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Hatha Yoga Pradipika in Hindi PDF | हठयोग पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड 2024

योग हमारे शरीर के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। हठयोग शरीर के मानसिक और शारीरिकी संतुलन के लिए प्राचीन काल में योगियों अपनायी जाने वाली एक प्रकार की योग विधि है। इस पोस्ट में हम आपको Hatha Yoga Pradipika in Hindi PDF मुफ्त में उपलब्ध करवाने जा रहे है, जिसे आप पोस्ट में दिए गए Download बटन पर क्लिक करके आसानी से डाउनलोड कर सकते है।

इस पोस्ट में हम आपको हठयोग का अर्थ, इसकी परिभाषा, महत्व और इसके उद्देश्यों के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले है। यदि आप हठयोग के बारे में विस्तृत रूप से जानना चाहते है तो इस पोस्ट को शुरू से लेकर अंत ध्यानपूर्वक जरूर पढ़े।

Hatha Yoga Pradipika in Hindi PDF Details

Hatha Yoga Pradipika in Hindi PDF
PDF Title Hatha Yoga Pradipika in Hindi PDF
Language Hindi
Category Book
PDF Size 1 MB
Total Pages 219
Download Link Available
PDF Source
Note - यदि आप Hatha Yoga Pradipika in Hindi PDF Free Download करना चाहते है तो नीचे दिए गए Download बटन पर क्लिक करे। 

Hatha Yoga Pradipika in Hindi PDF | हठयोग

योगविद्या भारतीय ऋषि मुनियों की जीवन चर्या रही है। योगविद्या का स्थान युगो पूर्व भी शीर्ष पर था और आज भी शीर्ष पर ही है और भविष्य में भी रहेगा, इसमें किंचित भी संदेह नहीं है। आध्यात्मिक दृष्टि से योग से तात्पर्य समाधि है। अर्थात समाधिपूर्वक आत्मसाक्षात्कार एवं आत्मसाक्षात्कारपूर्वक स्वरुप स्थिति को प्राप्त कर लेना ही योग है।

लौकिक दृष्टि से योग शब्द का अर्थ संयोग अथवा मेल से है। वस्तुतः योग अस्मिता व्रती से निरोध भी है, यह योग के वियोग की घटना है। गूढ़ अर्थो में यही संयोग का वियोग ही योग है। योग के विषय में ज्ञान कराने वाले अनेक मार्ग है।

यथा राजयोग, हठयोग, लययोग, मंत्रयोग, भक्तियोग आदि योग की महत्ता और इसमें बताई गयी प्रक्रियाओ का वर्णन, श्रुति, स्मृति व् पुराणों में पर्याप्त रूप से मिलती है।

ऋग्वेदिक काल को भारतीय संस्कृति के साथ-साथ समस्त मानव सभ्यता का उद्गमकाल माना जाता है। वस्तुतः साधना चाहे किसी भी ढंग से की जाए, जब तक दैहिक आसक्ति से छुटकारा नहीं मिल जाता, मन की चंचलता तिरोहित नहीं हो जाती, तब तक योग मार्ग में प्रगति, आत्म साक्षात्कार सम्भव नहीं।

मन का विज्ञान राजयोग है और आज के युग में मानव कल्याण का समाचीन साधन जो है वह राजयोग को उच्च स्थिति को प्राप्त कराने में सहायक हठयोग है। अति प्राचीन काल से ही अपनी विशिष्ठ आध्यात्मिक छवि को बनाये रखने के कारण भारतवर्ष एक अध्यात्म-प्रधान देश के रूप में विख्यात रहा है।

चौदहवी-पन्द्रवीं शताब्दी में योग का पक्ष धूमिल हो चला था और इसी समय में श्रीस्वातमाराम ने हठयोग के सही पक्ष को जन सामान्य एवं विद्वानों के समक्ष रखा।

हठयोग का उद्देश्य

योग का मानव जीवन में काफी महत्व है। योग का मुख्य उद्देश्य शरीर को लम्बे समय तक स्वस्थ और तंदुरस्त रखना। यदि आप अपने जीवन में योग को अपनाते है तो आप सदैव स्वस्थ और दीर्घायु तक जीवित रह सकते है। हठयोग का मुख्य उदेश्य शरीर के द्वारा प्राण पर नियंत्रण करके संतुलित इच्छा की ओर ले जाना है।

हठयोग एक प्रकार की प्राचीन साधना पद्धति है, जिसके माध्यम से प्रसुप्त कुंडलिनी को जाग्रत कर नाड़ी मार्ग से ऊपर उठाने का प्रयास किया जाता है। हठयोग का मुख्य उद्देश्य निम्न है –

  • हठयोग का उद्देश्य शरीर के फिटनेस लेवल को संतुलित करना है।
  • इसका उद्देश्य शरीर के मानसिक संतुलन बनाये रखना है।
  • हठयोग का उद्देश्य मस्तिष्क की एकाग्रता को बनाये रखना है।
  • इस योग से आप अपने अनुशासन के स्तर को उच्च कर सकते है।
  • हठयोग को आप अपने दैनिक जीवन में अपनाकर अपने स्वास्थ्य में सुधार कर सकते है।

इन उद्देश्यों के अतिरिक्त हठयोग का मुख्य उद्देश्य आपकी सौर और चद्र ऊर्जा को संतुलित करने के साथ-साथ बिना किसी गड़बड़ी के एक स्वस्थ प्राणी बनाना है।

अब हम हठयोग से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण सवाल जबाब के बारे में जान लेते है –

FAQs : Hatha Yoga Pradipika PDF in Hindi

हठयोग के अनुसार सर्वश्रेष्ठ आसन कौन सा है?

हठयोग में कुल चौरासी हजार आसनो का जिक्र किया गया है। इन्ही आसनों में से चार को प्रमुख माना गया है। जिसके अंतर्गत सिद्धासन, पद्मासन, भद्रासन और सुखासन आते है। इन चार आसनो में से भी दो को श्रेष्ठ माना गया है। इन दोनों में से सिद्धासन सर्वश्रेष्ठ आसन है।

हठ योग के प्रवर्तक कौन है?

हठ योग के प्रवर्त्तक महायोगी गुरु गोरखनाथ है।

हठयोग के अनुसार मृत्यु पर विजय पाने वाली क्रिया कौनसी हैं?

खेचरी मुद्रा को मृत्यु पर विजय अर्थात दीर्घायु के लिए जाना जाता है।

हठ का अर्थ क्या है?

हठ शब्द सामान्य शब्दों में अर्थ दृढ़ रहना है अर्थात किसी प्रयास के साथ टीके रहना है।

Conclusion :-

इस पोस्ट में Hatha Yoga Pradipika in Hindi PDF मुफ्त में उपलब्ध करवाई गयी है। साथ ही हठयोग के अर्थ और इसके मुख्य उद्देश्य के बारे में जानकारी प्रदान की गयी है। उम्मीद करते है कि हठ रत्नावली PDF in Hindi Download करने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी।

आशा करते है कि यह पोस्ट आपके लिए मददगार साबित हुई होगी। यदि आपको Hatha yoga pradipika in hindi pdf free download करने में किसी भी प्रकार की समस्या आ रही हो तो कमेंट करके जरूर बताये। साथ ही इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे।

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