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CBSE Sample Papers for Class 11 Hindi Set 5 with Solutions

Students must start practicing the questions from CBSE Sample Papers for Class 11 Hindi with Solutions Set 5 are designed as per the revised syllabus.

CBSE Sample Papers for Class 11 Hindi Set 5 with Solutions

समय : 3 घंटे
पूर्णांक : 80

सामान्य निर्देश:

  • इस प्रश्न-पत्र में खंड ‘अ’ में वस्तुपरक तथा खंड ‘ब’ में वर्णनात्मक प्रश्न पूछे गए हैं।
  • खंड ‘अ’ में 40 वस्तुपरक प्रश्न पूछे गए हैं। सभी 40 प्रश्नों के उत्तर देने हैं।
  • खंड ‘ब’ में वर्णनात्मक प्रश्न पूछे गए हैं। प्रश्नों के उचित आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।
  • दोनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।
  • यथासभव दोनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर क्रमशः लिखिए।

खंड ‘अ’
(वस्तुपरक प्रश्न)

अपठित बोध- (अंक 15) –

प्रश्न 1.
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए- 10 × 1 = 10

विश्व प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात शक्ल से अत्यन्त कुरूप थे। एक दिन एकांकी बैठे वह दर्पण हाथ में लिए अपना मुँह देख रहे थे, तभी उनका एक प्रिय शिष्य कमरे में आया और सुकरात को दर्पण देखता पाकर बहुत आश्चर्यचकित हुआ। वह कुछ बोला नहीं, मात्र मुस्कराने लगा। विद्वान् सुकरात ने शिष्य की मुस्कुराहट देखकर सब बात समझ ली। कुछ क्षणों के पश्चात् वे बोले, “मैं तुम्हारी मुस्कुराहट का कारण जान गया हूँ। संभवत: तुम यह सोच रहे हो कि मुझ जैसा असुंदर व्यक्ति आखिर शीशा क्यों देख रहा है ?” शिष्य मौन रहा। उसकी चोरी पकड़ी गई थी। उसका सिर लज्जा से झुक गया। वह धरती की ओर देखता खड़ा रहा। सुकरात ने पुनः बोलना आरम्भ किया, “वत्स, शायद, तुम नहीं जानते कि मैं यह शीशा क्यों देखता हूँ। “नहीं गुरू जी” शिष्य ने कहा। “मैं कुरूप हैं, इसलिए प्रतिदिन शीशा देखता हूँ। शीशा देखकर मुझे अपनी कुरूपता का भान हो जाता है। मैं अपने रूप को जानता हूँ इसलिए मैं प्रतिदिन प्रयल्न करता हूँ कि ऐसे अच्छे काम करू जिनसे मेरी यह कुरूपता ढक जाए।” शिष्य को यह बड़ा शिक्षाप्रद लगा। किन्तु उसने स्वाभाविक शंका प्रकट की, “तब तो गुरु जी, सुंदर मनुष्यों को कदापि शीशा नहीं देखना चाहिए।”
“ऐसी बात नहीं है।” सुकरात ने समझाते हुए कहा, “उन्हें भी शीशा अवश्य देखना चाहिए, इसलिए ताकि उन्हें स्मरण रहे कि वे जितने सुद्दर हैं, उतने ही सुंदर काम करें, अन्यथा बुरे काम उनकी सुंदरता को भी कुरूप बना देंगे।” शिष्य को गुरू की बात का रहस्य मालूम हो गया। वह गुरू के सम्मुख श्रद्धा से नतमस्तक हो गया।

1. गद्यांश में किसे शक्ल से कुरूप कहा है?
(क) अरस्तु
(ख) सुकरात
(ग) शिष्य
(घ) दर्पण
उत्तर :
(ख) सुकरात

2. शिष्य सुकरात को क्या करते देख मुस्कुराने लगा?
(क) हैंसते देखकर
(ख) सोते देखकर
(ग) पढ़ते देखकर
(घ) दर्पण देखते हुए
उत्तर :
(घ) दर्पण देखते हुए

3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
कथन (i): शिष्य के मौन रहने का कारण चोरी पकड़े जाना है।
कथन (ii): शिष्य के मौन रहने का कारण अहंकार था।
कथन (iii): शिष्य के मौन रहने का कारण ईर्ष्या थी।
कथन (iv): शिष्य के मौन रहने का कारण प्रतिकार था।
गद्यांश के अनुसार कौन-सा/से कथन सही है। हैं?
(क) कथन (i) सही है।
(ख) कथन (ii) सही है।
(ग) कथन (iii) सही है।
(घ) कथन (iv) सही है।
उत्तर :
(क) कथन (i) सही है।
व्याख्या-सुकरात द्वारा दर्पण देखे जाने की प्रक्रिया को देखकर तथा शिष्य को मुस्कुराते हुए सुकरात ने देख लिया, इस कारण वह मौन रहा।

4. शिष्य की दृष्टि किस पर थी ?
(क) आकाश पर
(ख) धरती पर
(ग) ब्रह्यांड पर
(घ) पाताल में
उत्तर :
(ख) धरती पर
व्याख्या-सुकरात द्वारा उसके मुस्कुराने की बात सुन वह अपनी चोरी पकड़ी जाने से स्तब्ध हो गया एवं लज्जा से वह धरती की ओर देखने लगा।

5. शिष्य को कौन-सी बात शिक्षाप्रद लगी?
(क) अच्छे काम करने की
(ख) शीशा देखने की
(ग) ताने देने की
(घ) डराने की
उत्तर :
(क) अच्छे काम करने की

6. शिष्य ने किस बात की शंका प्रकट की ?
(क) कभी-कभी देखने की
(ख) मिलने की
(ग) जाने की
(घ) सुंदर व्यक्ति के दर्पण न देखने की
उत्तर :
(घ) सुंदर व्यक्ति के दर्पण न देखने की

7. सुंदर व्यक्ति को किस बात का स्मरण रखना चाहिए?
(क) अपनी सुंदरता का
(ख) अच्छे काम करने का
(ग) बुराई का
(घ) गर्व का
उत्तर :
(ख) अच्छे काम करने का
व्याख्या-सुकरात ने सुंदर व्यक्तियों को भी दर्पण देखने को इसलिए कहा, जिससे उन्हें स्मरण रहे कि वे जितने सुंदर है, उतने ही सुंदर उन्हें काम करने हैं।

8. सुकरात की बात सुनकर शिष्य ने गुरु के प्रति क्या प्रकट किया?
(क) श्रद्धा
(ख) आभास
(ग) क्रोध
(घ) अहसान
उत्तर :
(क) श्रद्धा

9. स्वाभाविक शब्द में प्रत्यय लगाइए-
(क) स्वा
(ख) भाविक
(ग) इक
(घ) सभी
उत्तर :
(ग) इक

10. प्रस्तुत गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए-
(क) सुकरात की शिक्षा
(ख) शिष्य की शिक्षा
(ग) विकल्प (क) और (ख)
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) सुकरात की शिक्षा

प्रश्न 2.
दिए गए पद्यांश पर आधारित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए- 5 × 1 = 5

आज की शाम
जो बाज़ार जा रहे है
इनसे मेरा अनुरोध है
एक छोटा-सा अनुरोध
क्यों न ऐसा हो कि आज शाम
हम अपने थैले और डोल्चियाँ
रख्य दें एक तरफ
और सीधे धान की मंजरियों तक चलें।
चावल जूरूरी है
ज़ूरूरी है आटा दाल नमक पुदीना
पर क्यों ऐसा हो कि आज शाम
हम सीधे वहाँ पहुँचे
एक दम वर्ही

जहाँ चावल
दाना बनने से पहले
सुगंध की पीड़ा से छटपटा रहा हो।
उचित यही होगा
कि हम शुरू में ही
आमने-सामने बिना दुभाषिए के
सीधे उस सुगंध से
बातचीत करें
यह रक्त के लिए अच्छा है
अच्छा है भूख के लिए
नींद के लिए
कैसा रहे
बाज़ार ना आए बीच में।

1. पद्यांश में दुभाषिये किसे कहा गया है?
(क) उत्पादक को
(ख) ग्राहक को
(ग) बिचौलिए को
(घ) दुकानदार को
उत्तर :
(ग) बिचौलिए को

2. किसे बीच में न आने को कहा गया है?
(क) बाज़ार को
(ख) लोगों को
(ग) ग्राहकों को
(घ) अमीरों को
उत्तर :
(क) बाज़ार को
व्याख्या-कवि ने बाज़ार को बीच में न आने को कहा है।

3. कवि साग्रह कहाँ जाने हेतु कह रहा है?
(क) बाजार में
(ख) खेतों में
(ग) घर में
(घ) विदेश में
उत्तर :
(ख) खेतों में

4. अनुरोधकर्ता किससे अनुरोध करता है?
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
कथन (i): सामान्य ग्राहक से अनुरोध करता है।
कथन (ii): किसी भी व्यक्ति से अनुरोध नहीं करता है।
कथन (iii): राष्ट्रपति से अनुरोध करता है।
कथन (iv): केवल गरीब व्यक्ति से अनुरोध करता है।
निम्नलिखित विकल्पों पर विचार कीजिए तथा
सही विकल्प चुनकर लिखिए –
विकल्प-
(क) केवल कथन (i) सही है।
(ख) केवल कथन (ii) सही है।
(ग) केवल कथन (iii) सही है।
(घ) केवल कथन (iv) सही है।
उत्तर :
(क) केवल कथन (i) सही है।
व्याख्या-अनुरोधकर्ता सामान्य ग्राहक से अनुरोध करता है।

5. कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए-

कॉलम 1 कॉलम 2
1. ज़रूरी है (i) आटा दाल नमक पुदीना
2. छटपटा रहा हो (ii) सुगंध की पीड़ा से
3. आज की शाम (iii) जो बाज़ार जा रहे हैं

(क) 1 – (i), 2 – (iii), 3 – (ii)
(ख) 1 – (iii), 2 – (ii), 3 – (i)
(ग) 1 – (i), 2 – (ii), 3 – (iii)
(घ) 1 – (ii), 2 – (iii), 3 – (i)
उत्तर :
(ग) 1 – (i), 2 – (ii), 3 – (iii)

अभिष्यक्ति और माध्यम –

प्रश्न 3.
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए-

1. समाचार लेखन के कितने प्रकार होते हैं?
(क) चार
(ख) पाँच
(ग) छ:
(घ) तीन
उत्तर :
(ग) छ:
व्याख्या-समाचार लेखन के छः प्रकार होते हैं, वे हैं-क्या, कौन, कब, कहाँ, कैसे और क्यों ?

2. अमीरों की पार्टियों, फिल्मी गप-शप, सनसनी फैलाने वाली पत्रकारिता को क्या कहते हैं ?
(क) फ्लैश
(ख) अंशकालिक
(ग) पेज थ्री
(घ) ब्रेकिंग न्यूज
उत्तर :
(ग) पेज थ्री
व्याख्या-अमीरों की पार्टियों, फिल्मी गपशप, सनसनी फैलाने वाली पत्रकारिता को पेज थ्री कहते है।

3. तुरंत घटी घटना की सूचना देने वाली पत्रकारिता कहलाती है-
(क) पेज थ्री
(ख) फ़्लैंश
(ग) अंशकालिक
(घ) खोजी
उत्तर :
(ख) फ़्लैंश

4. हिन्दी का समाचार-पत्र निम्न में से कौन-सा है ?
(क) अमर उजाला
(ख) हिन्दुस्तान
(ग) दैनिक जागरण
(घ) ये सभी
उत्तर :
(घ) ये सभी

5. सम्पादक का दायित्व है-
(क) खबरों को ठीक करना
(ख) खबरों को एकत्र करना
(ग) खबरों को छपना
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) खबरों को ठीक करना

पाठ्यपुस्तक आरोह भाग-1 (अंक 10)

प्रश्न 4.
निम्नलिखित काव्यांश के प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए- 5 × 1 = 5

आज पानी गिर रहा है
बहुत पानी गिर रहा है,
रात भर गिरता रहा है,
प्राण मन घिरता रहा है.

बहुत पानी गिर रहा हैं,
घर नज़र में तिर रहा है,
घर कि मुझसे दूर है जो,
घर खुशी का पूर है जो,

1. इस कविता का क्या नाम है?
(क) घर की याद
(ख) माँ की याद
(ग) प्रियसी की याद
(घ) सभी
उत्तर :
(क) घर की याद

2. निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए पद्यांश के अनुसार सही कथन को चयनित कर लिखिए-
(क) घनी बरसात के कारण कवि का हदय पुरानी यदों में खो गया है।
(ख) घनी बरसात के कारण कवि का हुदय नई यादों में खो गया है।
(ग) घनी बरसात के कारण कवि का हुदय कठोर बन गया है।
(घ) घनी बरसात के कारण कवि का हुदय बेकार हो गया है।
उत्तर :
(क) घनी बरसात के कारण कवि का हदय पुरानी यदों में खो गया है।
व्याख्या-लगातार और घनी बरसात के कारण कवि का हुदय पुरानी यादों में खो गया है।

3. कवि को जेल में रहते हुए किसकी याद आई ?
(क) आँगन की
(ख) बहनों की
(ग) चाचा की
(घ) चाची की
उत्तर :
(क) आँगन की

4. निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सह्नी विकल्प चुनकर लिखिए-
कथन (A) : प्राण मन घिरता रहा है।
कारण (R): प्राण का अर्थ साँस, श्वास और जान है।
(क) कथन (A) सही है, कारण (R) गलत हैं।
(ख) कथन (A) सही नहीं है, कारण (R) सही हैं।
(ग) कथन (A) और कारण (R) दोनों गलत हैं
(घ) कथन (A) और कारण (R) योनों सही हैं।
उत्तर :
(घ) कथन (A) और कारण (R) योनों सही हैं।
व्याख्या-कवि ने बताया है-प्राण मन घिरता रहा है। प्राण का अर्थ साँस, श्वास और जान है।

5. नज़र का समानार्थी है-
(क) दृष्टि
(ख) काम
(ग) इच्छा
(घ) सम्मान
उत्तर :
(क) दृष्टि

प्रश्न 5.
निम्नलिखित गद्यांश के प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए- 5 × 1 = 5

जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वर-प्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे इसका व्यापार करने लगे। अनेक प्रकार के छल-प्रपंचों का सूत्रपात हुआ, कोई घूस से काम निकालता था, कोई चालाकी से। अधिकारियों के पौ-बारह थे। पटवारीगिरी का सर्वसम्मानित पद छोड़-छेड़कर लोग इस विभाग की बरकंदाज़ी करते थे। इसके दारोगा पद के लिए तो वकीलों का भी जी ललचाता था। यह वह समय था, जब अंग्रेज़ी शिक्षा और ईसाई मत को लोग एक ही वस्तु समझते थे। फ़ारसी का प्राबल्य था। प्रेम की कथाएँ और शृंगार रस के काव्य पढ़कर फारसीदां लोग सर्वोच्च पदों पर नियुक्त हो जाया करते थे।

1. ‘नमक का दरोगा’ किस विधा की रचना है?
(क) उपन्यास
(ख) कहानी
(ग) नाटक
(घ) निबन्ध
उत्तर :
(ख) कहानी

2. नमक को किसकी देन कहा गया है?
(क) ईश्वर
(ख) माता
(ग) पिता
(घ) भाई
उत्तर :
(क) ईश्वर

3. निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए गद्यांश के अनुसार सही कथन को चयनित कर लिखिए-
(क) नमक बनाना ईश्वर के नियंत्रण में है।
(ख) नमक बनाना माता के नियंत्रण में है।
(ग) नमक बनाना पिता के नियंत्रण में हैं।
(घ) नमक बनाना सरकार के नियंत्रण में है।
उत्तर :
(घ) नमक बनाना सरकार के नियंत्रण में है।

4. कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए-

कॉलम 1 कॉलम 2
1. नया विभाग बना (i) नमक का
2. निषेध हो गया (ii) ईश्वर-प्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का
3. प्राबल्य था (iii) फारसी का

(क) 1 – (i), 2 – (iii), 3 – (ii)
(ख) 1 – (ii), 2 – (iii), 3 – (i)
(ग) 1 – (iii), 2 – (ii), 3 – (i)
(घ) 1 – (i), 2 – (ii), 3 – (iii)
उत्तर :
(घ) 1 – (i), 2 – (ii), 3 – (iii)

5. नमक के सरकारी नियंत्रण का दुष्परिणाम क्या
(क) कालाबाज़ारी
(ख) चोरी हुआ?
(ग) भ्रष्टाचार
(घ) सभी
उत्तर :
(घ) सभी
व्याख्या-नमक के सरकारी नियन्त्रण का दुष्परिणाम कालाबाजारी, चोरी तथा भ्रष्टाचार हुआ।

पूरक पाठ्यपुस्तक वितान भाग-1 (अंक 10)

प्रश्न 6.
निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनकर लिखिए- 10 × 1 = 10

1. जैसलमेर में कौन स्वयं कुंडयाँ खोदते थे?
(क) पालीवाल ब्राहाण
(ख) मेघवाल गृहस्थी
(ग) विकल्प (क) और (ख)
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) विकल्प (क) और (ख)

2. राजस्थान में पानी को कितने रूपों में बाँटा गया है?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर :
(ख) तीन

3. किस भूमि में रेत अत्याधित है?
(क) मरू
(ख) शुष्क
(ग) नर्म
(घ) ये सभी
उत्तर :
(क) मरू

4. निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए-
कथन (A): बरसात का पानी एकदम नहीं समाता है।
कथन (R): तब पट्टी का पता चलता है।
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों गलत हैं।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं।
(ग) कथन (A) सही नहीं है, कारण (R) सही है।
(घ) कथन (A) सही है, कारण (R) गलत है।
उत्तर :
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं।
व्याख्या-जब बरसात का पानी एकदम नहीं समाता तब पट्टी का पता चलता है।

5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-
कथन (i): थोड़ी खुदाई होने पर इकट्ठ मलवा बाल्टी से निकाला जाता है।
कथन (ii): थोड़ी खुदाई होने पर इकट्ठा मलवा खरपी से निकाला जाता है।
कथन (iii): थोड़ी ब्रुदाई होने पर इकट्ठा मलवा हाथों से निकाला जाता है।
कथन (iv): थोड़ी खुदाई होने पर इकट्ठा मलवा पैरों से निकाला जाता है।
सही कथन/कथनों वाले विकल्प को चयनित कर लिखिए-
(क) कथन (i) सही है।
(ख) कथन (ii) सही है।
(ग) कथन (iii) सही है।
(घ) कथन (iv) सही है।
उत्तर :
(क) कथन (i) सही है।

6. लता ने किस संगीत को लोकप्रिय बनाया?
(क) केवल शास्त्रीय
(ख) चित्रपट
(ग) लोकगीत
(घ) ये सभी
उत्तर :
(ख) चित्रपट

7. आम आदमी को संगीत में से किन चीज़ों से मतलब नहीं होता ?
(क) राग
(ख) ताल
(ग) विकल्प (क) और (ख)
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) विकल्प (क) और (ख)
व्याख्या-आम आदमी को सगीत में राग और ताल से कोई मतलब नहीं होता है।

8. लता के गायन की विशेषता है-
(क) स्वरों की निर्मलता
(ख) कोमलता
(ग) मुगघता
(घ) ये सभी
उत्तर :
(घ) ये सभी
व्याख्या-लता के गायन की विशेषता स्वरों की निर्मलता, कोमलता, मुग्धता इत्यादि है।

9. आलो आँधारि में मूल रूप से किसकी कथा है?
(क) करोड़ों झुगिगयों
(ख) शहरों
(ग) दलितों
(घ) ये सभी
उत्तर :
(क) करोड़ों झुगिगयों

10. लेखिका को हर समय किसकी तलाश रहती थी?
(क) काम
(ख) पति
(ग) विकल्प (क) और (ख)
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) काम

सृजनात्मक लेखन और व्यावहारिक लेखन (अंक 17)

प्रश्न 7.
निम्नलिखित दिए गए तीन अप्रत्याशित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए 5 × 1 = 5

(i) ‘एक मौत ने कुष्ठ रोगियों के इलाज की प्रेरणा दी’ विषय पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर :
मैं एक डॉक्टर हूँ और चेन्नई में रहती हूँ। मेरा जन्म कुम्भकाणेम में हुआ था। में वहीं पली-बढ़ी। मेरे पिता, चाचा और भाई सेना की नौकरी में गए। जबकि में बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। डॉक्टरी का पेशा मुझे इतना आकर्षित करता था कि बचपन में खेले जाने वाले खेलों में भी मैं डॉक्टर बनती थी। मेरे पिता ने भी सपना पूरा करने में मेरा बहुत सहयोग किया। दरअसल करीब पच्चीस साल पहले की एक घटना ने डॉक्टर बनने का मेरा इरादा और पक्का कर दिया । तब मैं करीब सोलह साल की थी। वह महामहम का पर्व था, जो बारह साल में एक बार आता है। उस दिन कुंभकोणम में स्नान के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। मैं उस दिन मंदिर परिसर में ही थी कि पवित्र कुंड के बिल्कुल पास मैंने एक लाश देखी। लोगों ने बताया कि वह कुष्ठरोगी था। लोग उसे छुए बगैर न केवल निकल रहे थे, बल्कि वे गुस्से में भी थे कि इस व्यक्ति ने कुंड को अपवित्र कर दिया। मैंने अपने दुपट्टे से लाश को ढक दिया और लोगों से कहा कि वे उसे श्मशान तक ले जाने में मेरी मदद करें।

एक व्यक्ति ने बेमन से लाश उठाने में मेरी मदद की और उसे रिक्शे में रखवा दिया। लेकिन श्मशान के लोगों ने उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मेरे पास सिर्फ़ दस रुपए थे। मैं उसे लेकर तीस किलोमीटर दूर एक दूसरे श्मशान में गई और हाथ जोड़ते हुए उनसे विनती की। उन्होंने अंतिम संस्कार कर दिया। उस दिन घर लौटते हुए मैने दो फैसले किए। एक तो यही कि चाहे कुछ हो जाए, मुझे डॉक्टर बनना है। और दूसरा यह कि कुष्ठ रोगियों की बेहतरी के लिए मुझे काम करना है, क्योंकि समाज इन्हें उपेक्षा की दृष्टि से देखता है। घर लौटकर मैने पिता को इस घटना के बारे में बताया, तो उन्होंने इस बारे में किसी से कुछ न कहने की सलाह दी, क्योंकि लोगों को पता चलने की स्थिति में समाज हमारा बहिष्कार कर सकता था। लेकिन उन्होंने मेरे फैसले को सराहा और यथासंभव मदद करने का भी भरोसा दिया।

मैं डॉक्टरी की परीक्षा की तैयारी में जुट गई। आखिरकार पुद्दूचेरी के जे. आई. पी. एम. ई. आर. कॉलेज में मेरा दाखिला हो गया। वहाँ डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने सेंट जॉन्स हॉस्पिटल एंड लेप्रोसी सेंटर जॉइन किया। वहाँ मैं त्वचा विभाग में थी। लेकिन डॉक्टरों की कमी होने के कारण मुझे इमरजेंसी विंग में भी काम करना पड़ता था, जिसका मुझे अतिरिक्त पैसा मिलता था। वह पैसा मैं कुष्ठ रोगियों के कल्याण में लगाती थी। शादी के बाद मैं चेन्नई आ गई और शेनॉय नगर के एक स्वास्थ्य केंद्र में कुष्ठरोगियों के लिए काम करने लगी। पति को मेरे काम से कोई आपत्ति नहीं थी।

मैं कुष्ठ रोगियों का इलाज तो करती ही हूँ, इनके बारे में समाज में फैली गलत सोच के खिलाफ़ भी अभियान चलाती हूँ। कुष्ठ कोई असाध्य बीमारी नहीं है। अगर इसका समय पर ही इलाज करवा लिया जाए, तो शारीरिक विकृतियाँ नहीं होती हैं। ऐसे ही यह संक्रामक उसी स्थिति में होता है, जब लम्बे समय तक किसी कुष्ठ रोगी के संपर्क में रहा जाए। इस रोग के ज़्यादातर शिकार वही होते हैं, जिनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो। मेरी इच्छा कुष्ठरोगियों के लिए एक चिकित्सालय बनाने की है, जिसमें देश भर के मरीजों के रहने और बेहतर इलाज की व्यवस्था हो।

(ii) ‘बच्चे देश का सुनहरा भविष्य होते हैं विषय पर रचनात्मक लेख लिखिए।
उत्तर :
बच्चे किसी भी देश का सुनहरा भविष्य होते हैं अतः सर्वप्रथम उनके विकास हेतु प्रत्येक नागरिक को तैयार रहना चाहिए, क्योंकि उनके विकास के बिना कोई राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। बच्चों के विकास हेतु शिक्षा प्राप्त करना अत्यावश्यक है। लड़का हो या लड़की दोनों समान रूप से शिक्षा के अधिकारी हैं।
यह प्रसन्नता का विषय है कि भारतीय बच्चों की शिक्षा के प्रति भारत सरकार सजग है। ‘शिक्षा का अधिकार’ क़ानून के अंतर्गत 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों के लिए शिक्षा व्यवस्था निःशुल्क और अनिवार्य कर दी गई है। सरकार की ओर से अनेक ऐसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं जो उनके लिए विद्यालय जाने के रास्ते खोलती हैं। बेटियों की शिक्षा की ओर विशेष ध्यान देने हेतु सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान चलाकर लाखों परिवारों की बेटियों को पढ़ाने का सार्थक संदेश ही नहीं, सहायता भी दी है। ‘कन्या विद्याधन’ देकर सरकार ने बेटियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने का भी प्रयास किया है जिससे धन की कमी के कारण बेटियों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
यह हर्ष की बात है कि गाँव, कस्बों के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है। लोग धीरे-धीरे शिक्षा की उपयोगिता और महत्ता को समझने का प्रयास कर रहे हैं। इस नेक कार्य में अनेक प्रशासनिक एवं सामाजिक संगठन मिलकर कार्य कर रहे हैं तथा प्रत्येक वर्ग के बच्चों को इन योजनाओं से लाभान्वित करने का प्रयास कर रहे हैं।
शिक्षा की अलख को जगाए रखने के लिए हमें अभी और मेहनत करने की आवश्यकता है क्योंकि भारत में साक्षरता का स्तर अभी भी कम है। सरकार और समाज सेवी संस्थाओं के जी-तोड़ प्रयास के बावृजूद साक्षरता का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम ही है अतः एक-एक व्यक्ति को परिवार को शिक्षा का महत्त्व समझाते हुए निर्धन, अशिक्षित बेरोजगार और असहाय वर्ग के बच्चों को विद्यालय से जोड़कर उनके चहुँमुखी विकास में सहायक बनाना होगा। बच्चों को शिक्षित करना, योग्य बनाना प्रत्येक माता-पिता और परिवारों की प्रथम ज़िम्मेदारी है। किसी विद्वान ने कहा भी है कि अगर आपने अपने बच्चे को सही शिक्षा दी है तो समझिए कि आपने उसे सब कुछ दे दिया है। शिक्षित बालक अपने परिवार, समाज और राष्ट्र का गौरव होता है जिसके सशक्त कंधों पर राष्ट्र का भविष्य टिका होता है।

(iii) ‘बिल स्मिथ दिखाएँ भारत में बिताए दिनों की यादें’ विषय पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर :
जल्द रिलीज होने जा रही फ़िल्म अलादीन में जिनी बने मशहूर हॉलीवुड अभिनेता विल स्मिथ के शो, ‘बकेट लिस्ट’ की अगली कड़ी में उनके भारत भ्रमण की यादें दिखाई जाएँगी। हाल ही में मुंबई आए विल स्मिथ की भारत के तमाम दर्शनीय और धार्मिक स्थलों के भ्रमण के अलावा हिंदी फ़िल्मों के सितारों के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब दिखती रही हैं। अब पता चला है कि स्मिथ की यात्रा उनके शो बकेट लिस्ट की शूटिंग से संबंधित थी। इस साप्ताहिक कार्यक्रम में विल स्मिथ वह सब करते दिखाई देते हैं जो वह अपने रोज़मर्रा के काम से इतर करना चाहते रहे हैं। अपनी ज़िंदगी की बकेट लिस्ट की इच्छाएँ वह इस शो के ज़रिए पूरी करते हैं। इस शो की शूटिंग के दौरान विल स्मिथ हिंदी सिनेमा के तमाम दिग्गजों से मिले। रणवीर सिंह के साथ उन्होंने जुहू में शूटिंग की। वह करण जौहर की फ़िल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 के सेट पर भी गए और वहाँ वे टाइगर श्रॉफ, तारा सुतारिया व अनन्या पांडे के साथ नाचे भी। इस शो में विल स्मिथ की भारत यात्रा की तमाम अन्य बातें भी प्रसारित की जाएँगी। बकेट लिस्ट के पहले के एपीसोड्स में स्मिथ शार्क मछलियों के साथ तैरते दिख चुके हैं, ग्रांड कैनयान से बन्जी जंपिंग करते दिख चुके हैं। एक एपिसोड में तो वह अपने बेटे जैडेन स्मिथ के साथ फॉर्मूला वन रेसिंग में भी हाथ आजमाते दिखे। बकेट लिस्ट का प्रसारण नेशनल ज्योग्राफिक चैनल पर भी होता है।

प्रश्न 8.
भारतीय ग्रामीण बैंक, आगरा शाखा को कुछ कार्यालय-सहायकों की आवश्यकता है। बैंक के मैनेजर को इस पद के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।
अथवा
दैनिक जागरण समाचार-पत्र के सम्पादक को एक पत्र लिखिए जिसमें “अपराधी तत्त्वों के राजनीति में रहने से लोकतन्त्र के लिए सम्भावित खतरों के प्रति चिंता प्रकट की गयी हो”।
उत्तर :
सेवा में,
मुख्य प्रबन्धक
भारतीय ग्रामीण बैंक,
आगरा (उ. प्र.)
विषय-कार्यालय-सहायकों के पद के लिए आवेदन-पत्र।
महोदय,
पिछले सप्ताह नवभारत टाइम्स में आपकी ओर से कार्यालय सहायकों की आवश्यकता सम्बन्धी विज्ञापन प्रकाशित करवाया गया था। मैं स्वयं को इस पद के लिए एक प्रा. र्थी के रूप में प्रस्तुत करता हूँ। मेरा स्ववृत्त (Resume) निम्नलिखित प्रकार से है-

1. प्रार्थी का नाम – अमन कुमार शर्मा
2. पिता का नाम – श्री अरुण कुमार शर्मा
3. जन्म-तिथि – 24.06.1988
4. स्थायी पता – 61 / 2 दयालबाग आगरा।

5. शैक्षिक योग्यताएँ-
1. केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से दसर्वी की परीक्षा 2002 में 82% अंकों के साथ उत्तीर्ण की।
2. केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से 2004 में सीनियर सेकेन्डरी परीक्षा 80% अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण की।
3. दिल्ली विश्व विद्यालय से 2007 में बी. कॉम. (पास) परीक्षा 70% अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण की।
4. कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी का डिप्लोमा भी प्राप्त किया है।
5. स्थायी पता 61 / 2 दयालबाग आगरा।
मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि आपने मुझे यदि सेवा का अवसर प्रदान किया तो मैं निष्ठा से अपने कर्त्तव्य का पालन करूँगा।
संलग्न-सभी अंकतालिकाओं एवं प्रमाणपत्रों की छाया प्रतियाँ। धन्यवाद सहित, भवदीय
अमन कुमार शर्मा
मोबाइल : 9x3x4912xx
दिनांक : 15.8…….

अथवा

20 ए, रोहिणी सेक्टर-4
हाइवे सिटी,
नई दिल्ली।
16′ अप्रैल, 20…
सेवा में,
सम्पादक महोदय,
दैनिक जागरण,
बहादुरशाह ज़फर मार्ग,
नई दिल्ली-110001
विषय : अपराधी तत्त्वों के राजनीति में जाने से लोकतंत्र के लिए सम्भावित खतरों के सम्बन्ध में।
मान्यवर,
देश का एक ज़िम्मेदार और जागरूक नागरिक होने के नाते, मैं आपके प्रतिष्ठित तथा लोकप्रिय दैनिक के माध्यम से, अपराधी तत्त्वों के राजनीति में प्रवेश से लोकतंत्र के लिए संभावित खतरों के प्रति अपनी चिता व्यक्त करना चाहता हूँ।
आज देश में सभी ओर कालाबाज़ारी, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार भाई-भतीजावाद, जातिवाद व सांप्रदायिकता का जहर फैल रहा है। एक सामान्य कर्मचारी से लेकर शीर्षस्थ नेताओं पर भ्रष्टाचार संबंधी आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। इस प्रकार भ्रष्टाचार के कारण देश की राजनीति में आपराधिक तत्त्व बढ़ते जा रहे हैं। हमारी भारतीय राजनीति में धन व शक्ति का ही बोलबाला है। कई नेता अत्यधिक धनाढ्य हैं तो कईयों के नामचीन अपराधियों से संबंध हैं। हमारे चुनाव भी गुणवत्ता के आधार पर नहीं होते। इसलिए योग्य व्यक्ति आगे नहीं आ पाते और स्वार्थी और अपराधी तत्त्व अपने धन व शक्ति के बल पर राजनीति में आ जाते हैं, जिनमें देश के प्रति प्रेम की भावना न के बराबर होती है। इस प्रकार के लोग जब शीर्षस्थ अधिकारी हों तो प्रशासन प्रणाली को स्वच्छ रखना दुष्कर हो जाता है।
हमें अपनी राजनीति को स्वच्छ करने के लिए इन अपराधी तत्त्वों को हटाना ही होगा। उसके लिए आवश्यक होगा कि हम अपनी कानून-व्यवस्था और चुनाव-प्रक्रिया में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ। यह भी अत्यन्त आवश्यक है कि सभी धर्म, जाति, संप्रदाय, क्षेत्र व भाषा के लोग अपने मतभेदों को भूलकर एकजुट होकर इस पर अंकुश लगाएँ और देशहित को सर्वोपरि रखकर, मतदन द्वारा स्वच्छ छवि के लोगों को राजनीति में लाएँ। मान्यवर, आप भी मेरी तरह इस विषय में चिंतित अवश्य होंगे। अतः आपसे अनुरोध है कि मेरे इस पत्र को अपने दैनिक समाचार-पत्र में ‘आगरा सिटी’ शीर्षक स्तम्भ में प्रकाशित कर मुझे अनुग्रहीत करें।
धन्यवाद
भवदीय
मानव गुप्ता

प्रश्न 9.
निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्दी दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए- 2 × 2 = 4

(i) डायरी एक व्यक्तिगत दस्तावेज कैसे है?
उत्तर :
डायरी में हम अपने जीवन के कुछ विशेष क्षणों में घटित अनुभवों, विचारों, घटनाओं, मुलाकातों आदि का विवरण लिखते हैं। यदि हम इन विवरणों को उसी तिथि विशेष पर नहीं लिखते हैं, तो सम्भव है कि हम उस विशेष क्षण में घटित अनुभव को भूल जाएँगे और फिर कभी उसे स्मरण नहीं कर पाएँगे। डायरी में लिखित विवरण हमें भूलने से बचाते हैं। उदाहरण के लिए यदि हम किसी पर्यटन स्थल पर जाते हैं और वहाँ पर अनेक स्थलों को देखते हैं, यदि हम प्रत्येक स्थल की यात्रा का विवरण उसी दिन अपनी डायरी में लिख लेते हैं, तो हम अपने अनुभव को पूर्ण रूप से सुरक्षित रख सकते हैं तथा अवसर मिलने पर इसे पढ़कर उस यात्रा का फिर से पूरा आनन्द उठा सकते हैं। यदि हम यात्रा से लौटकर सारा विवरण लिखना चाहें, तो सम्भव नहीं हो पाएगा। हम अनेक विवरण लिखना भूल जाएँगे। डायरी से जब हम अपने विगत को पढ़ते हैं, तो यह हमारा व्यक्तिगत दस्तावेज बन जाता है।

(ii) पटकथा का निर्माण कैसे किया जाता है?
उत्तर :
कथा का अर्थ है- ‘कहानी’ तथा ‘ पट’ का अर्थ है ‘ पर्दा’ अर्थात् ऐसी कथा जो पर्दे पर दिखाई जाए, उसे पटकथा कहते हैं। फ़िल्मों या धारावाहिकों आदि का मूल आधार यह पटकथा ही होती है। निर्देशक, अभिनेता, तकनीशियन, सहायकों आदि को अपने-अपने विभागों की सभी सूचनाएँ व जानकारी पटकथा में ही मिलती हैं। पटकथा किसी उपन्यास, कहानी, ऐतिहासिक पात्र, घटना पर आधारित होती है। उदाहरण के लिए शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास ‘देवदास’ पर हिन्दी सिनेमा में तीसरी बार फिल्म बनी है।

(iii) कथा और पटकथा में क्या अन्तर हैं?
उत्तर :
फ़िल्म या टीवी की पटकथा का चरित्र नाटक विधा के साथ बहुत मिलता है। नाटक की भाँति पटकथा में पात्र चरित्र-चित्रण, नायक-प्रतिनायक, घटनास्थल दृश्य, कहानी का क्रमिक-विकास आदि सब कुछ होता है। द्वन्द्व, टकराहट और फिर समाधान ये सब पटकथा के आवश्यक तत्त्व या अंग होते हैं। पटकथा लेखक इन्हीं तत्त्वों को आधार बनाकर पटकथा की रचना करते हैं। आज अनेक फ़िल्मों व टीवी सीरियलों की पटकथाओं का निर्माण बहुत ज़्यादा मात्रा में हो रहा है। आज के वैज्ञानिक युग में कम्प्यूटर पर ऐसे सॉफ्टवेयर आ गए हैं, जिनमें कथा-पटकथा का प्रारूप बना बनाया होता है। छोटी-सी गलती भी तुरन्त पकड़ ली जा सकती है तथा उसको सुधारने के सुझाव भी दिए जाते हैं।

प्रश्न 10.
निम्नलिखित दो प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए- 3 × 1 = 3

(i) नीचे दिए गए शब्दों को शब्दकोशीय क्रम में लिखिए-
परीक्षण, परिक्रमण, परिक्रमा, विश्वामित्र, हिमाश्रया, हुदयंगम, ग्वालिन, घंटा, योगांत, घटक, घट, इच्छित, इक्षु, अंतः, अंकगणित, उदाहन, उद्योग, जिज्ञासु।
उत्तर :
अंकगणित
अंत: – घटक
इच्छित – घट
इक्षु – जिज्ञासु
उद्योग – परिक्रमण
उदाहन – परिक्रमा
ग्वालिन – परीक्षण
घण्टा – योगांत
विश्वामित्र – हिमाश्रया
हुदयंगम

(ii) कोष किसे कहते हैं?
उत्तर :
कोष एक ऐसे सन्दर्भ ग्रन्थ को कहते हैं, जिसमें भाषा विशेष के शब्दादि का संग्रह हो या संग्रह के साथ उनके उसी या दूसरी या दोनों भाषाओं में अर्थ, पर्याय या विलोम हों या विशिष्ट अथवा विभिन्न विषयों की प्रविष्टियों की व्याख्या नामों (स्थान, व्यक्ति आदि) का परिचय या कथनों आदि का संकलन क्रमबद्ध रूप से हो। इसका मूल अर्थ ‘शब्द संग्रह’ है।

पाठ्य-पुस्तक आरोह भाग-1 एवं वितान भाग-1 (अंक 23)

प्रश्न 11.
काव्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर (लगभग 60 शब्दों में) दीजिए 3 × 2 = 6

(i) भवानी प्रसाद को कविता का गाँधी क्यों कहा गया है?
उत्तर :
भवानी प्रसाद मिश्र की कविता हिन्दी की सहज लय की कविता है। इस सहजता का सम्बन्ध गाँधी के चरखे की लय से भी जुड़ता है, इसीलिए उन्हें कविता का गाँधी भी कहा गया है। मिश्र जी की कविताओं में बोल-चाल के गद्यात्मक-से लगते वाक्य विन्यास को ही कविता में बदल देने की अद्भुत क्षमता है। इस कारण उनकी कविता सहज और लोक के अधिक करीब है।

(ii) दूसरे वचन का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
दूसरे वचन के प्रतिपाद्य में एक भक्त का ईश्वर के प्रति समर्पण है। चन्नमल्लिकार्जुन की अनन्य भक्त अक्क महादेवी उनकी अनुकम्पा के लिए प्रत्येक भौतिक वस्तु से अपनी झोली खाली रखना चाहती हैं। वे ऐसी निस्पृह स्थिति की कामना करती हैं जिससे उनका स्व या अहंकार पूरी तरह से नष्ट हो जाए। कवयित्री ईश्वर को जूही के फूल के समान बताती हैं तथा कामना करती हैं कि ईश्वर उससे ऐसे काम करवाए, जिनसे उनका अहंकार समाप्त हो जाए। वह उनसे भीख माँगवाए, भले ही उन्हें भीख न मिले। कवयित्री का एक ही उद्देश्य है कि उन्हें परमात्मा की प्राप्ति हो जाए।

(iii) चंपा काले-काले अक्षर नहीं चीन्हती’ कविता के कवि त्रिलोचन के विषय में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर :
हिन्दी साहित्य में त्रिलोचन प्रगतिशील काव्य धारा के प्रमुख कवि के रूप में प्रतिष्ठित हैं। रागात्मक संयम और लयात्मक अनुशासन के कवि होने के साथ-साथ बहुभाषाविज्ञ शास्त्री भी हैं, इसीलिए इनके नाम के साथ शास्त्री भी जुड़ गया है, लेकिन यह शास्त्रीयता उनकी कविता के लिए बोझ नहीं बनती। त्रिलोचन जीवन में निहित मंद लय के कवि हैं। प्रबल आवेग और त्वरा की अपेक्षा इनके यहाँ काफ़ी कुछ स्थिर है। इनकी भाषा छायावाद रूमानियत से मुक्त है।

प्रश्न 12.
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर (लगभग 40 शब्दों में) दीजिए- 2 × 2 = 4

(i) लोक लाज खोने का अभिप्राय क्या है ?
उत्तर :
लोक-लाज़ खोने का अर्थ है-समाज की मर्यादाओं को तोड़ना। प्रत्येक समाज के कुछ नियम व कायदे होते हैं जिनका पालन करना अनिवार्य होता है। मीरा राजपूतानी थीं जिन्हें पर-पुरुषों के सामने जाना व उनसे मिलना मना होता है। वहीं मीरा साधु-सन्तों के साथ रहतीं व प्रभु के सामने गार्तीं व नाचती जो उस समय के नियम के विरुद्ध था। इसलिए लोगों का व स्वयं मीरा का भी मानना था कि उसने लोक-लाज़ खो दी है।

(ii) मायके आई बहन के लिए कवि ने घर को ‘परिताप का घर’ क्यों कहा है ?
उत्तर :
विवाह के बाद जब लड़कियाँ मायके आती हैं तो अपने परिवार से मिलकर बहुत खुश होती हैं। लेकिन कवि की बहन इस बार जब मायके आई तो कवि को घर में न पाकर बहुत दु:खी हुई। कवि जेल में बंद थे जिसके कारण घर में शोक का माहौल था।

(iii) ‘मुद्वियाँ भरकर बस वक्त निकाल लेना’ से कवि का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
मुट्टियाँ भींचना का अर्थ है क्रोध दिखाना। जब लोग अपने आस-पास कुछ अन्याय या गलत होता देखते हैं तो उन्हें क्रोध आता है, लेकिन वे केवल मुट्ठियाँ भींचकर रह जाते हैं। उस अन्याय का, बुराई का खुलकर विरोध नहीं करते केवल विरोध का दिखावा करते हैं।

प्रश्न 13.
गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर (लगभग 60 शब्दों में) दीजिए- 3 × 2 = 6

(i) दुनिया के बारे में किसानों को बताना नेहरू जी के लिए क्यों आसान था?
उत्तर :
दुनिया के बारे में किसानों को बताना नेहरू जी के लिए आसान इसलिए था, क्योंकि वे देश-विदेश के बारे में विभिन्न बातें पहले से ही जानते थे। वे भारत के पुराणों और महाकाव्यों को पढ़कर भारत के नगरों से परिचित हो चुके थे। तीर्थ-यात्राएँ करके देश के चारों कोनों से परिचित हो चुके थे। अनेक सैनिकों ने विश्व-युद्ध के दौरान विदेशों में जाकर युद्ध किया था, और विदेशी नौकरियाँ की थीं। किसान तीसरे दशक में छाई विश्वव्यापी आर्थिक मंदी से भी परिचित थे।

(ii) विदेश-विभाग ने पेड न काटने का हुक्म क्यों दिया ?
उत्तर :
विदेश विभाग के अनुसार वह जामुन का पेड़ दस साल पहले पीटोनिया राज्य के प्रधानमंत्री ने सेक्रेटरियेट के लॉन में लगाया था। अब अगर यह पेड़ काटा गया, तो इस बात का काफ़ी अंदेशा था कि पीटोनिया सरकार से हमारे संबंध सदा के लिए बिगड़ जाएँगे। चूँकि पीटोनिया सरकार हमारे राज्य को बहुत सहायता देती है भले ही इसके लिए एक आदमी के जीवन की कुर्बानी ही क्यों न देनी पड़े, पर पेड़ को नहीं काटने दिया जा सकता।

(iii) बादशाह के नाम का प्रसंग आते ही लेखिका की बातों में मियाँ नसीरुद्दीन की दिलचस्पी क्यों खत्म होने लगी?
उत्तर :
बादशाह के नाम का प्रसंग आते ही मियाँ नसीरुद्दीन की रूचि लेखिका की बातों में इसलिए कम होने लगी क्योंकि मियाँ की ये सब बातें पुरखों से सुनी-सुनाई थीं। ठीक से सब बातों और तथ्यों का महत्त्व न जाना था, न उन्हें इनकी ज़रूरत पड़ी थी। इसलिए लेखिका के प्रश्न को सुनकर वह मुश्किल में पड़ गए और यह न बता सके कि किस बादशाह के यहाँ उनके पुरखे नानबाई का काम करते थे।

प्रश्न 14.
गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर (लगभग 40 शब्दों में) दीजिए- 2 × 2 = 4

(i) भारत की चर्चा नेहरू जी कब और किससे करते थे?
उत्तर :
जब नेहरू देश का दौरा करते थे और जनसभाओं में भाषण देते थे तो वे किसानों की सभा में ‘ भारत’ की चर्चा अवश्य किया करते थे। उनका विचार था कि किसानों का दृष्टिकोण सीमित है। वे अपने गाँव तक ही सीमित हैं, इसलिए उन्हें भारत के व्यापक अर्थ का ज्ञान कराना चाहिए।

(ii) नेहरू जी भारत के सभी किसानों से कौन-सा प्रश्न बार-बार करते थे ?
उत्तर :
जब नेहरू. जी जलसे में पहुँचते थे तो उनका स्वागत ‘भारतमाता की जय’ के नारे से होता था। तब वे किसानों से पूछते थे कि इस नारे से उनका क्या मतलब है ? वह धरती कौन-सी है, जिसे वे ‘ भारत माता’ कहते हैं-गाँव की, ज़िले की, सूबे की या पूरे हिन्दुस्तान की ?

(iii) ‘अपू के साथ ढाई साल’ नामक संस्मरण के विषय में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर :
‘अपू के साथ ढाई साल’ नामक संस्मरण पथेर पांचाली फ़िल्म के अनुभवों से सम्बन्धित है, जिसका निर्माण भारतीय फ़िल्म के इतिहास में एक बहुत बड़ी घटना के रुप में दर्ज़ है। इससे फ़िल्म के सृजन और उसके व्याकरण से सम्बन्धित कई बारीकियों का पता चलता है। यही नहीं जो फ़िल्मी दुनिया हमें अपने ग्लैमर से चुंधियाती हुई जान पड़ती है, उसका एक ऐसा सच हमारे सामने आता है, जिसमें साधनहीनता के बीच अपनी कलादृविट को साकार करने का संघर्ष भी है।

प्रश्न 15.
वितान के पाठों पर आधारित निम्नलिखित दो प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर (लगभग 60 शब्दों में) दीजिए- 3 × 1 = 3

(i) सामान्य श्रोता लता की ध्वनिमुद्रिका को क्यों पसंद करेगा ?
उत्तर :
सामान्य श्रोता को अगर आज लता की ध्वनिमुद्रिका और शास्त्रीय गायकी की ध्वनिमुद्रिका सुनाई जाए तो वह लता की ध्वनिमुद्रिका ही पसंद करेगा। गाना कौन से राग में गाया गया और ताल कौन-सा था, यह शास्त्रीय ब्यौरा इस आदमी को सहसा मालूम नहीं रहता। उसे इससे कोई मतलब नहीं कि राग मालकोस था और ताल त्रिताल। उसे तो चाहिए वह मिठास, जो उसे मस्त कर दे, जिसका वह अनुभव कर सके और यह स्वाभाविक ही है क्योंकि जिस प्रकार मनुष्यता हो तो वह मनुष्य है, वैसे ही ‘गानपन’ हो तो वह संगीत है और लता का कोई भी गाना लीजिए तो उसमें शत-प्रतिशत यह ‘ गानपन ‘ मौज़ूद मिलेगा।

(ii) कुई का मुहै छोटा रखने का क्या कारण है तथा चड़स अपना पूरा आकार कब लेता है?
उत्तर :
कुंई का मुँह छोटा रखने के तीन बड़े कारण हैं। रेत में जमा नमी से पानी की बूँदें बहुत धीरे-धीरे रिसती हैं। दिन भर में एक कुंई मुश्किल से इतना ही पानी जमा कर पाती है कि उससे दो-तीन घड़े भर सकें। कुंई के तल पर पानी की मात्रा इतनी कम होती है कि यदि कुंई का व्यास बड़ा हो तो कम मात्रा का पानी ज्यादा फैल जाएगा और तब उसे ऊपर निकालना संभव नहीं होगा। छोटे व्यास की कुंई में धीरे-धीरे रिस कर आ रहा पानी दो-चार हाथ की ऊँचाई ले लेता है। कई जगहों पर कुंई से पानी निकालते समय छोटी बाल्टी के बदले छोटी चड़स का उपयोग भी इसी कारण से किया जाता है। धातु की बाल्टी पानी में आसानी से डूबती नहीं। पर मोटे कपड़े या चमड़े की चड़स के मुँह पर लोहे का वजनी कड़ा बँधा होता है। चड़स पानी से टकराता है, ऊपर का वजनी भाग नीचे के भाग पर गिरता है और इस तरह कम मात्रा के पानी में भी ठीक से डूब जाता है। भर जाने के बाद ऊपर उठते ही चड़स अपना पूरा आकार ले लेता है।


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