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CBSE Sample Papers for Class 9 Hindi B Set 3 with Solutions

Students must start practicing the questions from CBSE Sample Papers for Class 9 Hindi B with Solutions Set 3 are designed as per the revised syllabus.

CBSE Sample Papers for Class 9 Hindi B Set 3 with Solutions

निर्धारित समय :3 घंटे
पूर्णांक : 80

सामान्य निर्देश :
(i) इस प्रश्नपत्र में दो खंड हैं- खंड ‘अ’ और ‘ब’। खंड ‘अ’ में वस्तुपरक / बहुविकल्पीय और खंड ‘ब’ में वस्तुनिष्ठ वर्णनात्मक प्रश्न दिए गए हैं।
(ii) प्रश्नपत्र के दोनों खंडों में प्रश्नों की संख्या 19 है और सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
(iii) यथासंभव सभी प्रश्नों के उत्तर क्रमानुसार लिखिए।
(iv) खंड ‘अ’ में कुल 12 प्रश्न हैं, जिनमें उपप्रश्नों की संख्या 45 हैं। दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए 40 उपप्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य हैं।
(v) खंड ‘ब’ में कुल 7 प्रश्न हैं, सभी प्रश्नों के साथ उनके विकल्प भी दिए गए हैं। निर्देशानुसार विकल्प का ध्यान रखते हुए सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

खण्ड ‘अ’
(वस्तुपरक प्रश्न)

‘I’ : अपठित गद्यांश

1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए- (1 × 5 = 5)

हाल में ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के न्यूरो साइंस प्रोफेसर फोस्टर के नेतृत्व वाले 3 सदस्यीय दल के स्कूली बच्चों पर किए गए शोध से कई दिलचस्प नतीजे सामने आए, जिसमें उन्होंने पाया कि जो छात्र परीक्षा वाले दिनों में सामान्य से ज़्यादा सोए, उनके परिणाम अन्य से बेहतर रहे।

शोधकर्ताओं का कहना है कि किशोरों में सामान्य प्रवृत्ति यह रहती है कि परीक्षा के दौरान वे देर से सोते हैं और देर से ही उठते हैं। सामान्यत: सुबह 10 बजे से पहले वे पूरी तरह से चैतन्य नहीं हो पाते हैं। छात्र दोपहर के बाद पूरी तरह से सजग होते हैं और छात्रों को सबसे कठिन पाठों को इसी समय पढ़ना चाहिए। यह प्रक्रिया छात्रों में 21 साल की उम्र तक कायम रहती है। जागने की भी एक क्षमता होती है, लेकिन जब सिर पर पढ़ाई का भूत सवार रहता है तो जागते रहने के लिए या तो छात्र बार-बार चाय-कॉफी का सेवन करते हैं या फिर उठकर टहलते हैं अथवा बार-बार मुँह धोते रहते हैं। इन सबका असर न होने पर वे जागते रहने हेतु नींद न आने की गोली आदि का सेवन भी करते हैं। इससे उनकी नींद भले ही कुछ समय के लिए गायब हो जाए, लेकिन इसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है। रात भर जागने वाले परीक्षार्थी जब सुबह परीक्षा देने जाते हैं तो उन्हें झपकी आने लगती है, जिस पर उनका कोई वश नहीं होता है। ऐसे में रात भर जो कुछ उन्होंने पढ़ा वह सब भूल जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मस्तिष्क की कार्यक्षमता घट जाती है। आखिरकार उसे भी तो आराम चाहिए जो नींद से ही मिल सकता है। परीक्षा के दौरान रातभर जागने से परीक्षार्थी के पाचन तन्त्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
प्रकृति ने रात सोने के लिए बनाई है और दिन कार्य करने के लिए। अब यदि प्रकृति के नियम के विरुद्ध कार्य करेंगे तो उसका परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा।

(1) न्यूरो साइंस प्रोफेसर के नेतृत्व में किए जाने वाले शोध कार्य के क्या परिणाम निकले ?
(क) जो छात्र परीक्षा के दिनों में रात को देर तक जागकर पढ़े वे अधिक सफल हुए ।
(ख) जो छात्र परीक्षा के दिनों में सुबह देर से सोकर उठे वे अधिक सफ़ल हुए।
(ग) जो छात्र परीक्षा के दिनों में अधिक मात्रा में भोजन करते थे, वे अधिक सफल हुए ।
(घ) जो छात्र परीक्षा के दिनों में अधिक सोए, वे अधिक सफल हुए।
उत्तर:
(घ) जो छात्र परीक्षा के दिनों में अधिक सोए, वे अधिक सफल हुए।

व्याख्या – न्यूरो साइंस प्रोफेसर के नेतृत्व में किए गए शोध कार्य के यह परिणाम निकले कि जो छात्र परीक्षा के दिनों में अधिक सोए, वे अधिक सफल हुए।

(2) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए |
कथन (A): जागते रहने के लिए छात्र – चाय-कॉफी का सेवन करते हैं ।
कारण (R): वे बार-बार टहलते हैं तथा बार – बार मुँह धोते हैं।
(क) कथन (A) सही तथा कारण (R) गलत है।
(ख) कथन (A) गलत है तथा कारण (R) सही है ।
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं ।
(घ) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
उत्तर:
(ग) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं ।

व्याख्या- जागते रहने के लिए छात्र चाय-कॉफ़ी का सेवन करते हैं तथा बार-बार टहलते व मुँह धोते हैं। कभी-कभी नींद न आने वाली टेबलेट का प्रयोग करते हैं।

(3) रातभर जागकर पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(क) स्वास्थ्य खराब होना तथा चक्कर आना।
(ख) मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ना तथा स्वास्थ्य सही रहना ।
(ग) स्वास्थ्य खराब होना, उल्टी आना ।
(घ) मस्तिष्क की कार्यक्षमता का घटना । गद्यांश में की गई है ?
उत्तर:
(घ) मस्तिष्क की कार्यक्षमता का घटना । गद्यांश में की गई है ?

(4) प्रकृति द्वारा मानव के लिए किस नियम की बात
(क) मानव को प्रकृति का आनन्द लेने के लिए।
(ख) मानव को पर्यटन स्थल पर आनन्दपूर्ण भ्रमण के लिए।
(ग) मानव को आनन्दपूर्ण जीवन जीने के लिए।
(घ) मानव को रात में सोने तथा दिन में कार्य करने के लिए।
उत्तर:
(घ) मानव को रात में सोने तथा दिन में कार्य करने के लिए।

(5) प्रस्तुत गद्यांश के द्वारा लेखक हमें क्या संदेश देना चाहता है ?
(क) प्रत्येक कार्य को समय पर न करना ।
(ख) प्रत्येक कार्य को लगन से न करना ।
(ग) प्रत्येक कार्य को मन लगाकर न करना ।
(घ) प्रत्येक कार्य को समय व नियम से करना ।
उत्तर:
(घ) प्रत्येक कार्य को समय व नियम से करना ।

2. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इसके आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए – (1 × 5 = 5)

चीन के महान् दार्शनिक संत ताओ-बू-बीन के पास चुंगसिन नामक एक व्यक्ति पहुँचा, उसने उनसे धर्म की शिक्षा देने की प्रार्थना की। संत ताओ-बू ने उस व्यक्ति को कुछ समय तक अपने पास रखा और उसे दीन-दुःखियों की सेवा में लगा दिया, कुछ समय बाद चुंगसिन ने संत जी से निवेदन किया, “महाराज इतने दिन हो गए, आपने मुझे धर्म की शिक्षा नहीं दी”। संत ने कहा, “तेरा तो जीवन ही धर्ममय हो गया है, फिर मैं धर्म के विषय में तुझे क्या बताता ? तू अपने कर्त्तव्यों का पालन निष्ठापूर्वक करता है, तुझसे बड़ा धार्मिक कौन होगा ?” चुंगसिन समझ गया, आप भी समझ गए होंगे कि कर्त्तव्य का पालन ही जीवन में सर्वोपरि है, चाहें तो हम उसे मानव का परम धर्म कह सकते हैं।

हमारे युवा पाठकों में प्रायः प्रत्येक युवा किसी-न-किसी परीक्षा के लिए तैयारी का संकल्प लिए हुए है। क्या आप में से प्रत्येक को विश्वास है कि वह पूरी निष्ठा के साथ परीक्षा या प्रतियोगिता के संदर्भ में अपने कर्त्तव्य का पालन कर रहा / रही है ? परीक्षा की तैयारी के अतिरिक्त आपके लिए अन्य कोई कार्यक्रम महत्त्व नहीं रखता है। कुछ ऐसे छात्र – छात्राएँ देखने में आते हैं जो घर से पढ़ने के लिए कॉलेज आते हैं परन्तु वे कक्षाओं में न जाकर मटरगश्ती करते हैं अथवा कैंटीन में बैठकर दोस्तों के साथ बातें करते हैं। तब क्या वे अपने कर्त्तव्य की अवहेलना एवं माता-पिता के साथ विश्वासघात नहीं करते हैं? हम चाहते हैं कि हमारे युवा पाठक शांत चित्त से विचार करके देखें कि वे उक्त श्रेणी के अनुत्तरदायी वर्ग के अन्तर्गत तो नहीं आते हैं। परीक्षा एवं प्रतियोगिता में असफल होने के मूल में प्रायः हमारे युवावर्ग द्वारा पूरी तरह से अपने कर्त्तव्य का पालन न करना होता है, यदि वे अपने कर्त्तव्य का पालन पूरी निष्ठा के साथ करें, तो हम पूरी दृढ़ता के साथ कह सकते हैं कि उनकी सफलता की संभावनाएँ कई गुना बढ़ जाएँगी।

कर्त्तव्य-पालन के संदर्भ में यह नहीं सोचना चाहिए कि यदि सफलता नहीं मिलती है, तो क्या होगा ? कर्त्तव्य पालन को लक्ष्य करके हमारे मन-मस्तिष्क में एक ही विचार रहना चाहिए कि मैं इसका सम्यक निर्वाह एवं पालन किस प्रकार कर सकता हूँ ?

(1) ताओं ने चुंगसिन को सबसे बड़ा धार्मिक क्यों कहा?
(क) वह अपने कर्त्तव्यों का पालन बिना मन के करता था ।
(ख) वह अपने कर्त्तव्यों का पालन निष्ठापूर्वक करता था ।
(ग) वह अपने कर्त्तव्यों का पालन ज़िम्मेदारी से नहीं करता था ।
(घ) वह अपने कर्त्तव्यों को दूसरों से पूरा करवाता था।
उत्तर:
(ख) वह अपने कर्त्तव्यों का पालन निष्ठापूर्वक करता था ।

व्याख्या- ताओं ने चुंगसिन को सबसे बड़ा धार्मिक इसलिए कहा है क्योंकि वह अपने कर्त्तव्यों का पालन निष्ठापूर्वक करता था ।

(2) कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा व्यक्ति के चरित्र को बनाती है-
(क) व्यक्ति और उसके चरित्र को भाग्यशाली नहीं बनाती है।
(ख) व्यक्ति और उसके चरित्र को महान् बनाती है।
(ग) व्यक्ति और उसके चरित्र को कर्महीन बनाती है ।
(घ) व्यक्ति और उसके चरित्र को उन्नतिहीन बनाती है ।
उत्तर:
(ख) व्यक्ति और उसके चरित्र को महान् बनाती है।

(3) मानव का परम धर्म किसे कहा गया है?
(क) उन्नतिशील होने पर भी कर्त्तव्य का पालन करना ।
(ख) निष्ठापूर्वक अपने कर्त्तव्यों का पालन करना ।
(ग) कर्मशील होने पर भी कर्त्तव्य का पालन न करना।
(घ) कर्त्तव्यों को गैर ज़िम्मेदारी से पूरा करना ।
उत्तर:
(ख) निष्ठापूर्वक अपने कर्त्तव्यों का पालन करना ।

व्याख्या – निष्ठापूर्वक अपने कर्त्तव्यों का पालन करने को मानव का परम धर्म कहा गया है।

(4) क्यों कहा गया है कि कुछ विद्यार्थी माता-पिता के साथ छल करते हैं?
(क) कुछ विद्यार्थी कॉलेज जाना पसन्द नहीं करते इसलिए वे कॉलेज नहीं जाते।
(ख) कुछ विद्यार्थी कॉलेज जाते हैं पर वहाँ वे कक्षाओं में मन लगाकर नहीं पढ़ते ।
(ग) कुछ विद्यार्थी कॉलेज में जाना पसन्द नहीं करते अतः घर पर ही पढ़ाई का दिखावा करते हैं।
(घ) कुछ विद्यार्थी घर से पढ़ने के लिए कॉलेज तो आते हैं पर कक्षाओं में न जाकर मटरगश्ती करते हैं।
उत्तर:
(घ) कुछ विद्यार्थी घर से पढ़ने के लिए कॉलेज तो आते हैं पर कक्षाओं में न जाकर मटरगश्ती करते हैं।

(5) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए।
कथन (A): कर्त्तव्य पालन पूरी निष्ठा के साथ करने से सफ़लता अवश्य प्राप्त होती है।
कारण (R): क्योंकि उनके मन मस्तिष्क में एक ही ध्येय रहता है।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(ख) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ग) कथन (A) सही तथा कारण (R) गलत हैं।
(घ) कथन (A) गलत तथा कारण (R) सही है ।
उत्तर:
(ख) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।

‘II’ : व्यावहारिक व्याकरण

3. निम्नलिखित ‘शब्द और पद’ पर आधारित दो बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही विकल्प चुनकर लिखिए – (1 × 2 = 2)

(1) जब कोई शब्द पद का रूप ले लेता है तो-
(क) शब्द पद नहीं बन सकता।
(ख) उन पर व्याकरण के नियमों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता ।
(ग) स्वतन्त्र रहने के कारण उस पर व्याकरण के नियम लागू नहीं होते।
(घ) शब्दों की स्वतन्त्रता समाप्त हो जाती है और वह व्याकरण के नियमों में बँध जाता है।
उत्तर:
(घ) शब्दों की स्वतन्त्रता समाप्त हो जाती है और वह व्याकरण के नियमों में बँध जाता है।

व्याख्या – शब्दों की स्वतन्त्रता समाप्त हो जाती है और वह व्याकरण के विषयों में बँध जाता है।

(2) व्याकरणिक नियमों में बँधकर शब्द जब वाक्य में प्रयुक्त होता है तब वह कहलाता है-
(क) शब्द ।
(ख) पद ।
(ग) वाक्य |
(घ) इनमें से कोई नहीं ।
उत्तर:
(ख) पद ।

4. निम्नलिखित ‘अनुस्वार तथा अनुनासिक’ पर आधारित तीन बहुविकल्पीय प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए- (1 × 2 = 2)

(1) निम्न में से अनुस्वार का उचित प्रयोग हुआ है-
(क) गणतंत्र
(ख) गणतंत्र
(ग) गणतंत्र
(घ) गणतन्त्र
उत्तर:
(क) गणतंत्र

(2) अनुनासिक का उचित उदाहरण नहीं है-
(क) बासुँरी
(ख) सुगंधित
(ग) आँख
(घ) मुँह
उत्तर:
(ख) सुगंधित

व्याख्या- सुगंधित अनुनासिक का उचित उदाहरण नहीं है।

(3) अनुस्वार चिन्ह के उचित प्रयोग वाला शब्द नहीं है-
(क) चंचल
(ख) वीरांगना
(ग) असंभव
(घ) कुँज
उत्तर:
(घ) कुँज

5. निम्नलिखित ‘ उपसर्ग और प्रत्यय’ पर आधारित पाँच बहुविकल्पीय प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए- (1 × 4 = 4)

(1) ‘परोपजीवी’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग व मूल शब्द है-
(क) परोपजीवी
(ख) परोप + जीवी
(ग) परा + उपजीवी
(घ) पर + उपजीवी
उत्तर:
(घ) पर + उपजीवी

व्याख्या- परोपजीवी शब्द में उपसर्ग ‘पर’ तथा मूल शब्द ‘उपजीवी’ है, जैसे- पर + उपजीवी = परोपजीवी

(2) संपादकीय’ शब्द में मूल शब्द व प्रत्यय है-
(क) संपादकी + इय
(ख) संपादकीय
(ग) संपादक + ईय
(घ) संपाद + इय
उत्तर:
(ग) संपादक + ईय

(3) ‘अभिज्ञान’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग व मूलशब्द है-
(क) अभि + ज्ञान
(ख) अभ + इज्ञान ।
(ग) अभइ + ज्ञान
(घ) अभि + इज्ञान
उत्तर:
(क) अभि + ज्ञान

(4) ‘ईय’ प्रत्यय से कौन-सा शब्द सम्बन्धित नहीं है-
(क) भारतीय
(ख) पर्वतीय
(ग) ईश्वरीय
(घ) गरिमामय
उत्तर:
(घ) गरिमामय

व्याख्या- ‘गरिमामय’ शब्द में ईय प्रत्यय नहीं लगता है। यह शब्द ईय प्रत्यय से सम्बन्धित नहीं है ।

(5) निम्न में से आगत उपसर्ग है-
(क) अध
(ख) बद
(ग) प्रति
(घ) आ
उत्तर:
(ख) बद

6. निर्देशानुसार ‘स्वर संधि’ पर आधारित चार बहुविकल्पीय प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए- (1 × 3 = 3)

(1) विधायक में कौन-सी सन्धि है ?
(क) दीर्घ सन्धि
(ख) वृद्धि सन्धि
(ग) विसर्ग सन्धि
(घ) अयादि सन्धि
उत्तर:
(घ) अयादि सन्धि

(2) सु + आगत (स्वागत) किस सन्धि का उदाहरण है?
(क) विसर्ग सन्धि
(ख) व्यंजन सन्धि
(ग) यण सन्धि
(घ) इनमें से कोई नहीं ।
उत्तर:
(ग) यण सन्धि

(3) गुण सन्धि का उदाहरण है-
(क) अन्विष्ट
(ख) उद्योग
(ग) कड़वाहट
(घ) यथोचित
उत्तर:
(घ) यथोचित

व्याख्या- यथोचित = यथा + उचित, अतः यह गुण सन्धि का उदाहरण है।

(4) नयन किस सन्धि का उदाहरण है-
(क) यण सन्धि
(ख) अयादि सन्धि
(ग) वृद्धि सन्धि
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ख) अयादि सन्धि

व्याख्या- नयन अयादि संधि का उदाहरण है।

7. निर्देशानुसार ‘विराम चिह्न’ पर आधारित चार बहुविकल्पीय में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए- (1 × 3 = 3)

(1) “विराम चिन्ह” की दृष्टि से कौन-सा वाक्य अशुद्ध है-
(क) नहीं कल मैं फिरोज़ाबाद नहीं जा सकता ।
(ख) क्या कहा ?
(ग) उसने कहा, ‘तुम कहाँ थे’ ?
(घ) (क) और (ग) दोनों
उत्तर:
(क) नहीं कल मैं फिरोज़ाबाद नहीं जा सकता ।

(2) ‘वे कहाँ थे’ वाक्य में सही विराम चिह्न का प्रयोग कीजिए-
(क) उपविराम
(ख) योजक
(ग) प्रश्नवाचक
(घ) अर्द्धविराम
उत्तर:
(घ) अर्द्धविराम

(3) अरे तुम कब आए ? वाक्य में किस चिह्न का लोप है?
(क) प्रश्नवाचक
(ख) अवतरण
(ग) योजक
(घ) विस्मयसूचक
उत्तर:
(ग) योजक

व्याख्या- अरे तुम कब आए ? वाक्य में विस्मयसूचक चिह्न का प्रयोग होगा क्योंकि वाक्य में आश्चर्य का भाव प्रकट हो रहा है। इसका सही वाक्य होगा- अरे ! तुम कब आए ?

(4) ‘तुम सब कहाँ जा रहे हो’ वाक्य में सही विराम चिह्न का प्रयोग कीजिए-
(क) उपविराम
(ख) योजक
(ग) प्रश्नवाचक
(घ) अर्द्धविराम
उत्तर:
(ग) प्रश्नवाचक

8. निर्देशानुसार ‘अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद पर आधारित तीन बहुविकल्पीय प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए- (1 × 2 = 2)

(1) ‘ईशा पुस्तक पढ़ रही है ।’ अर्थ के आधार पर वाक्य है-
(क) विधानवाचक
(ख) आज्ञावाचक
(ग) इच्छावाचक
(घ) संदेहवाचक
उत्तर:
(क) विधानवाचक

व्याख्या- ईशा पुस्तक पढ़ रही है यह विधानवाचक वाक्य है।

(2) ‘अरे! मेरा मित्र प्रथम आया’ अर्थ के आधार पर वाक्य है-
(क) इच्छावाचक
(ख) संकेतवाचक
(ग) संदेहवाचक
(घ) विस्मयवाचक
उत्तर:
(घ) विस्मयवाचक

व्याख्या- इस वाक्य में आश्चर्य का बोध हो रहा है अतः विकल्प (घ) सही है।

(3) कॉलम -1 को कॉलम-2 के साथ सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए-
CBSE Sample Papers for Class 9 Hindi B Set 3 with Solutions 1
विकल्प:-
(क) 1- (ii), 2- (i), 3- (iii)
(ख) 1-(iii), 2-(ii), 3-(i)
(ग) 1- (i), 2- (ii), 3- (iii)
(घ) 1- (i), 2-(iii), 3-(ii)
उत्तर:
(क) 1- (ii), 2- (i), 3- (iii)

9. निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए- (1 × 5 = 5)

यहाँ रोज़ कुछ बन रहा है
रोज़ कुछ घट रहा है
यहाँ स्मृति का भरोसा नहीं
एक ही दिन में पुरानी पड़ जाती है दुनिया
जैसे वसंत का गया पतझड़ को लौटा हूँ
जैसे बैसाख का गया भादों को लौटा हूँ
अब यही है उपाय कि हर दरवाज़ा खटखटाओ
और पूछो – क्या यही है वो घर ?
समय बहुत कम है तुम्हारे पास
आ चला पानी ढहा आ रहा अकास
शायद पुकार ले कोई पहचाना ऊपर से देखकर ।

(1) ‘जैसे वसंत गया पतझड़ को लौटा हूँ’ से कवि का क्या तात्पर्य है ?
(क) गम का खुशी में बदलना
(ख) खुशी का गम में बदलना
(ग) वक्त की परिवर्तनशीलता
(घ) ऋतु परिवर्तन
उत्तर:
(ग) वक्त की परिवर्तनशीलता

व्याख्या- ‘बसंत का गया पतझड़ को लौटा हूँ’ से कवि का तात्पर्य वक़्त की परिवर्तनशीलता से है ।

(2) किस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है?
(क) पुरानी यादों पर
(ख) नए रास्तों पर
(ग) पुराने रास्तों पर
(घ) नई यादों पर
उत्तर:
(क) पुरानी यादों पर

व्याख्या- पुरानी यादों पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि कवि बहुत समय बाद लौटा है।

(3) कवि ने क्यों कहा कि दुनिया एक दिन में पुरानी पड़ जाती है?
(क) बीता दिन लौटकर नहीं आता ।
(ख) नित्य नए परिवर्तन ।
(ग) बीता दिन पुराना हो जाता है।
(घ) रात हो जाती है।
उत्तर:
(ख) नित्य नए परिवर्तन ।

व्याख्या- एक दिन में दुनिया पुरानी पड़ जाती है क्योंकि रोज़ नित्य नए परिवर्तन होते रहते हैं।

(4) यहाँ रोज़ कुछ बन रहा है ……… पंक्ति को पूरा करें।
(क) रोज़ कुछ घट रहा है
(ख) यहाँ स्मृति का भरोसा नहीं
(ग) क्या यही है वो घर
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(क) रोज़ कुछ घट रहा है

(5) ‘स्मृति’ का क्या अर्थ है।
(क) वसंत
(ख) सोना
(ग) याद
(घ) मृत्यु
उत्तर:
(ग) याद

10. निम्नलिखित दो प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए- (1 × 2 = 2)

(1) कौन-सी रचना हरिवंशराय बच्चन की है?
(क) निशा- निमन्त्रण
(ख) उर्वशी
(ग) साकेत
(घ) कामायनी
उत्तर:
(क) निशा- निमन्त्रण

(2) अग्निपथ कविता किसके द्वारा लिखी गई है ?
(क) रामधारी सिंह दिनकर
(ख) मैथिलीशरण गुप्त
(ग) हरिवंशराय बच्चन
(घ) अमिताभ बच्चन
उत्तर:
(ग) हरिवंशराय बच्चन

11. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए- (1 × 5 = 5)

अपने खर्राटों से एक और रात गुंजायमान करने के बाद कल जो किरण तुम्हारे बिस्तर पर आएगी वह तुम्हारे यहाँ आगमन के बाद पाँचवें सूर्य की परिचित किरण होगी। आशा है, वह तुम्हें चूमेगी और तुम घर लौटने का सम्मानपूर्ण निर्णय ले लोगे। मेरी सहनशीलता की वह अंतिम सुबह होगी। उसके बाद मैं स्टैंड नहीं कर सकूँगा और लड़खड़ा जाऊँगा । मेरे अतिथि, मैं जानता हूँ कि अतिथि देवता होता है, पर आखिर मैं भी मनुष्य हूँ। मैं कोई तुम्हारी तरह देवता नहीं । एक देवता और एक मनुष्य अधिक देर साथ नहीं रहते। देवता दर्शन देकर लौट जाता है। तुम लौट जाओ अतिथि ! इसी में तुम्हारा देवत्व सुरक्षित रहेगा। यह मनुष्य अपनी वाली पर उतरे, उसके पूर्व तुम लौट जाओ ! उफ़, तुम कब जाओगे अतिथि ?

(1) लेखक ने खर्राटों का प्रसंग क्यों उठाया है ?
(क) मेहमान अपना घर न समझकर पक्षपात कर रहा है।
(ख) रिश्तेदार अपना घर समझकर काफ़ी दिन से टिके हुए हैं।
(ग) मेहमान अपना घर मानकर बिना किसी चिंता के मज़े कर रहा है।
(घ) किरायेदार अपने घर का मकान समझकर बिना किराए के रह रहा है।
उत्तर:
(ग) मेहमान अपना घर मानकर बिना किसी चिंता के मज़े कर रहा है।

व्याख्या- अतिथि को लेखक का घर अपने घर से ज़्यादा अच्छा लग रहा है। दूसरों का घर हमेशा ज़्यादा अच्छा लगता है। इसी प्रकार मेहमान अपना घर मानकर बिना किसी चिंता के मज़े कर रहा है।

(2) लेखक के अनुसार अतिथि के समय पर लौट जाने पर अतिथि का क्या सुरक्षित रहता है ? विचार कीजिए और उचित विकल्प का चयन कीजिए।
(i) सम्मान
(ii) इज़्ज़त
(iii) देवत्व
(iv) मान
(क) (i) और (ii)
(ख) (iii) और (iv)
(ग) केवल (iii)
(घ) केवल (ii)
उत्तर:
(ग) केवल (iii)

(3) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए ।
कथन : (A) ‘मेरी सहनशीलता की वह अंतिम सुबह होगी । ‘
कारण : (R) लेखक अपने मन ही मन अपने अनचाहे मेहमान से चले जाने के लिए कहने की सोचता है।
(क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत हैं।
(ख) कथन (A) सही तथा कारण (R) गलत है।
(ग) कथन (A) गलत तथा कारण (R) सही है ।
(घ) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
उत्तर:
(घ) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।

(4) लेखक अंत में दुःखी होकर अतिथि से क्या कहना चाहता है?
(क) कब तक ठहरोगे ?
(ख) और कितना परेशान करोगे ?
(ग) कितनी बात करोगे ?
(घ) उफ़, तुम कब जाओगे, अतिथि ?
उत्तर:
(घ) उफ़, तुम कब जाओगे, अतिथि ?

व्याख्या – लेखक को उम्मीद है कि अतिथि पाँचवें दिन का सूर्य उदय होते ही अपने घर चला जाएगा। उसके कारण लेखक पर आर्थिक दबाव बढ़ गया था । अंत में दुःखी होकर लेखक अतिथि से कहना चहाता है- उफ़ ! तुब कब जाओगे अतिथि ?

(5) ‘देवता’ शब्द का विलोम है-
(क) देवी
(ख) ईश्वर
(ग) राक्षस
(घ) खुदा
उत्तर:
(ग) राक्षस

12. निम्नलिखित दो प्रश्नों के उत्तर देने के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए- (1 × 2 = 2)

(1) ‘दुःख का अधिकार’ कहानी में किसका यथार्थ चित्रण है ? उचित विकल्प का चयन कीजिए-
(i) निर्धन परिवार
(ii) सम्पन्न परिवार
(iii) लोकमत
(iv) गाँव
(क) केवल (i)
(ख) केवल (ii)
(ग) केवल (iii)
(घ) केवल (iv)
उत्तर:
(क) केवल (i)

(2) परिचारिका का अर्थ है-
(क) सेविका
(ख) साधु
(ग) व्यक्ति
(घ) कोई नहीं
उत्तर:
(क) सेविका

खण्ड ‘ब’ (40)
(वर्णनात्मक प्रश्न)

गद्य खण्ड (12 अंक)

13. निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए- (3 × 2 = 6)

(1) दुःख का अधिकार कहानी में लेखक ने हमारी किन कुरीतियों और कुसंस्कारों की ओर संकेत किया है ?
उत्तर:
लेखक ने इस कहानी में समाज की कुछ कुरीतियों की ओर संकेत किया है। जैसे-यदि किसी के यहाँ मृत्यु का सूतक (पातक) हो तो उसे काम नहीं करना चाहिए। उसके हाथ से चीज़ भी नहीं खरीदनी चाहिए क्योंकि उसके स्पर्श से वस्तु दूषित हो जाती है और खाने वाले का ईमान-धर्म नष्ट हो जाता है।
लेखक ने समाज के इस कुसंस्कार की ओर भी संकेत किया है कि झाड़-फूँक करने वाले ओझा को पूजा के नाम पर बहुत दान-दक्षिणा दे दी जाती है, भले ही घर में कुछ भी शेष न रहे।
इसी प्रकार हाथ के गहने तक बेचकर मुर्दे के लिए कफ़न खरीदना पड़े इसे भी लेखक कुरीति मानता है । वैसे ग़रीब विवश लोगों के प्रति घृणा की भावना और उन्हें नीच या कमीना कहना स्वयं में एक बहुत बड़ा कुसंस्कार है। इसका संकेत भी लेखक ने दिया है।

(2) हिमपात किस तरह होता है और उससे क्या-क्या परिवर्तन आते हैं ?
उत्तर:
हिमपात में बर्फ गिरती है । कभी-कभी बर्फ के भारी टुकड़े भी गिरते हैं। हिमपात अनिश्चित और अनियमित होता है। इससे अनेक प्रकार के परिवर्तन आते रहते हैं। ग्लेशियर के बहने से अक्सर बर्फ में हलचल हो जाती है जिससे बर्फ़ की चट्टानें तत्काल गिर जाती हैं। इससे धरातल पर दरारें पड़ जाती हैं और यह दरारें चौड़े हिम – विदर में बदल जाती हैं। कभी-कभी स्थिति खतरनाक रूप धारण कर लेती है।

(3) अतिथि को जाने के लिए लेखक ने किस-किस तरह से संकेत किया ?
उत्तर:
अतिथि को जाने के लिए लेखक ने कई तरह से संकेत दिए । लेखक अतिथि के सामने उसे दिखाकर तारीखें बदलता है। तारीखें बदलते समय वह इस बात को दोहराता है कि आज कौन-सी तारीख हो चुकी है। ऐसा करके वह अतिथि को जाने की याद दिलाना चाहता है। इसके अतिरिक्त उसने धोबी को कपड़े देने की अपेक्षा लॉण्ड्री में कपड़े देने का सुझाव दिया जिससे कपड़े जल्दी धुलकर आ सकें। उसके द्वारा कहे गए ‘जल्दी धुल सकें’ वाक्य में यह भी संकेत था कि अतिथि को शीघ्र अपने घर लौट जाना चाहिए। लेखक ने अतिथि से अपनी नाराज़गी दर्शाते हुए उससे गप्पें मारना और साथ में ठहाके लगाना बंद कर दिया। उनके बीच का सौहार्द्र बोझिल, बोरियत में परिवर्तित हो गया। घर में खाना ‘डिनर’ से चलकर ‘खिचड़ी’ पर आ गया। यह भी एक ठोस संकेत था, अतिथि को वापस भेजने का । इस तरह लेखक ने अतिथि को शीघ्र घर वापस जाने के लिए कई संकेत दिए ।

14. निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए-

(1) रहीम के दोहे के सन्दर्भ में पानी के तीन अर्थ स्पष्ट करते हुए तीनों के अलग-अलग प्रयोगों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
(क) मोती के संदर्भ में पानी का अर्थ है चमक । रहीम का कहना है कि चमक के बिना मोती का कोई मूल्य नहीं होता ।
(ख) मनुष्य के संदर्भ में पानी का अर्थ है आत्मसम्मान । रहीम का कहना है कि आत्मसम्मान के बिना मनुष्य का कोई मूल्य नहीं होता है ।
(ग) चून के संदर्भ में पानी का महत्त्व सर्वोपरि है। बिना पानी के आटे से रोटी नहीं बनाई जा सकती है।

व्याख्यात्मक हल –
रहिमन पानी राखिए, बिनु पानी सब सून।
पानी गए न ऊबरे, मोती मानुष चून।।
रहीम जी के अनुसार पानी के बिना सब सूना है। पानी के बिना मोती, मनुष्य तथा आटा किसी का भी महत्त्व नहीं रह जाता। मोती के संदर्भ में पानी का अर्थ है- चमक। मोती की चमक न रहने पर उसका कोई मूल्य नहीं होता। मनुष्य के संदर्भ में पानी का अर्थ है— उसका आत्मसम्मान । आत्मसम्मान के बिना मनुष्य महत्त्वहीन हो जाता है। एक बार यदि कोई मनुष्य आत्मसम्मान गँवा देता है तो उसे पुनः प्राप्त करना सहज नहीं है। चून अर्थात् आटे के सन्दर्भ में पानी का महत्त्व सबसे अधिक है। बिना पानी के आटे से रोटी नहीं बनाई जा सकती है।

(2) ‘गीत-अगीत’ कविता का केन्द्रीय भाव लिखिए ।
उत्तर:
‘गीत-अगीत’ कविता का केन्द्रीय भाव यह है कि जिस भाव या विचार को स्वर के माध्यम से प्रकट करने का अवसर मिल जाता है, वह गीत बन जाता है । पर इसके साथ-साथ अगीत के महत्त्व को भी भुलाया नहीं जाना चाहिए। यह वह गीत होता है जो केवल मन के अंदर ही उमड़-घुमड़ कर रह जाता है। उसे स्वर नहीं मिल पाता है । अतः प्रकट नहीं होता। इसकी गूंज सुनी तो नहीं जाती, पर अनुभव की जा सकती है।

(3) ‘अग्निपथ’ कविता ‘अश्रु-श्वेद- रक्त से लथपथ’ मनुष्य के जीवन को एक महान् दृश्य बताकर हमें क्या सन्देश दिया गया ? स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर:

  • जीवन-पथ अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थितियों से भरा ।
  • लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए परिश्रम आवश्यक है।
  • राह में विभिन्न घटनाओं का सामना करना पड़ेगा।
  • जीवन में आँसू, पसीना और रक्त भी बहाना पड़ सकता है। पर हमें आगे ही बढ़ते जाना है।

व्याख्यात्मक हल-
कवि कहता है कि जीवन पथ अनुकूल और प्रतिकूल दोनों प्रकार की परिस्थितियों से भरा हुआ है। यह संसार अग्नि से पूर्ण मार्ग के समान कठिन है और इस कठिन मार्ग का सबसे सुन्दर दृश्य कवि के अनुसार कठिनाइयों का सामना करते हुए आगे बढ़ना है। संघर्ष – पथ पर चलने पर उसकी (मनुष्य की आँखों से आँसू बहते हैं, शरीर से पसीना निकलता है और खून बहता है, फिर भी वह इन सब की परवाह किए बिना निरन्तर परिश्रम करते हुए संघर्ष – पथ पर बढ़ता जाता है।

15. निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए- (3 × 2 = 6)

(1) ‘गिल्लू’ पाठ के आधार पर बताइए कि कौए को एक साथ समादरित और अनादरित प्राणी क्यों कहा गया है ?
उत्तर:
कौए को समादरित और अनादरित प्राणी इसलिए कहा गया है, क्योंकि यह एक विचित्र प्राणी है। कभी इसका आदर किया जाता है, तो कभी इसका निरादर किया जाता है। श्राद्ध पक्ष में लोग कौए को आदर सहित बुलाते हैं । पितृपक्ष में हमसे कुछ पाने के लिए हमारे पूर्वजों को कौआ बनकर ही प्रकट होना पड़ता है – ऐसी ही मान्यता है । यह अतिथि के आने का भी संदेश देता है। इन बातों के कारण यह समादरित है लेकिन यही कौआ जब अपनी कर्कश आवाज़ में काँव-काँव करता है एवं गंदगी खाता है, तो वह अनादरित हो जाता है।

(2) लेखक ने कुएँ से चिट्ठियों को बाहर कैसे निकाला ? इस घटना से लेखक के किन मानवीय गुणों की जानकारी मिलती है?
उत्तर:
विद्यार्थियों की समझ तथा अभिव्यक्ति के आधार पर ।

व्याख्यात्मक हल –
लेखक ने कुएँ में चिट्ठियाँ गिर जाने के बाद बहुत ही बुद्धिमानी, चतुरता एवं साहस का परिचय दिया । कठिन परिस्थिति में भी उसने हिम्मत नहीं हारी। कुएँ में जहरीला साँप होने के बावजूद वह साहसपूर्ण युक्ति से अपने पास मौज़ूद सभी धोतियों को आपस में बाँधता है, ताकि वे नीचे तक चली जाएँ। सर्प के डसे जाने से बचने के लिए उसने पहले कुएँ की बगल की मिट्टी गिराई । फिर डंडे से चिट्ठियों को सरकाया । डंडा छूट जाने पर उसने साँप का ध्यान दूसरी ओर बँटाया, फिर डंडे को उठा लिया। साँप का आसन बदला तो उसने चिट्ठियाँ भी उठा लीं और उन्हें धोतियों में बाँध दिया। इस प्रकार लेखक ने अपनी बुद्धि का पूरा सदुपयोग करके तथा युक्तियों का सहारा लेकर कुएँ में गिरी हुई चिट्ठियों को निकाला। यह उसकी साहसिकता का स्पष्ट परिचय देता है ।

(3) टीलियामुरा कस्बे में लेखक का परिचय किन दो प्रमुख हस्तियों से हुआ ? समाज कल्याण के कार्यों में उनका क्या योगदान था ?
उत्तर:
टीलियामुरा कस्बे में लेखक का परिचय सबसे पहले वहाँ के प्रसिद्ध लोकगायक हेमन्त कुमार जमातिया से हुआ। वे संगीत नाटक अकादमी द्वारा पुरस्कृत भी हो चुके थे। वे त्रिपुरा के एक कबीले से सम्बन्धित थे। जवानी के समय वे पीपुल्स लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन में कार्य करते थे। लेखक जब उनसे मिला था उस समय उन्होंने हथियारों से संघर्ष का रास्ता छोड़ दिया था और जिला परिषद के सदस्य के रूप में लोगों की सेवा में लगे हुए थे ।

लेखक वहाँ एक और हस्ती से मिला। मंजु ऋषिदास जो एक गायिका थीं। वह अनपढ़ थीं। वह रेडियो कलाकार होने के साथ-साथ नगर पंचायत में अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व करती थीं। उन्होंने अपने वार्ड में स्वच्छ पेयजल और गलियों में ईंट बिछाने का कार्य करवाया।

16. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत- बिन्दुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए । (6 × 1 = 6)

(1) व्यक्ति को व्यक्ति से दूर करता इंटरनेट :

  • कैसे ?
  • दुष्प्रभाव
  • निष्कर्ष

उत्तर:

व्यक्ति को व्यक्ति से दूर करता – इंटरनेट

कैसे ? – आधुनिक युग विज्ञान का युग है। इंटरनेट ने आज दुनिया को हमारी मुट्ठी में ला दिया है। बस क्लिक कीजिए और सब कुछ हमारी आँखों के सामने हाज़िर । आज इंटरनेट घर-घर की ज़रूरत बन गया है। आज लोग कम्प्यूटर, लैपटॉप और विशेष रूप से मोबाइल के जरिए इंटरनेट का प्रयोग करते हैं, लेकिन इसके अत्यधिक प्रयोग ने व्यक्ति को व्यक्ति से दूर कर दिया है। लोग अपना अधिकांश समय इंटरनेट के प्रयोग में व्यतीत करते हैं। सोशल साइटों, फेसबुक, व्हाट्सअप आदि पर चैटिंग करते हुए इतना खो जाते हैं कि उन्हें अपने चारों ओर के लोगों का ध्यान ही नहीं रहता । वे सामने बैठे व्यक्ति और आस-पास के लोगों के प्रति उदासीन बने रहते हैं। सबके साथ रहते हुए भी वह एकाकी जीवन व्यतीत करते हैं। वह दूसरों के सुख-दुःख के प्रति भी संवेदनहीन बने रहते हैं।

दुष्प्रभाव – त्योहारों, विशेष पर्वों आदि के अवसर पर जहाँ लोग एकत्र होते थे, एक-दूसरे से मिलकर बधाई देते थे वहाँ अब इंटरनेट पर बधाई देकर ही अपने कर्त्तव्यों को पूरा कर देते हैं। इसका प्रयोग करने वाले अपनी एक अलग दुनिया बना लेते हैं जिससे धीरे-धीरे समाज से अलग रहने वाले भिन्न-भिन्न प्रकार के ‘फोबिया’ का शिकार हो जाते हैं।

निष्कर्ष – इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग से बच्चे भी अछूते नहीं रहे हैं। इंटरनेट के प्रयोग के कारण बच्चे घर के बुज़ुर्गों के साथ अपना समय नहीं बिताते जिससे सहज ही मिलने वाले संस्कारों से वंचित रह जाते हैं। आस-पड़ोस के लोगों के बारे में भी अंजान बने रहते हैं इसलिए मुसीबत के समय उनका सहयोग भी प्राप्त नहीं होता। हमें विज्ञान की इस आधुनिक देन का आदर करते हुए इसका प्रयोग नियंत्रित और समझदारी से करना चाहिए तभी इसके लाभ हमें समृद्ध करेंगे।

(2) यात्रा जिसे मैं भूल नहीं पाता :

  • कहाँ की यात्रा ?
  • विशेष घटना का वर्णन
  • अविस्मरणीय कैसे ?

उत्तर:

यात्रा जिसे मैं भूल नहीं पाता

कहाँ की यात्रा ? – मैंने अलग-अलग साधनों से अपने जीवन में कई यात्राएँ की हैं। मैं रमेश चौहान एक गाँव का रहने वाला हूँ जो आगरा जिले में आता है। मैं अपनी परीक्षा देने के लिए नागपुर जा रहा था। मैं अभी आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतज़ार में खड़ा था तभी थोड़ी देर में ट्रेन आ गई और मैं अपना बैग लेकर उसमें चढ़ गया।

विशेष घटना का वर्णन – मैं अभी तक अकेला ही था लेकिन तभी अचानक एक लड़का मेरी तरफ दौड़ा, जिसका नाम अमन था और मुझसे कुछ कहने की कोशिश करने लगा लेकिन वह इतना अधिक घबराया हुआ था कि कुछ भी नहीं बोल पा रहा था। मैंने उसे तसल्ली दी और उससे उसके विषय में पूछा तो वह बोला कि वह भी महाराष्ट्र जा रहा है लेकिन उसकी सीट कन्फर्म नहीं है। मैंने उसे धैर्य बँधाते हुए अपनी सीट पर बैठा लिया।

अविस्मरणीय कैसे – अब वह शांत व प्रसन्न नज़र आ रहा था । फिर धीरे-धीरे हम दोनों में बातचीत शुरू हो गई और कुछ देर में ऐसा महसूस हुआ कि हम दोनों एक-दूसरे को काफ़ी अच्छी तरह से जानते हैं। रेल तेज़ी से गन्तव्य की ओर चली जा रही थी। हम दोनों ने एक साथ भोजन किया। हवा तेज़ थी जब हम नागपुर से कुछ दूर ही थे तभी हमें संतरों के दूर-दूर फैले बाग दिखने लगे। संतरों की खुशबू से वातावरण महक रहा था। तभी नागपुर रेलवे स्टेशन पर आकर रेल रुकी और मैं अमन, जो अब तक मेरा दोस्त बन चुका था, अलविदा कहकर रेल से उतर गया। एक अजनबी की मदद व अमन के व्यवहार से मेरा मन प्रसन्न था अतः हमें जब कभी दूसरों की सहायता करने का अवसर मिले तो हमें अपने कर्त्तव्य का निर्वाह अवश्य करना चाहिए ।

(3) मेरा देश महान् :

  • सभ्यता और संस्कृति
  • समृद्ध देश
  • विभिन्नता में एकता

उत्तर:

मेरा देश महान्

भारत की सभ्यता और संस्कृति संसार की प्राचीनतम सभ्यताओं में गिनी जाती है। मानव-संस्कृति के आदि ग्रंथ ऋग्वेद की रचना का श्रेय इस देश को प्राप्त है। जिस समय संसार का एक बड़ा भाग घुमंतू जीवन बिता रहा था, हमारा देश भारत उच्चकोटि की नागरिक सभ्यता का विकास कर चुका था । भारत संसार के देशों का सिरमौर है। यह प्रकृति की पुण्य लीलास्थली है। हिमालय माँ भारती के सिर पर मुकुट के समान शोभायमान है। गंगा तथा यमुना इसके गले का हार हैं।

दक्षिण में हिंद महासागर भारत माता के चरणों को निरंतर धोता रहता है । इस देश की उर्वरा धरती अन्न के रूप में सोना उगलती है। संसार में केवल यही एक देश है जहाँ षऋतुओं का आगमन होता है। हमारा प्यारा देश ‘विश्व गुरु’ रहा है। यहाँ की कला, ज्ञान-विज्ञान, ज्योतिष, आयुर्वेद संसार के प्रकाशदाता रहे हैं। यह देश ऋषि-मुनियों, धर्म-प्रवर्तकों तथा महान् कवियों ने बनाया है। भारत पर प्रकृति की विशेष कृपा है। यहाँ पर खनिज पदार्थों का पर्याप्त भंडार है। अपनी

अपार संपदा के कारण ही इसे ‘सोने की चिड़िया’ की संज्ञा दी गई है। भारत की धरती को धर्म-भूमि कहा जाता है। कारण यह है कि यहाँ विश्व के महानतम् धर्मों ने जन्म लिया । यहाँ के लोगों ने धर्मों को सम्मान दिया, सबको फलने-फूलने का अवसर दिया । सचमुच मेरा देश सबसे अनोखा है। भारत की संस्कृति में अनेकता में एकता है । सभी धर्मों, पूजा पद्धतियों, संप्रदायों को यहाँ सम्मान मिला है। हमने बाहर से आने वाले लोगों को प्रेम से गले लगाया। हम अपने राष्ट्र से इतना प्रेम करते हैं कि इसके सम्मान की रक्षा के लिए अपना सब कुछ बलिदान दे सकते हैं।

17. अस्पताल में दाखिल हुए अपने किसी दुर्घटनाग्रस्त मित्र को सांत्वना देते हुए लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए। (6 × 1 = 6)
उत्तर:
31/2 साकेत नगर,
दिल्ली ।
दिनांक 20/7/20XX
प्रिय मित्र संजय,
मधुर स्मृति,
मुझे कल ही मोहन के पत्र से ज्ञात हुआ कि तुम दुर्घटनाग्रस्त हो गए हो। यह जानकर मुझे अत्यंत दुःख हुआ क्योंकि पंद्रह दिन बाद तुम्हारी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएँ आरम्भ होने वाली हैं। ऐसे समय में तुम्हारी टखने की हड्डी टूटना निस्संदेह खेद का विषय है। मित्र ! जीवन में कष्ट तो आते-जाते ही रहते हैं इनसे घबराना नहीं चाहिए। ये तो वास्तव में तुम्हारे धैर्य की परीक्षा की घड़ी है। इस समय तुम अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो । अस्पताल में अधिक चिंता करना उचित नहीं है । घर आकर तुम परीक्षा की तैयारी करना । आशा है मेरी बातों पर तुम ध्यान दोगे। तुम्हारे माता-पिता को मेरा प्रणाम ।
तुम्हारा अभिन्न मित्र,
राकेश

18. प्रस्तुत चित्र को ध्यान से देखिए और चित्र को आधार बनाकर कोई लेख अथवा कहानी लिखिए जिसका सीधा और स्पष्ट सम्बन्ध चित्र से होना चाहिए। (5 × 1 = 5)
CBSE Sample Papers for Class 9 Hindi B Set 3 with Solutions 2
उत्तर:
प्रस्तुत चित्र में एक औरत पतीले से कप में चाय छान रही है। उसके पास एक चूल्हा है तथा कुछ लकड़ियाँ भी चूल्हे के पास ही रखी हैं, जिन्हें वह चूल्हे में ईंधन के रूप में प्रयोग में लेती होगी ।

वर्तमान समय में हमारे देश में अनेक समस्याएँ विद्यमान हैं जिनमें ग़रीबी भी एक प्रमुख समस्या है। निर्धनता के कारण मनुष्य को जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। धन के अभाव में मनुष्य अपनी मूलभूत आवश्यकताओं रोटी, कपड़ा व मकान को भी पूरा करने में असमर्थ रहता है। जिसके कारण परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य व शिक्षा के बारे में वह सोच भी नहीं पाता। उसका पूरा जीवन अभावों से ग्रस्त रहता है। गाँवों में तो स्थिति और भी अधिक गंभीर है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कच्चे मकानों में पानी, बिजली, शौचालय जैसी सुविधाओं से वंचित रहकर कठिनाइयों में जीवनयापन करने पर मज़बूर होते हैं। बुखार आदि किसी बीमारी से पीड़ित होने पर वे दवाई व डॉक्टर के लिए पैसों का इंतज़ाम नहीं कर पाते ।

भारत में आर्थिक असमानता चिन्ता का विषय है। एक ओर धनी सम्पन्न वर्ग है और दूसरी ओर गरीब लोग। इस ग़रीबी का प्रमुख कारण अशिक्षा, महँगाई और जनसंख्या वृद्धि है। इन कारणों को दूर करके ही ग़रीबी की समस्या का समाधान किया जा सकता है। इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए सरकार को ग़रीबों के उत्थान के लिए सही दिशा में प्रयास करने होंगे। लोगों को रोज़गार के साधन उपलब्ध कराने होंगे व शिक्षा तथा चिकित्सा की निःशुल्क व सर्वसुलभ योजानाएँ लागू करनी होंगी तभी इस निर्धनता के दानव पर विजय पाई जा सकती है।

19. मारपीट करने वाले एक छात्र और अनुशासन समिति के अध्यक्ष का संवाद लगभग 100 शब्दों में लिखिए। (5 × 1 = 5)
अथवा
भारत में बढ़ते भ्रष्टाचार पर दो मित्रों में संवाद को लगभग 100 शब्दों में लिखिए ।
उत्तर:
अध्यक्ष : कहो सुनील ! तुम्हारे विरुद्ध किशोर ने मारपीट की शिकायत की है ? तुम तो अच्छे छात्र हो, फिर यह मारपीट क्यों ?
छात्र : सर, मैं पिछले पाँच साल से विद्यालय में पढ़ रहा हूँ । मेरे विरुद्ध आपको कोई शिकायत नहीं मिली होगी पर उस दिन किशोर ने मुझे जानबूझकर छेड़ा और जब माँ की गाली दी तो मैंने उसकी पिटाई कर दी।
अध्यक्ष : तुम जैसे अच्छे छात्र से सद्व्यवहार की आशा की जाती है। तुम्हें किशोर के साथ मारपीट न करके उसके दुर्व्यवहार की शिकायत अपने अध्यापक या अनुशासन समिति से करनी चाहिए थी ।
छात्र : सॉरी सर, अब आगे आपको शिकायत का कोई मौका न दूँगा इस बार माफ़ कर दीजिए ।
अध्यक्ष : तो ठीक है, इस बार चेतावनी देकर छोड़ रहा हूँ। आशा है तुम अपना सद्व्यवहार बनाए रखोगे।
छाञ : जी सर, जैसा आप कहें।

अथवा

भारत में बढ़ते भ्रष्टाचार पर दो मित्रों में संवाद-

कार्तिक : इतनी सुबह-सुबह कहाँ जाने की तैयारी है, मित्र ?
मयंक : अरे भई ! अपने क्षेत्र के विधायक के यहाँ जा रहा हूँ।
कार्तिक : क्यों क्या हुआ, खैरियत तो है ?
मयंक : क्या बताऊँ मित्र, पिछले एक हफ्ते से बिजली नहीं आ रही है, इसलिए उनके यहाँ जा रहा हूँ।
कार्तिक : तो इसमें विधायक जी क्या करेंगे ?
मयंक : मैं तो बिजली विभाग के चक्कर लगा लगाकर हार गया, अब विधायक जी से ही सिफ़ारिश करवाऊँगा, तभी काम बनेगा।
कार्तिक : क्या समय आ गया है सिफारिश और रिश्वत के बिना काम ही नहीं चलता। मैंने भी अपना टेलीफोन इसी तरह ठीक करवाया है।
मयंक : ऊपर से नीचे तक सभी भ्रष्टाचार में लिप्त होंगे, तो आम गरीब जनता की कौन सुनेगा ? जबकि प्रभावशाली लोगों के काम चुटकी बजाते ही हो जाते हैं।
कार्तिक : सरकार भी तो कुछ सख्ती नहीं करती ।
मयंक : सरकार भी किस-किस को पकड़ेगी, बड़े-बड़े अधिकारी भी तो भ्रष्ट हैं।


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