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Destructive और Non Destructive Testing हिंदी | Strength Of Material

Destructive and Non-Destructive testing

Destructive Testing:

Material की quality test की ही विधि है जिसे दो भागो में बाँटा गया है जिसका प्रकार एक destructive Test है

  • जैसे कि इसके नाम से पता होता है कि खराब करना/तोडना [Destructive] जब किसी भी मटेरियल के उसके भिन्न-2 गुणों [Properties]  को Test करना होता है तब हम उसे मटेरियल को तोड़ते है ।
  • Destructive Test करने से हमें Material की Hardness, Toughness, Strength, elongation तरह की properties का पता चल जाता है ।

Destructive Testing करने की विधियां

  1. Tensile Testing
  2. Compression Testing
  3. Bending Testing
  4. Shear Testing
  5. Impact Testing
  6. Hardness Testing
  7. Torsion Testing
  1. Tensile testing :- इस प्रकार Test यूनिवर्सल Testing Machines के माध्यम से करते है  यह test Metal की strength, Ductility, Hardness पता करने के लिए किया जाता है। इस Machine में Material तब तक रखते है, जब तक fail नहीं हो जाता है

2. Compression Testing:- इस प्रकार Test यूनिवर्सल Testing Machines के माध्यम से करते है । यह test Metal की strength, Ductility, Hardness पता करने के लिए किया जाता है। इस Machine में Material तब तक रखते है, जब तक fail नहीं हो जाता है उसके बाद हमे वो मटेरियल की compressive strength पता चलती हैं ।

3. Bending Testing:- Bending Test Metal और organic Materials दोनो के लिए किया जाता है। इसके माध्यम से Metal की Bending Strength + Ductility पता चलती हैं

4. Shear Testing:- Shear test, Tensile Test का ही रूप है इस test को करने का Main Purpose shear stress पता करना होता हैं

5. Impact testing:- Impact Testing Material of Toughness पता करने के लिए करते है Material failure के दौरान जब Material Energy store करता है उसी के according हम toughness ज्ञात कर लेंगे

6. Hardness Testing:- Deformation Process में Material की Hardness कितनी है और यह किस load तक काम कर सकता है ये सब जानने के लिए Hardness testing की जाती है

Hardness Test के Method –

  1. Rockwell Hardness test

7. Torsion Testing:- यह टेस्टिंग़ से हम मटेरियल का torsional strength पता करने के लिये करते हैं और उस्के आधार पर कोई भी शाफ्ट को design करते हैं।

None-Destructive Testing(एन-डी-टी (NDT)):

इस प्रकार का भी Material Quality test में होता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें Material को नष्ट/तोड़ना नहीं होता है। इसे हम short रूप मे NDT भी कहते है।

Methods of NDT:-

  1. Visial Inspection / Test
  2. Dye Penetrate Test
  3. Ultra Sonic Test
  4. Megnatic Partical
  5. visual Test / Inspection:- इस प्रकार का test आँखों के माध्यम से लेंस की सहायता से उस Material को बिना तोड़ें किया जाता है

उदा. Welding Process में आने वाले Defect आदि

  1. Dye Penetrate Test:-  इस प्रकार का test surface पर जो भी कमी है उसको Denote करने के लिए किया जाता है।

उदा.  Crack

  1. Ultra Sonic Test:- ये test भी surface पर crack और Defect पता करने के लिए किया जाता है। इस प्रकार का test sound waves उस पार्ट से निकाली जाती है जिसका हमें NDT करता हैं
  2. Megnatic Partical Test:-  इस प्रकार का test Material की ferus quality test के लिए किया जाता है test करने के लिए surface पर Menatic partical डालके पता करते हैं

Difference Between NDT & DT[Non Destructive Test & Destructive Test]:

DT NDT
ये test material की properties पता करने के लिए करते है इस प्रकार का Test सिर्फ Material defect निकलने के लिए किया  जाता है
इस पर load डालना पड़ता है Load नहीं लगाना पड़ेगा
Material Damage हो जाता है Material Damage नहीं होता है
महंगा [expensive] पड़ता है महंगा नहीं पड़ता है इसीलिए इंडस्ट्री की जरुरत है
High skilled पर्सन ही कर सकता है उतनी skilled जरुरी नहीं है इसीलिए कम खर्च में भी हो  जाता है
इसकी विधियां Tensile test compression test आदि  है इसकी विधियां Dye Penetrate Ultrasonic आदि है

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