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पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया Question Answers

 

 

CBSE Class 12 Hindi Core Abhivyakti Aur Madhyam Book  Chapter 4 पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया Question Answers 

 

Patrakariya Lekhan Ke Vibhinn Roop aur Lekhan Prakriya Class 12 – CBSE Class 12 Hindi Core Abhivyakti Aur Madhyam Book Chapter 4 Patrakariya Lekhan Ke Vibhinn Roop aur Lekhan Prakriya Question Answers. The questions listed below are based on the latest CBSE exam pattern, wherein we have given NCERT solutions of the chapter, extract based questions, multiple choice questions, short and long answer questions. 

 सीबीएसई कक्षा 12 हिंदी अभिव्यक्ति और माध्यम पुस्तक पाठ 4 पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया प्रश्न उत्तर | इस लेख में NCERT की पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर  तथा महत्वपूर्ण प्रश्नों का व्यापक संकलन किया है। 

 

Also See : पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया पाठ सार Class 12 Chapter 4

 

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया पाठ पर आधारित प्रश्नोत्तर (Question and Answers)  

 

प्रश्न 1 – किसे क्या कहते हैं-
(क) सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य या सूचना को सबसे ऊपर रखना और उसके बाद घटते हुए महत्त्वक्रम में सूचनाएँ देना ………..।
उत्तर – उलटा पिरामिड।

(ख) समाचार के अंतर्गत किसी घटना का नवीनतम और महत्त्वपूर्ण पहलू……………
उत्तर – चरम सीमा।

(ग) किसी समाचार के अंतर्गत उसका विस्तार, पृष्ठभूमि, विवरण आदि देना…………………..
उत्तर – विशेष रिपोर्ट।

(घ) ऐसा सुव्यवस्थित, सृजनात्मक और आत्मनिष्ठ लेखन; जिसके माध्यम से सूचनाओं के साथ-साथ मनोरंजन पर भी ध्यान दिया जाता है……………
उत्तर – फ़ीचर।

(ङ) किसी घटना, समस्या या मुद्दे की गहन छानबीन और विश्लेषण…………..
उत्तर – आलेख अथवा स्तंभ।

(च) वह लेख, जिसमें किसी मुद्दे के प्रति समाचारपत्र की अपनी राय प्रकट होती है……………..
उत्तर – संपादकीय।

 

प्रश्न 2 – नीचे दिए गए समाचार के अंश को ध्यानपूर्वक पढ़िए-

शांति का संदेश लेकर आए फजलुर्रहमान
पाकिस्तान में विपक्ष के नेता मौलाना फजलुर्रहमान ने अपनी भारत यात्रा के दौरान कहा कि वह शांति व भाईचारे का संदेश लेकर आए हैं। यहाँ दारूलउलूम पहुँचने पर पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में निरंतर सुधार हो रहा है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गत सप्ताह नई दिल्ली में हुई वार्ता के संदर्भ में एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा के पाकिस्तानी सरकार ने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए 9 प्रस्ताव दिए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन पर विचार करने का आश्वासन दिया है। कश्मीर समस्या के संबंध में मौलाना साहब ने आशावादी रवैया अपनाते हुए कहा है कि 50 वर्षों की इतनी बड़ी जटिल समस्या का एक-दो वार्ता में हल होना संभव नहीं है। लेकिन इस समस्या का समाधान अवश्य निकलेगा। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित पाकिस्तान दौरे की बाबत उनका कहना था कि निकट भविष्य में यह संभव है और हम लोग उनका ऐतिहासिक स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के रिश्ते बहुत मज़बूत हुए हैं और प्रथम बार सीमाएँ खुली हैं, व्यापार बढ़ा है तथा बसों का आवागमन आरंभ हुआ है।
(हिंदुस्तान से साभार)

(क) दिए गए समाचार में से ककार ढूँढकर लिखिए।
क्या – शांति का संदेश।
कौन – पाकिस्तान में विपक्ष के नेता मौलाना फजलुर्रहमान।
कहाँ – दारूलउलूम पहुँचने पर पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए।
कब – भारत यात्रा के दौरान।
क्यों – दोनों देशों के संबंधों में सुधार के लिए।
कैसे – दोनों देशों में वार्तालाप द्वारा।

(ख) उपर्युक्त उदाहरण के आधार पर निम्नलिखित बिंदुओं को स्पष्ट कीजिए-
इंट्रो – पाकिस्तान में विपक्ष के नेता मौलाना फजलुर्रहमान ने भारत यात्रा के दौरान शांति का संदेश दिया।
बॉडी – दारूलउलूम पहुँचने और वहाँ पत्रकार सम्मेलन में जो कुछ कहा वह सब बॉडी में सम्मिलित होगा।
समापन – भारत-पाक संबंधों में मज़बूती, सीमाओं का खुलना, व्यापार बढ़ना तथा बसों द्वारा यात्रियों का आवागमन।

(ग) उपर्युक्त उदाहरण का गौर से अवलोकन कीजिए और बताइए कि ये कौन-सी पिरामिड-शैली में है, और क्यों?
उत्तर – समाचार होने के कारण यह उल्टा पिरामिड-शैली में लिखित है। इसमें सबसे पहले इंट्रो है, बिच में बॉडी है और अंत में समापन है। अतः यह उल्टा पिरामिड-शैली का उचित उदाहरण है।

प्रश्न 3 – एक दिन के किन्हीं तीन समाचारपत्रों को पढ़िए और दिए गए बिंदुओं के संदर्भ में उनका तुलनात्मक अध्ययन कीजिए
(क) सूचनाओं का केंद्र/मुख्य आकर्षण
(ख) समाचार का पृष्ठ एवं स्थान
(ग) समाचार की प्रस्तुति
(घ) समाचार की भाषा-शैली

उत्तर – दैनिक जागरण

  • राजनीति, विदेश की घटनाएँ, खेलकूद, हरियाणा के समाचार आकर्षक ढंग से दिए गए हैं।     
  • समाचारप्रथम, तृतीय, चतुर्थ तथा सातवें पृष्ठों पर।  
  • समाचार प्रस्तुति का ढंग साधारण परंतु रोचक है और सरल, प्रवाहमय और बोधगम्य भाषाशैली है।  

दैनिक भास्कर

  • राजनीति, खेलकूद, दूरदराज के क्षेत्रों के समाचार, मनोरंजक तथा फ़िल्मी समाचारों को प्रमुखता दी गई है।
  • समाचार, तृतीय, चतुर्थ तथा छठे पृष्ठों पर।
  • समाचार प्रस्तुति का ढंग निम्न स्तर का तथा प्रभावहीन और सहज, सरल तथा सामान्य बोलचाल की भाषाशैली है।

 

नवभारत टाइम्स

  • राजनीति, मुख्य खेल समाचार, विदेश से संबंधित समाचार, सैंसेक्स का उछाल या गिरावट।
  • पहले चार पृष्ठों पर समाचार होते हैं।
  • समाचार प्रस्तुति उच्च स्तरीय, प्रभावशाली एवं रोचक है और सहज, सरल तथा साहित्यिक भाषाशैली का प्रयोग।

 

प्रश्न 4 – अपने विद्यालय और मुहल्ले के आसपास की समस्याओं पर नज़र डालें। जैसेपानी की कमी, बिजली की कटौती, खराब सड़कें, सफाई की दुर्व्यवस्था। इनमें से किन्हीं दो विषयों पर रिपोर्ट तैयार करें और अपने शहर के अखबार में भेजें।
उत्तर
पानी की कमी
दरअसल हमारे नगर में पूरा वर्ष ही पानी की कमी बनी रहती है परंतु मई तथा जून के महीनों में गर्मी अत्यधिक होने से पानी की कमी लोगों के लिए चिंता का विषय बन जाती है। गर्मियों के दिनों में सवेरे केवल एक घंटे के लिए पानी आता है फिर सीधे शाम को दो घंटे के लिए। कभीकभी तो दिनभर पानी नहीं आता। कई बार तो गर्मियों में लोग अपनी आवश्यकता के लिए भी पानी इकट्ठा नहीं कर पाते। इसके निवारण के लिए समाज के सुविधाभोगी लोगों ने अपने घरों में बिजली की मोटरें लगवा रखी हैं। जैसे पानी आता है तो यह मोटरें सारा पानी खींच लेती हैं। गरीब लोगों को पीने के लिए भी पानी नहीं मिलता। इस समस्या के समाधान के लिए यद्यपि कमेटी ने टैंकरों द्वारा पानी भेजने का प्रबंध कर रखा है पर वे भी रोज दर्शन नहीं देते हैं। पानी की कमी के कारण घरों में लगे पौधे सूख गए हैं तथा यहाँ तक की गर्मी होने पर भी सप्ताह में एकदो बार ही नहाना हो सकता है। पीने को पानी मिल जाए यही सोचना लगा रहता है। एक ओर लगता है कि पता नहीं यह पानी की कमी कब समाप्त होगी। परन्तु दूसरी ओर जहाँ गरीब लोगों के पास पीने के लिए पानी नहीं है, वहीँ बड़ीबड़ी कोठियों में दिन भर फव्वारे चलते रहते हैं और उनके घरों के प्रांगण हरेभरे दिखाई देते हैं पर इस ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। कहने का तात्पर्य यह है कि पानी को भी इंसानियत देख कर है बल्कि पैसा देख कर बांटा जा रहा है। जाने इसका निवारण कब होगा।

बिजली की कटौती
एक ओर तो मईजून के महीने में भीषण गर्मी और दिनभर लू चलने से लोग परेशान है साथ ही रात को मच्छरों की भिनभिनाहट चैन से सोने नहीं देती। वहीँ दूसरी ओर बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों का जीना दूभर कर रखा है। हर दिन में पाँच घंटे के लिए नियमित रूप से बिजली जाती ही है, परंतु बीचबीच में अलग से एकएक घंटे का कट लगता रहता है। इस कि बिजली के कार्यालय में शिकायत करो तो वहाँ कोई सुनने वाला नहीं है। समाचारपत्रों के माध्यम से भी समयसमय पर बिजली कटौती के समाचार छपते रहते हैं, परंतु सरकार के कानों पर इसकी जूं तक नहीं रेंगती। राज्य के मुख्यमंत्री बारबार यहीं बयान देते रहते हैं कि शीघ्र ही बिजली की इस परेशानी को दूर किया जाएगा। शहर  शहर गाँव में भी बिजली की कटौती के कारण त्राहित्राहि मची हुई है। नहरों में पानी नहीं है, और ट्यूबवैल चलाने के लिए बिजली नहीं है जिससे किसानों की फसलें सूख रही हैं। लोगों को समझ में नहीं रहा है कि आखिर वे किससे फरियाद करें और किसके सामने गुहार लगाएँ। समझ में नहीं आता कि यह स्थिति कब तक चलने वाली है।

 

प्रश्न 5 – किसी क्षेत्र विशेष से जुड़े व्यक्ति से साक्षात्कार करने के लिए प्रश्नसूची तैयार कीजिए, जैसे
संगीत/नृत्य
चित्रकला
शिक्षा
अभिनय
साहित्य
खेल

 उत्तर – आज के दौर में क्रिकेट प्रेमियों के बढ़ते रुझान को देखते हुए, क्रिकेट के खिलाड़ी से साक्षात्कार करने के लिए पूछे गए प्रश्नों की सूची-
आपने क्रिकेट खेलना कब आरंभ किया?
रणजी ट्रॉफी में आपको खेलने का मौका कब मिला?
जिला स्तर पर आपने सर्वाधिक कितने रन बनाए?
क्या इस बार भी आपको आई.पी.एल. में खेलने का मौका मिल रहा है?
क्या आपने कभी बॉलिंग के साथ-साथ बेटिंग भी की है?
आपका रणजी ट्रॉफी के मैचों में कैसा प्रदर्शन रहा हैं?
क्या आपको कभी राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने का मौका मिला है?
क्या आप अपने वर्तमान खेल में अपने योगदान से संतुष्ट हैं?
क्रिकेट में इतना अच्छा प्रदर्शन करने के बाद सरकार की ओर से क्या आपको कोई सुविधा प्राप्त हुई है?
क्रिकेट खेलने के अतिरिक्त आपकी जीविका का कोई और साधन भी हैं?
आप अपने जीवन में और क्या लक्ष्य रखते हैं?

 

प्रश्न 6 – आप अखबार के मुख पृष्ठ पर कौन-से छह समाचार शीर्षक सुर्खियाँ (हेडलाइन) देखना चाहेंगे। उन्हें लिखिए।
उत्तर – हम अखबार के मुख्य पृष्ठ पर निम्नलिखित समाचार शीर्षक देखना चाहेंगे-
भारत-पाक में स्थायी शांति समझौता।
ग्रामीण क्षेत्रों ने अपने विकास का दायित्व स्वयं संभाला।
कश्मीर के आम नागरिकों ने आतंकवादी संगठनों का पूर्णतः विरोध किया।
भारत के नाम क्रिकेट विश्व कप की ट्रॉफी।
भारत ने आर्थिक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नियम बनाए।

 

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया पाठ पर आधारित अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर – (Important Question Answers)

 

प्रश्न 1 – एक अच्छा पत्रकार या लेखक बनने के लिए क्या आवश्यक है?
उत्तर एक अच्छा पत्रकार या लेखक बनने के लिए यह आवश्यक है कि उसे विभिन्न जनसंचार माध्यमों में लिखने की अलगअलग शैलियों का ज्ञान हो। अखबारों या पत्रिकाओं में समाचार, फीचर, विशेष रिपोर्ट, लेख और टिप्पणियाँ प्रकाशित होती हैं और इन सबको लिखने की अलगअलग पद्धति है जिनका ज्ञान होना एक अच्छे पत्रकार या लेखक बनने के लिए आवश्यक है। जैसेसमाचार लेखन में उलटा पिरामिडशैली का उपयोग किया जाता है। समाचार लिखते हुए छह ककारों का ध्यान रखना ज़रूरी है। समाचार लेखन के विपरीत फीचर लेखन में उलटा पिरामिड के बजाए फीचर की शुरुआत कहीं से भी हो सकती है। जबकि विशेष रिपोर्ट के लेखन में तथ्यों की खोज और विश्लेषण पर जोर दिया जाता है। समाचारपत्रों में विचारपरक लेखन के तहत लेख, टिप्पणियों और संपादकीय लेखन में भी विचारों और विश्लेषण पर जोर होता है। सामान्य तौर पर देखा गया है कि हर नए लेखक की अखबारों में लिखने और छपने की इच्छा होती है। एक अच्छा पत्रकार या लेखक बनने के लिए इन सभी बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक होता है।

 प्रश्न 2 – अखबारों के लिए लेखन आसान भी है और मुश्किल भी। कैसे?
उत्तर अखबारों के लिए लेखन आसान भी है और मुश्किल भी। आसान इसलिए क्योंकि अगर आप पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूपों और उनकी लेखन प्रक्रिया की बारीकियों से परिचित का ज्ञान रखते हैं तो अखबारों के लिए लिखना बहुत सहज और आसान हो जाता है, परन्तु अगर आप पत्रकारीय लेखन की प्रक्रिया और उसके तौरतरीकों से परिचित नहीं हैं तो आसान दिखने वाला लेखन बहुत मुश्किल और पसीना छुड़ाने वाला साबित हो सकता है।

 प्रश्न 3 – अच्छे लेखन के लिए किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है?
उत्तर अच्छे लेखन के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक होता है

  • जटिल व् कठिन वाक्य की तुलना में सरल व् छोटे वाक्य लिखने चाहिए।
  • आम बोलचाल में प्रयोग की जाने वाली भाषा और शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • गैरज़रूरी शब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए।
  • शब्दों को प्रयोग उनके वास्तविक अर्थ को समझकर ही करना चाहिए।
  • यदि आप अच्छा लिखना चाहते हैं तो जानेमाने लेखकों की रचनाएँ ध्यान से पढ़नी चाहिए क्योंकि अच्छा लिखने के लिए अच्छा पढ़ना भी बहुत ज़रूरी है।
  • लेखन में विविधता लाने के लिए छोटे वाक्यों के साथसाथ कुछ मध्यम आकार के और कुछ बड़े वाक्यों का प्रयोग कर सकते हैं। इसके साथसाथ मुहावरों और लोकोक्तियों के प्रयोग से लेखन को आकर्षक बनाया जा सकता है।
  • लेखन में कसावट बहुत ज़रूरी है। इसके लिए अपने लिखे हुए को दोबारा ज़रूर पढ़ना चाहिए और उसमें हुई अशुद्धियों के साथसाथ गैरज़रूरी चीजों को हटाने में संकोच नहीं करना चाहिए। 
  • लिखते हुए यह ध्यान रखिए कि आपका उद्देश्य अपनी भावनाओं, विचारों और तथ्यों को व्यक्त करना है कि दूसरे को प्रभावित करना।
  • एक अच्छे लेखक को पूरी दुनिया से लेकर अपने आसपास घटने वाली घटनाओं, समाज और पर्यावरण पर गहरी निगाह रखनी चाहिए अर्थात उसे इन सभी का गहराई से ज्ञान होना चाहिए।
  • एक अच्छे लेखक में तथ्यों को जुटाने और किसी विषय पर बारीकी से विचार करने का धैर्य होना चाहिए।


प्रश्न 4 – पत्रकारीय लेखन क्या है?
उत्तर यदि कोई पत्रकारीय लेखन के किसी भी रूप में दिलचस्पी रखता है तो कोशिश करने वाले हर नए लेखक के लिए सबसे पहले यह समझना बहुत ज़रूरी है कि पत्रकारीय लेखन क्या है, समाज में उसकी भूमिका क्या है और वह अपनी इस भूमिका को कैसे पूरा करता है? दरअसल, अखबारपाठकों को सूचना देने, उन्हें जागरूक रखने और लोकतांत्रिक समाजों में एक पहरेदार, शिक्षक और जनमत निर्माता के तौर पर बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। अखबार पाठकों के लिए बाहरी दुनिया के ज्ञान का ऐसा जरिया है जो हर रोज़ सुबह देशदुनिया और पासपड़ोस की घटनाओं, समस्याओं, मुद्दों और विचारों से पाठकों को अवगत करवाते हैं। अखबार या अन्य समाचार माध्यमों में काम करने वाले पत्रकार अपने पाठकों, दर्शकों और श्रोताओं तक सूचनाएँ पहुँचाने के लिए लेखन के विभिन्न रूपों का इस्तेमाल करते हैं। इसे ही पत्रकारीय लेखन कहते हैं।

प्रश्न 5 – पत्रकार कितनी तरह के होते हैं?
उत्तर पत्रकार तीन तरह के होते हैंपूर्णकालिक, अंशकालिक और फ्रीलांसर यानी स्वतंत्र। पूर्णकालिक पत्रकार किसी समाचार संगठन में काम करने वाला नियमित वेतन भोगी कर्मचारी होता है जबकि अंशकालिक पत्रकार (स्ट्रिंगर) किसी समाचार संगठन के लिए एक निश्चित मानदेय पर काम करने वाला पत्रकार है। लेकिन फ्रीलांसर पत्रकार का संबंध किसी खास अखबार से नहीं होता है बल्कि वह भुगतान के आधार पर अलगअलग अखबारों के लिए लिखता है।

प्रश्न 6 – पत्रकारिता और सृजनात्मक लेखन में अंतर् स्पष्ट कीजिए।
उत्तर पत्रकारिता और सृजनात्मक लेखन में अंतर्
यह माना जाता है कि पत्रकारिता जल्दी में लिखा गया साहित्य है। लेकिन यह साहित्यिक और सृजनात्मक लेखन से अलग है
पहला, पत्रकारीय लेखन साहित्यिकसृजनात्मक लेखन से इस मायने में अलग है कि कविता, कहानी, उपन्यास आदि कल्पना से सम्बंधित है और पत्रकारिता का रिश्ता तथ्यों से है कि कल्पना से।
दूसरा, पत्रकारीय लेखन साहित्यिकसृजनात्मक लेखन से इस मायने में भी अलग है कि यह अनिवार्य रूप से तात्कालिकता और अपने पाठकों की रुचियों और ज़रूरतों को ध्यान में रखकर किया जाने वाला लेखन है। जबकि साहित्यिक रचनात्मक लेखन में लेखक को काफी छूट होती है।

प्रश्न 7 – अखबार और पत्रिका के लिए लिखने वाले लेखक और पत्रकार को किन बातों को हमेशा याद रखना चाहिए?
उत्तर अखबार और पत्रिका के लिए लिखने वाले लेखक और पत्रकार को निम्नलिखित बातों को हमेशा याद रखना चाहिए
कि वह विशाल समुदाय के लिए लिख रहा है जिसमें एक विश्वविद्यालय के कुलपति जैसे विद्वान से लेकर कम पढ़ालिखा मज़दूर और किसान सभी शामिल हैं। इसलिए उसकी लेखन शैली, भाषा और गूढ़ से गूढ़ विषय की प्रस्तुति ऐसी सहज, सरल और रोचक होनी चाहिए कि वह आसानी से सबकी समझ में जाए।
पत्रकारीय लेखन में अलंकारिकसंस्कृतनिष्ठ भाषाशैली के बजाय आम बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।
पाठकों को ध्यान में रखकर ही अखबारों में सीधी, सरल, साफसुथरी लेकिन प्रभावी भाषा के इस्तेमाल पर जोर दिया जाता है।
शब्द सरल और आसानी से समझ में आने वाले होने चाहिए।
वाक्य छोटे और सहज होने चाहिए।
जटिल और लंबे वाक्यों से बचना चाहिए।
भाषा को प्रभावी बनाने के लिए गैरज़रूरी विशेषणों, मुहावरों व् लोकोक्तियों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

प्रश्न 8 – समाचार कैसे लिखा जाता है?
उत्तर पत्रकारीय लेखन का सबसे जानापहचाना रूप समाचार लेखन है। आमतौर पर अखबारों में समाचार पूर्णकालिक और अंशकालिक पत्रकार लिखते हैं, जिन्हें संवाददाता या रिपोर्टर भी कहते हैं। अखबारों में प्रकाशित अधिकांश समाचार एक खास शैली में लिखे जाते हैं। इन समाचारों में किसी भी घटना, समस्या या विचार के सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य, सूचना या जानकारी को सबसे पहले पैराग्राफ में लिखा गया है। उसके बाद के पैराग्राफ में उससे कम महत्त्वपूर्ण सूचना या तथ्य की जानकारी दी गई है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक समाचार खत्म नहीं हो जाता। समाचार लेखन की उलटा पिरामिडशैली (इंवर्टेड पिरामिड स्टाइल) के नाम से जाना जाता है। यह समाचार लेखन की सबसे लोकप्रिय, उपयोगी और बुनियादी शैली है।

प्रश्न 9 – उलटा पिरामिडशैली से क्या आशय है?
उत्तर समाचार लेखन को उलटा पिरामिडशैली (इंवर्टेड पिरामिड स्टाइल) के नाम से जाना जाता है। यह समाचार लेखन की सबसे लोकप्रिय, उपयोगी और बुनियादी शैली है। यह शैली कहानी या कथा लेखन की शैली के ठीक उलटी है जिसमें क्लाइमेक्स बिलकुल आखिर में आता है। इसे उलटा पिरामिड इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य या सूचनायानी क्लाइमेक्स’ पिरामिड के सबसे निचले हिस्से में नहीं होती बल्कि इस शैली में पिरामिड को उलट दिया जाता है। इसका प्रयोग 19वीं सदी के मध्य से ही शुरू हो गया था लेकिन इसका विकास अमेरिका में गृहयुद्ध के दौरान हुआ। उस समय संवाददाताओं को अपनी खबरें टेलीग्राफ संदेशों के  ज़रिये भेजनी पड़ती थीं जिसकी सेवाएँ महँगी, अनियमित और दुर्लभ थीं। कई बार तकनीकी कारणों से सेवा ठप्प हो जाती थी। इसलिए संवाददाताओं को किसी घटना की खबर कहानी की तरह विस्तार से लिखने के बजाय संक्षेप में देनी होती थी। इस तरह उलटा पिरामिडशैली का विकास हुआ और धीरेधीरे लेखन और संपादन की सुविधा के कारण यह शैली समाचार लेखन की मानक (स्टैंडर्ड) शैली बन गई।

प्रश्न 10 – समाचार लेखन करते हुए किन छह ककारों का ध्यान रखना होता है?
उत्तर –  किसी समाचार को लिखते हुए मुख्यतः छह सवालों का जवाब देने की कोशिश की जाती है क्या हुआ, किसके साथ हुआ, कहाँ हुआ, कब हुआ, कैसे और क्यों हुआ? इसक्या, किसके (या कौनद्ध), कहाँ, कब, क्यों और कैसेको छह ककारों के रूप में भी जाना जाता है। किसी घटना, समस्या या विचार से संबंधित खबर लिखते हुए इन छह ककारों को ही ध्यान में रखा जाता है।

प्रश्न 11 – समाचार लेखन में छः ककारों को किस प्रकार प्रयोग किया जाता है?
उत्तर समाचार के मुखड़े (इंट्रो) यानी पहले पैराग्राफ या शुरुआती दोतीन पंक्तियों में आमतौर पर तीन या चार ककारों को आधार बनाकर खबर लिखी जाती है। ये चार ककार हैंक्या, कौन, कब और कहाँ? इसके बाद समाचार की बॉडी में और समापन के पहले बाकी दो ककारोंकैसे और क्योंका जवाब दिया जाता है। इस तरह छह ककारों के आधार पर समाचार तैयार होता है। इनमें से पहले चार ककारक्या, कौन, कब और कहाँसूचनात्मक और तथ्यों पर आधारित होते हैं जबकि बाकी दो ककारोंकैसे और क्योंमें विवरणात्मक, व्याख्यात्मक और विश्लेषणात्मक पहलू पर जोर दिया जाता है।

प्रश्न 12 – फीचर क्या है?
उत्तर अखबारों में समाचारों के अलावा भी अन्य कई तरह का पत्रकारीय लेखन छपता है। इनमें फीचर प्रमुख है। फीचर एक सुव्यवस्थित, सृजनात्मक और आत्मनिष्ठ लेखन है जिसका उद्देश्य पाठकों को सूचना देने, शिक्षित करने के साथ मुख्य रूप से उनका मनोरंजन करना होता है।

प्रश्न 13 – समाचार और फीचर में अंतर् स्पष्ट कीजिए।
उत्तर समाचार और फीचर के बीच निम्नलिखित अंतर् है – 

  • फीचर समाचार की तरह पाठकों को तात्कालिक घटनाक्रम से अवगत नहीं कराता।
  • फीचर लेखन की शैली भी समाचार लेखन की शैली से अलग होती है।
  • समाचार लेखन में वस्तुनिष्ठता और तथ्यों की शुद्धता पर जोर दिया जाता है यानी समाचार लिखते हुए रिपोर्टर उसमें अपने विचार नहीं डाल सकता जबकि फीचर में लेखक के पास अपनी राय या दृष्टिकोण और भावनाएँ जाहिर करने का अवसर होता है।
  • फीचर लेखन में उलटा पिरामिडशैली का प्रयोग नहीं होता यानी फीचर लेखन का कोई एक तय ढाँचा या फार्मूला नहीं होता है।
  •  फीचर लेखन की शैली काफी हद तक कथात्मक शैली की तरह है।
  • फीचर लेखन की भाषा समाचारों के विपरीत सरल, रूपात्मक, आकर्षक और मन को छूनेवाली होती है।
  • फीचर में समाचारों की तरह शब्दों की कोई अधिकतम सीमा नहीं होती।
  • फीचर आमतौर पर समाचार रिपोर्ट से बड़े होते हैं। अखबारों और पत्रिकाओं में 250 शब्दों से लेकर 2000 शब्दों तक के फीचर छपते हैं।
  • एक अच्छे और रोचक फीचर के साथ फोटो, रेखांकन, ग्राफ़िक्स आदि का होना ज़रूरी है।
  • फीचर का विषय कुछ भी हो सकता है। हलकेफुलके विषयों से लेकर गंभीर विषयों और मुद्दों पर भी फीचर लिखा जा सकता है।
  • कुछ समाचारों को फीचर शैली में भी लिखा जाता है। लेकिन हर समाचार को फीचर शैली में नहीं लिखा जा सकता है।


प्रश्न 14 – फीचर लिखते हुए किन बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है?
उत्तर फीचर लिखते हुए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है।

  • फीचर को सजीव बनाने के लिए उसमें उस विषय से जुड़े लोगों यानी पात्रों की मौजूदगी ज़रूरी है।
  • पात्रों के माध्यम से उस विषय के विभिन्न पहलुओं को सामने लाने की कोशिश कीजिए।
  • कहानी को बताने का अंदाज़ ऐसा हो कि आपके पाठक यह महसूस करें कि वे खुद देख और सुन रहे हैं।
  • फीचर को मनोरंजक होने के साथसाथ सूचनात्मक होना चाहिए।
  • फीचर कोई नीरस शोध रिपोर्ट नहीं है। वह बड़ी घटनाओं, कार्यक्रमों और आयोजनों की सूखी और बेजान रिपोर्ट भी नहीं है।
  • फीचर आमतौर पर तथ्यों, सूचनाओं और विचारों पर आधारित कथात्मक विवरण और विश्लेषण होता है।
  • फीचर की कोई कोई थीम होनी चाहिए। उस थीम के इर्दगिर्द सभी प्रासंगिक सूचनाएँ, तथ्य और विचार गुँथे होने चाहिए।


प्रश्न 15 – फीचर कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर फीचर कई प्रकार के होते हैं। इनमें समाचार बैकग्राउंडर, खोजपरक फीचर, साक्षात्कार फीचर, जीवनशैली फीचर, रूपात्मक फीचर, व्यक्तिचित्र फीचर, यात्रा फीचर और विशेषरुचि के फीचर प्रमुख हैं।

प्रश्न 16 – विशेष रिपोर्ट कैसे लिखते हैं?
उत्तर अखबारों और पत्रिकाओं में सामान्य समाचारों के अलावा गहरी छानबीन, विश्लेषण और व्याख्या के आधार पर विशेष रिपोर्टें भी प्रकाशित होती हैं। ऐसी रिपोर्टों को तैयार करने के लिए किसी घटना, समस्या या मुद्दे की गहरी छानबीन की जाती है। उससे संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्यों को इकट्टा किया जाता है। तथ्यों के विश्लेषण के ज़रिये उसके नतीजे, प्रभाव और कारणों को स्पष्ट किया जाता है।

प्रश्न 17 – विशेष रिपोर्ट के कितने प्रकार होते हैं?
उत्तर विशेष रिपोर्ट के भी कई प्रकार होते हैं। खोजी रिपोर्ट (इंवेस्टिगेटिव रिपोर्ट), इनडेप्थ रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट और विवरणात्मक रिपोर्टविशेष रिपोर्टों के  कुछ प्रमुख प्रकार हैं।

प्रश्न 18 – संपादकीय लेखन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित होने वाले संपादकीय को अखबार की आवाज़ माना जाता है। संपादकीय के ज़रिये अखबार किसी घटना, समस्या या मुद्दे के प्रति अपनी राय प्रकट करते हैं। संपादकीय किसी व्यक्ति विशेष का विचार नहीं होता इसलिए उसे किसी के नाम के साथ नहीं छापा जाता। संपादकीय लिखने का दायित्व उस अखबार में काम करने वाले संपादक और उनके सहयोगियों पर होता है। आमतौर पर अखबारों में सहायक संपादक, संपादकीय लिखते हैं। कोई बाहर का लेखक या पत्रकार संपादकीय नहीं लिख सकता है।

प्रश्न 19 – स्तंभ (कॉलम) लेखन से क्या अभिप्राय है?
उत्तर स्तंभ लेखन भी विचारपरक लेखन का एक प्रमुख रूप है। कुछ महत्त्वपूर्ण लेखक अपने खास वैचारिक रुझान के लिए जाने जाते हैं। उनकी अपनी एक लेखनशैली भी विकसित हो जाती है। ऐसे लेखकों की लोकप्रियता को देखकर अखबार उन्हें एक नियमित स्तंभ (कॉलम) लिखने का जिम्मा दे देते हैं। स्तंभ (कॉलम) का विषय चुनने और उसमें अपने विचार व्यक्त करने की स्तंभ (कॉलम) लेखक को पूरी छूट होती है। स्तंभ (कॉलम) में लेखक के विचार अभिव्यक्त होते हैं। यही कारण है कि स्तंभ (कॉलम) अपने लेखकों के नाम पर जाने और पसंद किए जाते हैं। कुछ स्तंभ (कॉलम) इतने लोकप्रिय होते हैं कि अखबार उनके कारण भी पहचाने जाते हैं। लेकिन नए लेखकों को स्तंभ (कॉलम) लेखन का मौका नहीं मिलता है।

प्रश्न 20 – साक्षात्कार/इंटरव्यू  को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर समाचार माध्यमों में साक्षात्कार का बहुत महत्त्व है। पत्रकार एक तरह से साक्षात्कार के ज़रिये ही समाचार, फीचर, विशेष रिपोर्ट और अन्य कई तरह के पत्रकारीय लेखन के लिए कच्चा माल इकट्टा करते हैं।
पत्रकारिय साक्षात्कार और सामान्य बातचीत में यह फर्क होता है कि साक्षात्कार में एक पत्रकार किसी अन्य व्यक्ति से तथ्य, उसकी राय और भावनाएँ जानने के लिए सवाल पूछता है।
साक्षात्कार से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • साक्षात्कार का एक स्पष्ट मकसद और ढाँचा होता है।
  • एक सफल साक्षात्कार के  लिए आपके पास सिर्फ ज्ञान होना चाहिए बल्कि आपमें संवेदनशीलता, कूटनीति, धैर्य और साहस जैसे गुण भी होने चाहिए।
  • एक अच्छे और सफल साक्षात्कार के लिए यह ज़रूरी है कि आप जिस विषय पर और जिस व्यक्ति के साथ साक्षात्कार करने जा रहे हैं, उसके बारे में आपके पास पर्याप्त जानकारी हो।
  • आप साक्षात्कार से क्या निकालना चाहते हैं, इसके बारे में स्पष्ट रहना बहुत ज़रूरी है।
  • आपको वे सवाल पूछने चाहिए जो किसी अखबार के एक आम पाठक के मन में हो सकते हैं।
  • साक्षात्कार को अगर रिकार्ड करना संभव हो तो बेहतर है लेकिन अगर ऐसा संभव हो तो साक्षात्कार के दौरान आप नोट्स लेते रहें।
  • साक्षात्कार को लिखते समय आप दो में से कोई भी एक तरीका अपना सकते हैं। एकआप साक्षात्कार को सवाल और फिर जवाब के रूप में लिख सकते हैं या फिर उसे एक आलेख की तरह से भी लिख सकते हैं।

 

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया पाठ पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न और उत्तर (Multiple Choice Questions)

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) एक प्रकार का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन है जिसमें एक व्यक्ति को उपलब्ध विकल्पों की सूची में से एक या अधिक सही उत्तर चुनने के लिए कहा जाता है। एक एमसीक्यू कई संभावित उत्तरों के साथ एक प्रश्न प्रस्तुत करता है।

प्रश्न 1 – एक अच्छा पत्रकार या लेखक बनने के लिए क्या ज़रूरी है?
(क) विभिन्न शैक्षणिक माध्यमों में लिखने की अलग-अलग शैलियों से परिचित होना
(ख) विभिन्न प्रादेशिक भाषाओं में लिखने की अलग-अलग शैलियों से परिचित होना
(ग) विभिन्न जनसंचार माध्यमों में लिखने की अलग-अलग शैलियों से परिचित होना
(घ) विभिन्न सांस्कृतिक माध्यमों में लिखने की अलग-अलग शैलियों से परिचित होना
उत्तर – (ग) विभिन्न जनसंचार माध्यमों में लिखने की अलग-अलग शैलियों से परिचित होना

प्रश्न 2 – समाचार लेखन में किस शैली का उपयोग किया जाता है?
(क) पिरामिड-शैली
(ख) उलटा पिरामिड-शैली
(ग) सीधा पिरामिड-शैली
(घ) तिरछा पिरामिड-शैली
उत्तर – (ख) उलटा पिरामिड-शैली

प्रश्न 3 – समाचार लिखते हुए कितने ककारों का ध्यान रखना ज़रूरी है?
(क) छह
(ख) चार
(ग) तीन
(घ) पांच
उत्तर – (क) छह

प्रश्न 4 – फीचर लेखन की शुरुआत कहाँ से की जाती है?
(क) उलटा पिरामिड शैली के द्वारा
(ख) कहीं से भी हो सकती है
(ग) बॉडी से
(घ) मुख्य बात से
उत्तर – (ख) कहीं से भी हो सकती है

प्रश्न 5 – विशेष रिपोर्ट के लेखन में किस पर जोर दिया जाता है?
(क) तथ्यों की खोज पर
(ख) तथ्यों के विश्लेषण पर
(ग) उलटा पिरामिड शैली पर
(घ) तथ्यों की खोज और विश्लेषण पर
उत्तर – (घ) तथ्यों की खोज और विश्लेषण पर

प्रश्न 6 – लोकतांत्रिक समाजों में अखबार किसके तौर पर महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं?
(क) एक पहरेदार के तौर पर
(ख) जनमत निर्माता के तौर पर
(ग) शिक्षक के तौर पर
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 7 – निम्नलिखित में से पत्रकार कैसे होते हैं?
(क) पूर्णकालिक
(ख) अंशकालिक
(ग) फ्रीलांसर यानी स्वतंत्र
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 8 – पत्रकार कितनी तरह के होते हैं?
(क) तीन
(ख) चार
(ग) पांच
(घ) छह
उत्तर – (क) तीन

प्रश्न 9 – पूर्णकालिक पत्रकार कौन होता है?
(क) किसी समाचार संगठन के लिए एक निश्चित मानदेय पर काम करने वाला पत्रकार
(ख) वह भुगतान के आधार पर अलग-अलग अखबारों के लिए लिखता है
(ग) किसी समाचार संगठन में काम करने वाला नियमित वेतन भोगी कर्मचारी
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ग) किसी समाचार संगठन में काम करने वाला नियमित वेतन भोगी कर्मचारी

प्रश्न 10 – अंशकालिक पत्रकार (स्ट्रिंगर) कौन होता है?
(क) किसी समाचार संगठन के लिए एक निश्चित मानदेय पर काम करने वाला पत्रकार
(ख) वह भुगतान के आधार पर अलग-अलग अखबारों के लिए लिखता है
(ग) किसी समाचार संगठन में काम करने वाला नियमित वेतन भोगी कर्मचारी
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (क) किसी समाचार संगठन के लिए एक निश्चित मानदेय पर काम करने वाला पत्रकार

प्रश्न 11 – फ्रीलांसर पत्रकार कौन होता है?
(क) किसी समाचार संगठन के लिए एक निश्चित मानदेय पर काम करने वाला पत्रकार
(ख) वह भुगतान के आधार पर अलग-अलग अखबारों के लिए लिखता है
(ग) किसी समाचार संगठन में काम करने वाला नियमित वेतन भोगी कर्मचारी
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (ख) वह भुगतान के आधार पर अलग-अलग अखबारों के लिए लिखता है

प्रश्न 12 – उलटा पिरामिड-शैली का प्रयोग कब से शुरू हो गया था?
(क) 19वीं सदी के मध्य से
(ख) 18वीं सदी के मध्य से
(ग) 20वीं सदी के मध्य से
(घ) 17वीं सदी के मध्य से
उत्तर – (क) 19वीं सदी के मध्य से

प्रश्न 13 – उलटा पिरामिड-शैली का विकास कब हुआ?
(क) इंगलेंड में गृहयुद्ध के दौरान
(ख) जापान में गृहयुद्ध के दौरान
(ग) चीन में गृहयुद्ध के दौरान
(घ) अमेरिका में गृहयुद्ध के दौरान
उत्तर – (घ) अमेरिका में गृहयुद्ध के दौरान

प्रश्न 14 – किसी समाचार को लिखते हुए मुख्यतः कितने सवालों का जवाब देने की कोशिश की जाती है?
(क) छह
(ख) चार
(ग) पाँच
(घ) सात
उत्तर – (क) छह

प्रश्न 15 – छह ककारों के आधार पर समाचार तैयार होता है। इनमें से पहले चार ककार-क्या, कौन, कब और कहाँ- किस परआधारित होते हैं?
(क) विवरणात्मक पहलू पर
(ख) विश्लेषणात्मक पहलू पर
(ग) सूचनात्मक और तथ्यों पर
(घ) व्याख्यात्मक पहलू पर
उत्तर – (ग) सूचनात्मक और तथ्यों पर

प्रश्न 16 – विशेष रिपोर्ट के कुछ प्रमुख प्रकार कौन से हैं?
(क) खोजी रिपोर्ट (इंवेस्टिगेटिव रिपोर्ट)
(ख) विश्लेषणात्मक रिपोर्ट और विवरणात्मक रिपोर्ट
(ग) इन-डेप्थ रिपोर्ट
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 17 – खोजी रिपोर्ट का इस्तेमाल आमतौर पर कब किया जाता है?
(क) भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए
(ख) गड़बड़ियों को उजागर करने के लिए
(ग) अनियमितताओं को उजागर करने के लिए
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 18 – पत्रकार किसके ज़रिये समाचार, फीचर, विशेष रिपोर्ट और अन्य कई तरह के पत्रकारीय लेखन के लिए कच्चा माल इकट्टा करते हैं?
(क) पत्रकारिता के ज़रिये
(ख) साक्षात्कार के ज़रिये
(ग) रिपोर्टिंग के ज़रिये
(घ) अखबार के ज़रिये
उत्तर – (ख) साक्षात्कार के ज़रिये

प्रश्न 19 – पत्रकारिय साक्षात्कार और सामान्य बातचीत में क्या फर्क होता है?
(क) साक्षात्कार में एक पत्रकार किसी अन्य व्यक्ति से तथ्य जानने के लिए सवाल पूछता है
(ख) साक्षात्कार में एक पत्रकार किसी अन्य व्यक्ति से उसकी राय जानने के लिए सवाल पूछता है
(ग) साक्षात्कार में एक पत्रकार किसी अन्य व्यक्ति से भावनाएँ जानने के लिए सवाल पूछता है
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी

प्रश्न 20 – संपादकीय लिखने का दायित्व किस पर होता है?
(क) अखबारों में सहायक संपादक पर
(ख) उस अखबार में काम करने वाले संपादक और उनके सहयोगियों पर
(ग) बाहर के लेखक या पत्रकार संपादकीय पर
(घ) अखबार के एडिटर पर
उत्तर – (ख) उस अखबार में काम करने वाले संपादक और उनके सहयोगियों पर

 

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