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Basic Electrical Engineering interview Questions – हिंदी में

इस आर्टिकल में Basic Electrical Engineering interview Questions in Hindi -पावर फैक्टर से सम्बंधित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, Electrical Interview questions – ट्रांसफार्मर, मोटर एवं सर्किट ब्रेकर से संबधित आर्टिकल की लिंक हे। जहासे आप Electrical Interview के लिये प्रिपरेशन कर सकते हो। इसके अतिरिक्त भी आपके कोई सवाल हे तो कमेंट बॉक्स में लिख सकते हो।


Basic Electrical Engineering interview Questions – Power Factor

                                                 

Question 1  – पावर फैक्टर क्या है ?

Answer 2 – AC सर्किट में एम्पेयर और वोल्टेज के बिच में जो एंगल बनता हे उस एंगल को पावर फैक्टर कहते हे। दूसरे शब्दों में कहे तो उसे Cos θ कहते हे।

OR

इलेक्ट्रिकल सर्किट में लोड द्वारा लिए गए वास्तविक शक्ति (Real Power)एवं आभासी शक्ति (Apparent Power) के गुणोत्तर को शक्ति गुणांक(पावर फैक्टर)कहते हे।

 

Question 2 – पावर फैक्टर को कितने तरीके से परिभाषित किया जा सकता हे।

Answer 2 – पावर फैक्टर को तीन तरीके से परिभाषित किया जाता हे।

1 – लेग्गिंग पावर फैक्टर

2 – यूनिटी पावर फैक्टर

3 – लीडिंग पावर फैक्टर

 

Question 3 – पावर फैक्टर किन बाबतो पे आधार रखता हे ?

Answer 3 – पावर फैक्टर इलेक्ट्रिक सर्किट में बहने वाले लोड पे आधार रखता हे। जो तीन टाइप के होते हे।

1 – रेसिस्टिव लोड

2 – इंडक्टिव लोड

3 – कपैसिटिव लोड

 

Question 4 -लेग्गिंग पावर फैक्टर का अर्थ क्या होता हे ?

Answer 4 – AC इलेक्ट्रिकल सर्किट में एम्पेयर और वोल्टेज का एंगल बनता हे। उसमे एम्पेयर वोल्टेज से पीछे हे तो उसे लेग्गिंग पावर फैक्टर कहते हे।

 

Question 5 – लीडिंग पावर फैक्टर किसे कहते हे ?

Answer 5 –  AC इलेक्ट्रिकल सर्किट में एम्पेयर और वोल्टेज के एंगल में करंट यदि वोल्टेज से आगे हे तो उसे लीडिंग पावर फैक्टर कहा जाता हे।

 

Question – 6 पावर फैक्टर की वैल्यू कितनी होनी चाहिए ?

Answer 6 – पावर फैक्टर की वैल्यू 1 होनी चाहिए। दूसरे शब्दों में कहे तो यूनिटी होनी चाहिए। वैसे पावर फैक्टर की वैल्यू हमेंशा 0 से 1 के बिच में होती हे।

 

Question -7  कोनसे इक्विपमेंट्स इंडक्टिव लोड के होते हे और पावर फैक्टर पे उसका क्या असर होता हे ?

Answer  7 –  रोटेटिंग मशीन का लोड इंडक्टिव होता हे। जिस इक्विपमेंट्स में वाइंडिंग होती  हे, कोइल होती हे। उदहारण के तोर पे, इलेक्ट्रिक मोटर,डिशवॉशर,कम्प्रेस्सर और एयर कंडीशनर जैसे मशीनको इंडक्टिव लोड कहा जाता हे। इंडक्टिव लोड से पावर फैक्टर लेग्गिंग में जाता हे।

 

Question 8 –  रेसिस्टिव लोड किसे कहते हे ? उसका असर पावर फैक्टर पे क्या होगा ?

Answer 8 – रेसिस्टिव लोड में हीटिंग एलिमेंट होता हे। उदहारण के तोर पे,स्पेस हीटर, वॉटर हीटर, लॅबोरेटरी में उपयोग में होने वाले ओवन एवं हीटिंग मेन्टल जैसे लोड को रेसिस्टिव लोड कहते हे।

रेसिस्टिव लोड में पावर फैक्टर यूनिटी के पास ही रहता हे। दूसरे शब्दों में कहे तो वोल्टेज और एम्पेयर के बिच में एंगल बहुत कम रहता हे।

Electrical Interview Questions

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Question 9 – लो पावर फैक्टर का क्या नुकशान होता हे ?

Answer 9 – लो पावर फैक्टर का सबसे पहले असर बिजली के बिल पे होता हे। हमारे देश में सरकारी नियमो के अनुसार इंडस्ट्रीज में पावर फैक्टर। 0.95 से कम होता हे तो जुर्माना (पेनल्टी) लगाया जाता हे। ओर पावर फैक्टर 0.95 से ऊपर हे तो ऐसी स्थिति में 2.5 % तक बिल में छूट (रिबेट) मिलती हे।

इसके अतिरिक्त, केबल का ओवर हीटिंग होता हे। उपकरण की कार्य क्षमता कम होती हे। टेम्प्रेचर बढ़ता हे। इलेक्ट्रिकल लोसिस बढ़ता हे। लाइन वोल्टेज ड्रॉप होने से दूसरे उपकरणों में भी होती हे।

 

Question 10  – पावर फैक्टर को कैसे इम्प्रूव करते हे ?

Answer 10 – कैपेसिटर पावर फैक्टर को सुधार ने का सबसे अच्छा काम करता हे।

कपैसिटर से पावर फैक्टर इम्प्रूव होता हे,क्युकी  कपसिटंस इंडक्टैंस से विपरीत दिशामे काम करता हे। 25 kvar कपैसिटर 25 kvar इंडक्टिव रिएक्टिव पावर को दूर करता हे।

 

Question 11- इंडस्ट्रीज में पावर फैक्टर सुधार के लिए क्या किया जाता हे ?

Answer 11 – इंडस्ट्रीज में पावर फैक्टर इम्प्रूव करने के लिए कपैसिटर बैंक दूसरे शब्दों में कहे तो कैपेसिटर पैनल लगाया जाता हे।

PCC पैनल,जहासे इंडक्टिव लोड के लिए पावर डिस्ट्रीब्यूट होता हे। इसी पैनल के लोड के साथ CT लगायी जाती हे। जो APFC (ऑटो मैटिक पावर फैक्टर कंट्रोल) पैनल में लगी रिले सेन्स करती हे। और रिले से ही कैपेसिटर को ऑपरेट होने का कमांड मिलता हे।

 

Question 12 -कपैसिटर का रेटिंग KVAR क्या दर्शाता हे ?

Answer 12 – कपैसिटर का रेटिंग KVAR दर्शाता हे की वो कितना KVAR का रिएक्टिव पावर सप्लाई कर सकता हे। जो इंडक्टैंस के कारण उत्पन्न होने वाले रिएक्टिव पावर को दूर करता हे।

 

Question 13 -APFC रिले कैसे काम करती है ?

Answer 13 – APFC (ऑटो मैटिक पॉवर फैक्टर कंट्रोल) रिले लोड के Main bus का वोल्टेज और एम्पेयर सेन्स करके मौजूदा कितना पावर फैक्टर हे ये दिखाती हे। हमें कितना पावर फैक्टर रखना हे उसे सेटिंग करना पड़ता हे। उस सेटिंग के आधार पे रिले से कैपेसिटर को ओन होने का कमांड मिलता हे।

APCF रिले 8,12,16 जैसे अलग-अलग स्टेज में मिलती हे।

 

Question 14 – इलेक्ट्रिकल सिस्टम में हार्मोनिक क्याहै ?

Answer 14 – इलेक्ट्रिकल सिस्टम में हॉर्मोनिक्स वोल्टेज और करंट में होता हे। जो सप्लाई की मुलभुत फ्रीक्वेंसी से अलग होता हे। रेक्टिफायर,डिस्चार्ज लाइटिंग,जैसे चुंबकीय उपकरणों से उत्पन्न होता हे।

इलेक्ट्रिकल सर्किट में हार्मोनिक की असर बहुत ख़राब होती हे। पावर सप्लाई गुणवत्ता में खामी आती हे। सिस्टम के इक्विपमेंट्स,कंडक्टर एवं vfd में हीटिंग बढ़ता हे। उपकरण में लोसिस बढ़ाता हे और Efficiency कम करता हे।

 

Electrical Interview Questions – Motor Starter

 

Question 15 – KVAR का फुल पूरा नाम क्या है ?

Answer 15 – इलेक्ट्रिकल में तीन प्रकार की पावर सर्किट होती हे। एक सक्रीय (Active) पावर, प्रतिक्रियाशील (Reactive) पावर और आभासी (apparent) होती हे। इसीलिए, KVAR का पूरा नाम Kilo Volt Ampere with Reactive कम्पोनन्ट हे।

 

Question 16- D.G सेट चालू करते हे तब कपैसिटर बैंक क्यों बंध करना पड़ता हे ?

Answer 16 – D.G सेट चालू करने के बाद कपैसिटर बैंक बंध करने के मुख्य तीन कारण हे।

1 – जनरेटर के अल्टरनेटर वाइंडिंग को 0.8 पावर फैक्टर के आधार पे बनाया जाता हे। याने 1000 kva का जनरेटर 0.8 पावर फैक्टर के साथ 800 kw लोड ले सकता हे।

यदि हम कपैसिटर से पावर फैक्टर इम्प्रूव करके जनरेटर पे लोड बढ़ाते हे तो ऐसी स्थिति में अल्टरनेटर का वाइंडिंग जल सकता हे। क्युकी उस वाइंडिंग को 0.8 पावर फैक्टर के लिए ही तैयार किया जाता हे।

2 – पावर फैक्टर बढ़ेगा तो पावर(kw)बढ़ेगा,पावर बढ़ेगा तो वोल्टेज बढ़ेगा। परंतु जनरेटर में वोल्टेज को रेगुलेट करने के लिए AVR होता हे। ऐसी स्थिति में वोल्टेज बढ़ने से जनरेटर ओवर वोल्टेज में बंध हो सकता हे।

3 – कपैसिटर का खुद का लोड होता हे। उदहारण के तोर पे, 10 kvar का लोड 13 amp होता हे। जितना कपैसिटर लगेगा इतना जनरेटर पे अनावश्यक लोड बढ़ेगा।

इन्ही कारणों के बजेसे D.G चलाते समय कपैसिटर बैंक बंध किया जाता हे।

 

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Question- पावर फैक्टर इम्प्रूव करने के तरीके कोनसे हे ?

Answer – लैगिंग पावर फैक्टर को लोड के समान्तर में कपैसिटर जोड़ के इम्प्रूव किया जा सकता हे।
2 -सिंक्रोनोस मोटर चलाके पावर फैक्टर बढ़ा सकते हे।
3 -इंडक्शन मोटर में फेज अडवांसर का इस्तेमाल करके पावर फैक्टर में सुधार कर सकते हे।

 

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