो गयी। इसके बाद इंद्र देवता ने नारायण कवच के माध्यम से राक्षसो को फिर से वश में कर लिया और एक बार फिर से देवताओ का पक्ष मजबूत हो गया।

बाद की घटनाक्रम के चक्र में, इंद्र देवता ने विश्वरूप का वध कर दिया। तब अपने पुत्र के प्रतिशोध की ज्वाला में क्रोधित त्वष्ट प्रजापति ने एक यज्ञ आरम्भ किया। यज्ञ कुंड से वृतासुर का निर्माण किया, जिसका मुख्य उदेश्य इंद्र देवता का वध था। यह बात जब इंद्र को पता चली तो इंद्र बहुत ही भयभीत हो गए और भगवान विष्णु की शरण में पहुंचे।

इसके बाद भगवान विष्णु द्वारा इंद्र को सलाह दी गयी की आपको ऋषि दाधीच , जिन्होंने नारायण कवच में महारत हासिल की हुई थी, उनके शरीर की हड्डियों को ढूँढना होगा। तब इंद्र देव ने ऋषि दाधीच की हड्डिया, जो की नारायण कवच के प्रभाव से हीरे जैसी कठोर हो गयी थी, उनसे एक व्रज हथियार बनाया और अंत में वृतासुर का वध किया।

इस प्रकार यदि आप भी नारायण कवच मन्त्र का अपने दैनिक जीवन में जाप करते है, तो आप भी इंद्र देवता की तरह अवश्य ही लाभान्वित होंगे।

नारायण कवच के फायदे

  1. नारायण कवच मंत्र का पाठ करने से आप बुरी शक्तियों से सदैव दूर रहते है।
  2. यदि कोई व्यक्ति जेल में है, तो वह व्यक्ति 21 दिनों तक प्रत्येक दिन में 21 बार इस मन्त्र के जाप से जेल से मुक्त हो जाता है।
  3. इस कवच का 21 दिनों में प्रत्येक दिन में 7 बार जाप करने से आप उच्चाटन, आकर्षण, मोहन आदि प्रकार की सिद्धियों का फल प्राप्त करते है।
  4. युद्ध के समय इस मन्त्र के जाप से विजय की प्राप्ति होती है।
  5. इस मन्त्र के जाप से आपके जीवन में आने वाले सभी प्रकार के व्यवधान भगवान विष्णु दूर करते है।
  6. भगवान विष्णु आपकी हर मनोकामना पूर्ण करते है।
  7. आप अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते है।
  8. आपके अंदर आध्यात्मिक गुणों का विकास होता है।
  9. यदि आप इस पाठ को पूरी स्वछता और आस्था के साथ करते है, तो भगवान विष्णु की विशेष कृपा सदैव आप पर बनी रहती है।
  10. यदि आपकी साधना में कोई भी अज्ञात कमिया है, तो भी आपको कोई भी नकारात्म्क परिणाम नहीं मिलता है।

FAQs : Narayan Kavach PDF in Hindi

Narayan Kavach PDF in Hindi को कैसे डाउनलोड करे?

यदि आप इस Pdf को डाउनलोड करना चाहते है, तो इस पोस्ट में दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करके आसानी से फ्री में डाउनलोड कर सकते है।

नारायण कवच का पाठ कब करना चाहिए?

भगवान विष्णु की पूजा के बाद आप इस कवच के मन्त्र का जाप कर सकते है। ऐसा माना जाता है की यदि आप गुरुवार के दिन इस पाठ का वाचन करते है, तो यह बहुत ही मंगलकारी साबित होता है।

नारायण कवच का पाठ कैसे करें?

सर्वप्रथम प्रातः काल में उठकर स्नान करे। इसके बाद भगवान विष्णु जी की प्रतिमा के सामने एक सफ़ेद ऊन के गद्दे का आसन लगाकर बैठ जाये। अब अपने मन को केंद्रित करके भगवान विष्णु की आराधना करने के लिए “ॐ नमोः नारायणाय और “ॐ भगवते वासुदेवाय” मंत्रो का जाप करें। इसके बाद नारायण कवच के पाठ को आरम्भ करें।

Conclusion :-

इस पोस्ट में Narayan Kavach PDF in Hindi को फ्री में उपलब्ध करवाया गया है। साथ ही नारायण कवच की रचना और इससे मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी प्रदान की। उम्मीद करते है की Narayan Kavach Path को Pdf के रूप में डाउनलोड करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं रही होगी।

दोस्तों हम आशा करते है की यह पोस्ट आपको अवश्य ही पसंद आयी होगी। यदि आपको narayana kavacham pdf से समन्धित कोई डाउट हो तो कमेंट करके जरूर बताये। साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ अवश्य ही साझा करें, ताकि वे भी narayan kavach mantra को आसानी से Pdf के रूप में डाउनलोड कर सकें तथा इससे लाभान्वित हो सके।

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